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WTC Final: टॉस बनेगा बॉस? विराट जब भी टॉस जीते, भारत से हारा न्यूजीलैंड; बतौर कप्तान ऐसा है कोहली का रिकॉर्ड

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कागजों पर दोनों टीमें बराबरी की लग रही है, लेकिन सीम और स्विंग की मददगार परिस्थितियों में कीवी गेंदबाज कहर बरपा सकते हैं। इंग्लैंड ने हालिया टेस्ट सीरीज में यह अनुभव भी किया है। फाइनल का अपना दबाव होता है। रोहित शर्मा या शुभमन गिल से बेहतर इसे कौन समझ सकता है।

ऐतिहासिक डब्ल्यूटीसी फाइनल में केन विलियमसन और विराट कोहली शुक्रवार से साउथम्प्टन में अपनी-अपनी टीमों की अगुआई करेंगे। (फाइल फोटो)

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 जून से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाना है। इंग्लैंड के साउथम्प्टन में होने वाले इस मुकाबले में टॉस एक बार फिर बॉस बन सकता है। दरअसल, विराट कोहली की अगुआई में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अब तक 5 टेस्ट मैच खेले हैं। इसमें से जब-जब विराट कोहली ने टॉस जीता है, टीम इंडिया न्यूजीलैंड को पटखनी देने में सफल रही है।

विराट कोहली ने अब तक 91 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने 60 मैच में टीम इंडिया की अगुआई की है और 36 में भारत को जीत दिलाई है। विराट कोहली ने 60 में से 27 मैच में टॉस जीता है, जबकि 33 बार हारा है। विराट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 में से 3 टेस्ट मैच में टॉस जीता है और तीनों में टीम इंडिया विपक्षी टीम को हराने में सफल रही है। ओवरऑल बात करें तो विराट कोहली ने जिन टेस्ट में टॉस जीता, उसमें से 22 मैच में टीम इंडिया ने जीत हासिल की, सिर्फ 5 में उसे हार झेलनी पड़ी।

वहीं, टॉस हारने की सूरत में वह 14 बार ही टीम इंडिया को जिता पाए, जबकि 19 बार हार का सामना करना पड़ा। विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विदेश में दो टेस्ट मैच खेले। दोनों में वह टॉस हार गए और टीम इंडिया को भी हार झेलनी पड़ी। जहां तक कोहली का सवाल है तो भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में होने के बावजूद वह आईसीसी का कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं जीत पाए हैं।

विराट कोहली ‘आक्रामकता’ और केन विलियमसन की ‘कूल कप्तानी’ में टक्कर

कोहली ने बतौर कप्तान अपना लोहा मनवाया है, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी से तुलना उनके लिए आसान नहीं रही है। कोहली को एक अदद खिताब की जरूरत है। वैसे तो यह हर कप्तान को होती है, लेकिन भारतीय कप्तान को सबसे ज्यादा है। ऐसे में विराट कोहली पहली विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में टेस्ट क्रिकेट की बादशाहत के साथ इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने को आतुर होंगे। जहां उनकी ‘आक्रामकता’ का सामना केन विलियमसन की ‘कूल कप्तानी’ से होगा।

भारत में सफलता का पैमाना खिताब माना जाता है और विश्व कप दिलाकर जिस तरह का सम्मान और प्यार धोनी को मिला, उसकी कमी कोहली को जरूर खल रही होगी। वह इस फाइनल के जरिये उस कमी को दूर करना चाहेंगे।

दूसरी ओर विलियमसन के पास प्रतिभाशाली और दुनिया भर में क्रिकेटप्रेमियों के लाड़ले खिलाड़ियों की फौज है। भले ही वे भारत के खिलाफ खेल रहे हैं, लेकिन विलियमसन के कवर ड्राइव, डेवोन कोंवे की आक्रामक बल्लेबाजी, ट्रेंट बोल्ट की गेंदबाजी को सराहने वालों की यहां कमी नहीं है।

वे क्रिकेट के ‘भद्रजन’ हैं जो अपने खेल और आचरण से दिल जीतते आए हैं। विश्व कप फाइनल के बाद तो शायद ही कोई क्रिकेटप्रेमी होगा जो उनका मुरीद नहीं हो। भारतीय टीम की चुनौती उनके लिए आसान नहीं होगी। जीतने वाली टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की गदा के साथ 16 लाख डॉलर इनामी राशि के तौर पर मिलेंगे।

ऐसे कई क्रिकेटर हैं जो विश्व कप नहीं जीत पाए। उनके लिए यह फाइनल विश्व कप से कम नहीं होगा। चेतेश्वर पुजारा अपने शरीर पर नील वेगनेर की शॉर्ट गेंदों को झेलने के लिए तैयार होंगे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के बाद अजिंक्य रहाणे का कद बढ़ा है। वह इस लय को कायम रखना चाहेंगे।

रविचंद्रन अश्विन सीमित ओवरों का विश्व कप शायद नहीं खेल पाए, लिहाजा इस मैच में अपनी कैरम बॉल या स्लाइडर से विलियमसन, रोस टेलर या हेनरी निकोल्स को परेशान करना चाहेंगे। चौदह साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे भारत के सबसे अनुभवी टेस्ट क्रिकेटर इशांत शर्मा विश्व चैंपियनशिप जीतने को आतुर होंगे।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं :

भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव, हनुमा विहारी, ऋद्धिमान साहा।

न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), टॉम ब्लंडेल, ट्रेंट बोल्ट, डेवोन कॉनवे, कोलिन डिग्रैंडहोम, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, टॉम लाथम, हेनरी निकोल्स, एजाज पटेल, टिम साउदी, रोस टेलर, नील वेगनेर, बीजे वाटलिंग, विल यंग।

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