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SC ने पूछा

नई दिल्ली6 घंटे पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या आप आपदा की स्थिति में संपत्तियों को कैसे संभाल सकते हैं। असल में, कोरोना महामारी के दौरान कई अंधविश्वासी लोगों की मुर्दाघर और श्मशान में अस्थियों को खराब तरीके से रखने की बात सामने आई थी। तब कोर्ट ने केस पर खुद से स्मारकीय सुनवाई शुरू की थी।

कोर्ट ने द प्रॉपर रेंट ऑफ कोविड-19 पेशेंट्स एंड डिग्नी पिरामिड हैंडलिंग ऑफ डेड बॉडीज इन हॉस्पिटल्स (कोविड का इलाज और सामान में सामान का सही नाम) का नाम दिया था।

मामले की सुनवाई कुछ दिन बाद शुरू हुई जब एक व्यक्ति ने अदालत में याचिका दायर की। उन्होंने दावा किया- कोरोना के दौरान ना तो मैंने अपनी मां का चेहरा देखा और ना ही उनका अंतिम संस्कार किया। जबकि ये सच है कि उनकी मौत कोविड-19 से नहीं हुई थी।

कोर्ट ने उनकी याचिका को भी इसी मामले में शामिल कर लिया। सीजेआई देवी चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारडीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।

बेंच ने कहा कि सरकार हलफनामे का दस्तावेजीकरण कर हमें आपदा और गैर-आपदा काल में बंधक बनाने की प्रक्रिया क्या है? इस अंक पर अब नवंबर में सुनवाई होगी।

अस्पताल में महिला का शव रखने का आरोप
साक्षात्कार के दौरान हस्तक्षेपकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि मेरे मुवक्किल की मां बदल गई और अस्पताल ने उन्हें और उनके शरीर दे दिए। बेंच ने हस्तक्षेपकर्ता के वकील से कहा कि आपने जो चुना है, उसके पृष्ठ दो-तीन में शॉर्ट नोट दर्ज करें, जिससे हम उसे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को भेज सकें।

भारत में 27 जनवरी 2020 को पहला कोरोना मिला केएस
कोविड से दुनिया में करीब 70 लाख लोग मारे गए। 30 जनवरी 2020 को इसे ग्लोबल इलेक्ट्रानिक डिक्लेयर किया गया था। कोविड से अमेरिका में सबसे ज्यादा लोग मारे गए। भारत में पहला केस केरल में 27 जनवरी 2020 को मिला था।

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दुनिया में बढ़ रहा कोरोना से मौत का पात्र; एशिया, मध्य पूर्व के देशों में सबसे आगे

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सितंबर 2023 में भारत में कोरोना के मामले और वायरस से मौत की पुष्टि की। WHO ने सभी देशों के लिए COVID-19 से साझा डेटा साझा करने की अपील की है। WHO के निदेशक जनरल टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा- यूरोप में कोरोना की वजह से भर्ती होने वाले की संख्या बढ़ी है, जबकि एशिया और मध्य पूर्व में मौत के आंकड़ों में गिरावट आई है। पढ़ें पूरी खबर…

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