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CJI की कोर्ट पहुंची भरतपुर की बार, मांगी माफी तब कहीं जाकर पिघले चंद्रचूड़

लीगल एड सर्विस के काम में टांग अड़ा रही भरतपुर की बार के होश तब ठिकाने आ गए जब सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने सभी को जेल भेजने की धमकी दी। अवमानना के मामले में आज बार के पदाधिकारी सीजेआई के सामने पेश हुए। सिर झुकाकर माफी मांगी तब कहीं जाकर चंद्रचूड़ का गुस्सा शांत हुआ। उन्होंने मामले को बंद करने का आदेश दिया। ये भी कहा कि आगे से ऐसी हिमाकत नहीं होनी चाहिए।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ भरतपुर की बार एसोसिएशन के उस रवैये से खफा थे जिसमें वकीलों को लीगल एड सर्विस में काम करने से रोका गया था। बात पता चलते ही वो भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर बार ने प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो वो सारे पदाधिकारियों को जेल भिजवा देंगे। सीजेआई ने बार के सभी पदाधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। उनका कहना था कि ये आपराधिक अवमानना है।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच एक ऐसी याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसे दायर करने वाले वकीलों का कहना था कि उनको नेशनल लीगल एड सर्विस अथॉरिटी के तहत लीगल एड डिफेंस सिस्टम में नियुक्त किया गया था। लेकिन भरतपुर की बार एसोसिएशन ने पहले उनको वहां पर जाने से रोका। वो नहीं माने तो उनको बार से सस्पेंड कर दिया गया।

लीगल एड से जुड़ने वाले वकीलों को बार ने किया था सस्पेंड 

सीजेआई को बताया गया कि बार ने अगस्त 2022 में एक प्रस्ताव पास किया था। इसमें कहा गया था कि कोई भी वकील लीगल एड सर्विस से न जुड़े। जो वकील पहले से आवेदन करके लीगल एड से जुड़ चुके थे उनको वहां से त्यागपत्र देने के लिए कहा गया। मार्च 2023 में सीजेआई ने बार के उस फैसले पर रोक लगा दी थी जिसके तहत रिट दायर करने वाले वकीलों को सस्पेंड किया गया था। भरतपुर की बार शुरू से ही लीगल एड सर्विस का विरोध कर रही है। जब ये स्कीम शुरू की गई थी तब बार के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।

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