POLITICS

BJP सांसद प्रीतम मुंडे पहलवानों के समर्थन में:बहन पंकजा बोली

  • Hindi News
  • National
  • Brij Bhushan Singh Case; Maharashtra BJP Pritam Munde Supports Wrestlers

मुंबई2 महीने पहले

  • कॉपी लिंक
प्रीतम मुंडे ने पहलवानों की बात सुनने को लेकर कहा, भले ही मैं इस सरकार का हिस्सा हूं, लेकिन हमें यह स्वीकार करना होगा कि जिस तरह से हमें पहलवानों के साथ संवाद करना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ। - Dainik Bhaskar

प्रीतम मुंडे ने पहलवानों की बात सुनने को लेकर कहा, भले ही मैं इस सरकार का हिस्सा हूं, लेकिन हमें यह स्वीकार करना होगा कि जिस तरह से हमें पहलवानों के साथ संवाद करना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ।

महाराष्ट्र की BJP सांसद प्रीतम मुंडे पहलवानों के सपोर्ट में आ गई हैं। प्रीतम मुंडे ने कहा कि जब कोई महिला इतनी गंभीर शिकायत करती है तो इसे बिना किसी संदेह के सच माना जाना चाहिए।

प्रीतम के इस बयान के थोड़ी देर बाद ही उनकी बड़ी बहन पंकजा मुंडे ने कह दिया कि, वह भाजपा की हैं लेकिन पार्टी उनकी नहीं है।

भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पहलवान एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी पार्टियां जहां पहलवानों का खुलकर समर्थन कर रही हैं। वहीं अब कुछ BJP नेता भी पार्टी रुख से अलग अपनी राय रख रहे हैं।

पहलवानों के साथ जैसी बातचीत करनी चाहिए थी, वैसी नहीं हुई
प्रीतम मुंडे ने पहलवानों की बात सुनने को लेकर कहा, भले ही मैं इस सरकार का हिस्सा हूं, लेकिन हमें यह स्वीकार करना होगा कि जिस तरह से हमें पहलवानों के साथ संवाद करना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ।

प्रीतम ने आगे कहा, यह कोई भी सरकार या कोई भी पार्टी हो सकती है। मेरा मानना है कि अगर इस स्तर के आंदोलन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, तो यह उचित नहीं है। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

तीन दिन पहले रेसलर्स गंगा में मेडल बहाने गए थे। हर की पौड़ी पर पहलवान मेडल हाथ में लेकर फूट-फूटकर रोए।

तीन दिन पहले रेसलर्स गंगा में मेडल बहाने गए थे। हर की पौड़ी पर पहलवान मेडल हाथ में लेकर फूट-फूटकर रोए।

बहन पंकजा बोली – वह भाजपा की हैं, लेकिन भाजपा उनकी नहीं
जहां प्रीतम मुंडे पहलवानों के विरोध पर पार्टी के रुख से अलग हैं, वहीं उनकी बहन पंकजा मुंडे ने कहा कि वह भाजपा की हैं, लेकिन भाजपा उनकी नहीं है। पंकजा और प्रीतम पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की बेटियां हैं, जिनकी 2014 में एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।

जहां प्रीतम मुंडे को केंद्र में मंत्रालय नहीं मिला, वहीं पंकजा को एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट में नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे मुंडे के बीच दरार की अटकलें शुरू हो गईं।

BJP सांसद बृजेंद्र सिंह भी कर चुके सपोर्ट
प्रीतम मुंडे से पहले, हरियाणा के भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह ने विरोध को ‘हृदयविदारक’ कहा क्योंकि पहलवान मंगलवार को हरिद्वार की गंगा में अपने पदक विसर्जित करने गए थे और किसान संघ के नेता नरेश टिकैत ने उन्हें रोक दिया था। बृजेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, ‘मैं अपने पहलवानों के दर्द और लाचारी को महसूस करता हूं, जो उन्हें अपने जीवन भर की कड़ी मेहनत- ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों के पदक पवित्र गंगा में फेंकने के कगार पर ले जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। यह दिल दहला देने वाला है।’

नरेश टिकैत ने रेसलर्स के मेडल और मोमेंटो वाली पोटली उनसे ले ली। उन्होंने कहा कि इन्हें गंगा में नहीं बहाना, ये राष्ट्रपति को देंगे।

नरेश टिकैत ने रेसलर्स के मेडल और मोमेंटो वाली पोटली उनसे ले ली। उन्होंने कहा कि इन्हें गंगा में नहीं बहाना, ये राष्ट्रपति को देंगे।

खेल मंत्री का कहना- इंतजार करें पहलवान
पहलवालों के प्रोटेस्ट को लेकर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, खिलाड़ियों ने कमेटी बनाने, FIR दर्ज कराने सहित जो भी मांगें की हैं, उन्हें पूरा कर दिया गया है। मामले में जांच आगे बढ़ रही है और खिलाड़ियों को जांच खत्म होने का इंतजार करना चाहिए।

खेल और खिलाड़ी दोनों ही हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत सरकार खेलो इंडिया जैसे तमाम स्कीम खिलाड़ियों के हित के लिए ही लाई है।

पहलवानों के प्रोटेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

रेसलर्स Vs बृजभूषण विवाद:कुरुक्षेत्र में आज महापंचायत; कर सकते हैं बड़ा ऐलान

भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस के अधीन विचाराधीन यौन शोषण के केसों में कोई कार्रवाई न होने की बात कहते हुए पहलवानों का मोर्चा अब भारतीय किसान यूनियन ने अपने हाथों में ले लिया है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान पर गुरुवार को मुजफ्फरनगर के फेमस सोरम चौपाल पर महापंचायत की। पढ़ें पूरी खबर…

Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button