POLITICS

BJP का शिवसेना संग संबंध भावनात्मक, NCP के साथ सियासी, फडणवीस बोले

महाराष्ट्र में बदलती राजनीतिक गतिविधियों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विद्रोह के बाद पैदा हुए सियासी हालात के बीच भाजपा नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि भाजपा का शिवसेना के साथ गठजोड़ भावनात्मक है। जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ यह गठजोड़ राजनीतिक है। शिवसेना के साथ उनका लंबे समय से रिश्ता रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा- भाजपा के साथ आने वाले का स्वागत

फडणवीस ने कहा कि जो भी हमारी पार्टी में शामिल होने को इच्छुक है, भारतीय जनता पार्टी उनका स्वागत कर सकती है, लेकिन ‘कांग्रेस जैसी सोच’ कभी भी स्वीकार नहीं होगी। वे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों के तहत भिवंडी में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की ‘महाविजय 2024’ कार्यशाला में बोल रहे थे।

भाजपा नेता बोले, “10-15 साल में एनसीपी के साथ भी भावनात्मक गठबंधन संभव”

उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ हमारा गठबंधन एक भावनात्मक गठबंधन है। भाजपा और सेना 25 साल से अधिक समय से एक साथ हैं। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ हमारा गठबंधन एक राजनीतिक गठबंधन है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा, “अगले 10-15 साल में हम एनसीपी के साथ भी भावनात्मक गठबंधन बना सकते हैं।”

महाराष्ट्र में नई सरकार बनाने के लिए शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट ने पिछले साल भाजपा से हाथ मिलाया था, जबकि अजित पवार के नेतृत्व वाला एनसीपी का विद्रोही समूह इस महीने की शुरुआत में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हुआ था।

फड़नवीस ने कहा कि कुछ लोगों ने भाजपा पर शिवसेना और राकांपा को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगाया, लेकिन यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिव सेना थी, जिसने 2019 में भाजपा की पीठ में छुरा घोंपा।

भाजपा नेता ने कहा, “जो कोई भी पार्टी में शामिल होना चाहता है हम उसका स्वागत करेंगे, लेकिन कांग्रेस जैसी सोच के लिए कोई जगह नहीं है। जो लोग तुष्टिकरण में विश्वास करते हैं वे स्वीकार्य नहीं होंगे। एआईएमआईएम या मुस्लिम लीग का एनडीए में कोई स्थान नहीं होगा।” फडणवीस ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं कर सकती है, इसलिये तुष्टिकरण जैसी बात करने वाले लोगों को मिलाना संभव नहीं है। (पीटीआई से इनपुट के साथ)

Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button