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3 साल की जेल, 5 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक… इमरान खान पर मुश्किलों का पहाड़ क्यों टूटा, किस विवाद में हैं फंसे?

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर मुश्किलों का पहाड़ एक बार फिर टूट गया है। कुछ महीने पहले ही गिरफ्तार हुए इमरान एक बार फिर जांच एजेंसियों की रडार पर आ गए हैं। तोशखाना मामले में उन्हें कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इस बार उन्हें तीन साल की सजा और पांच साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी गई है। अब जिस मामले में इमरान इस समय फंसे हुए हैं, वो कोई अभी का नहीं है, बल्कि जब वे देश के प्रधानमंत्री थे, तभी से ये विवाद उनके साथ चलता आ रहा है।

क्या होता है तोशखाना, पाक में क्यों जरूरी?

अब तोशखाना विवाद को समझने से पहले ये जानना जरूरी है कि ये तोशखाना होता क्या है। सरकारी खजाने को ही पाकिस्तान में तोशखाना कहा जाता है। असल में पाकिस्तान में जिस भी प्रधानमंत्री या बड़े नेताओं और अधिकारियों को किसी विदेशी यात्रा पर कोई उपहार मिलता है, उसे जमा करवाना जरूरी रहता है। इसे तोशखाना में ही जमा किया जाता है। अब अगर कोई पीएम चाहे तो वो उन उपहारों को अपने पास रख सकता है। लेकिन उसकी प्रक्रिया अलग रहती है। अगर कोई उन उपहारों को अपने पास रखना चाहेगा तो उसके लिए पहले उन गिफ्ट्स की नीलामी की जाएगी। उस नीलामी में जितनी उस वस्तु की कीमत होगी, उतना पैसा जमा करना अनिवार्य रहेगा।

इमरान खान पर क्या आरोप लगा है?

अब इमरान खान पर आरोप ये है कि उन्हें कई ऐसे तोहफे मिले, जिन्हें तोशखाना में जमा तो करवाया गया, लेकिन बाद में उन्हीं तोहफों को महंगे दाम में बाजार में बेच दिया। ऐसा कर इमरान ने पीएम रहते हुए भी काफी पैसा कमा लिया। बताया गया कि पीएम रहते हुए इमरान खान को 14 करोड़ के कुल 58 उपहार मिले थे। नियम के तहत पहले इमरान ने उन गिफ्ट्स को तोशखाना में जमा करवाया, लेकिन बाद में सस्ते दाम में खरीद महंगे दाम में बाजार में बेच दिया।

जांच में कहा गया कि इमरान खान ने 2,15 करोड़ रुपये में उन गिफ्ट्स को तोशखाना से खरीदा था और बाद में 5.8 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। जिन गिफ्ट्स को इमरान ने बेचा, उसमें एक ग्राफ घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घाड़ी शामिल रहीं। अब सवाल ये उठता है कि इस घपले के बारे में आखिर कब और कैसे पता चला।

इमरान की चोरी कैसे पकड़ी गई?

असल में जब इमरान खान की सत्ता चली गई थी, उन पर कई तरह के केस चल रहे थे। उन पर पीएम रहते हुए कई घोटाले करने का आरोप लग गया था। उसी कड़ी में नेशनल असेंबली में कुछ सांसदों द्वारा अध्यक्ष परवेज अशरफ को एक पत्र दिया गया। उस पत्र में दावा किया गया कि इमरान खान को जो भी गिफ्ट मिले, उसका तोशखाना में कहीं कोई जिक्र नहीं। उस पत्र की गंभीरता को समझते हुए जांच के आदेश दिए गए और पिछले साल इमरान को एक नोटिस भी थमा दिया गया।

उस नोटिस पर इमरान ने जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने कुल गिफ्ट बेच दिए थे। उस लिस्ट में ग्रेफ, रोलेक्स घड़ी, कफ़लिंक की एक जोड़ी तक शामिल रही। जब जांच के बाद आरोप सिद्ध हो गए, इमरान खान को अपने करियर का सबसे बड़ा झटका लगा और उनकी संसद सदस्यता छिन गई। अब उसी मामले में इमरान खान को गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया गया है। अभी के लिए हाई कोर्ट में फैसले को चुनौती जरूर दी गई है, लेकिन अभी पूर्व पीएम फिर मुश्किलों में घिर गए हैं।

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