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1984 सिख दंगा मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार बरी:सुल्तानपुरी में 3 लोगों की हत्या का आरोप था; एक केस में उम्रकैड होलहेल

नई दिल्ली2 घंटे पहले

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जुलाई 2010 में कडकडूमा कोर्ट ने सज्जन कुमार, ब्रह्मानंद, पेरू, कुशल सिंह और वेद प्रकाश के खिलाफ 3 लोगों की हत्या के मामले में आरोप तय किया था। - दैनिक भास्कर

जुलाई 2010 में कडकडूमा कोर्ट ने सज्जन कुमार, ब्रह्मानंद, पेरू, कुशल सिंह और वेद प्रकाश के खिलाफ 3 लोगों की हत्या के मामले में आरोप तय किया था।

1984 सिख ऐतिहासिक से जुड़े दिल्ली के सुल्तानपुरी में 3 लोगों की हत्या के मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने दफन कर दिया है। सुल्तानपुरी इलाके में 1984 के सिख रेस्तरां के दौरान 3 लोगों की हत्या हुई थी। सुल्तानपुरी दंगे में सीबीआई के एक अहम गवाह चाम कौर ने आरोप लगाया था कि सज्जन कुमार भीड़ को भड़का रहे थे।

जुलाई 2010 में कडकडूमा कोर्ट ने सज्जन कुमार, ब्रह्मानंद, पेरू, कुशल सिंह और वेद प्रकाश के खिलाफ 3 लोगों की हत्या के मामले में आरोप तय किया था। अब करीब 13 साल बाद कोर्ट ने सज्जन कुमार समेत अन्य चार लोगों को इस मामले में दफन कर दिया है।

17 दिसंबर 2018 को सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

17 दिसंबर 2018 को सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

एक अन्य मामले में अदालत ने सज्जनों के खिलाफ आरोप तय किये
सिखों की हत्या के मामले में सिखों की हत्या के मामले में सिख संबंधों से जुड़े जेनपुरी और विकासपुरी में सज्जन कुमार पर आरोप लगाए गए थे। हालांकि कोर्ट ने सज्जन कुमार के खिलाफ हत्या की धारा 302 हटा दी थी।

कुमार साज़िश विलायती की सजा काट रहे
दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर 2018 को सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। असल में, 1984 के सिख विरोधी प्रदर्शनकारियों के बाद दिल्ली में पांच सिखों की हत्या और दुकान जला दी गई थी। इसी केस में सज्जन कुमार को दोषी पाया गया और उन्हें सजा दी गई।

1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख बहुल क्षेत्र में दंगे भड़क उठे थे। इसमें हजारों लोग मारे गए।

1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख बहुल क्षेत्र में दंगे भड़क उठे थे। इसमें हजारों लोग मारे गए।

क्या है सिख विरोधी दंगा
सिख विरोधी दंगा 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़का था। गांधी ने पंजाब में सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल स्वर्ण मंदिर परिसर में ऑपरेशन ब्लूस्टार चलवाया था, जिसमें सिखों के तीर्थयात्रियों सहित कई लोगों की मौत हो गई थी। सिख इस घटना से नाराज थे।

इसके कुछ दिन बाद ही इंदिरा गांधी की उनके ही सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद ही यूनिवर्सिटिल में सिख विरोधी दंगा शुरू हो गया जिसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली और पंजाब में देखा गया। रिज़ल्ट के दौरान करीब साढे तीन हजार लोगों की मौत हो गई थी।

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1. 1984 सिख दंगा, सीबीआई के अन्वेषक का नाम

1984 के सिख विरोधी रिश्ते से जुड़े पुलबंगश मामले में शनिवार को सीबीआई ने अनपेक्षित मुलाकात की। जांच एजेंसी ने 78 साल के कांग्रेस नेता जगदीश अख्तर को नामांकित किया है। सीबीआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के एक दिन बाद 1 नवंबर, 1984 को ब्रिज बंगश इलाके में एक गुरुद्वारे में भीड़ ने आग लगा दी थी, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

2. तापसी के पिता को को मारने के बाद पूरे प्रदेश में घर तक हंगामा हुआ, घर के बाहर की कार को फाँसी दी गई

तापसी पी एबॉलिज़ ने 1984 में एक इंटरव्यू में सिख रिश्ते के दौरान अपने परिवार के बुरे अनुभव को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा कि जब ये दंगा हुआ था तो वो पैदा भी नहीं हुआ था. उनकी मां बताती हैं कि उनके घर को चारों तरफ से घेर लिया गया था। दंगे उनके घर के सामने तलवारें, पेट्रोल बम लेकर आए थे। पढ़ें पूरी खबर…

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