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120 साल में ये अगस्त सबसे सूखा रहा:सामान्य से 33% कम बारिश हुई; सितंबर में 10 दिन आखिरी मनसूनी बारिश की उम्मीद

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इस वक्त सिर्फ नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में बारिश हो रही है। लगातार बारिश से असम में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। - Dainik Bhaskar

इस वक्त सिर्फ नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में बारिश हो रही है। लगातार बारिश से असम में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

इस साल का अगस्त 1901 से अब तक का सबसे सूखा अगस्त बन गया है। मानसून ब्रेक और कमजोर मानसून के चलते पूर्वोत्तर और हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड को छोड़कर अगस्त में बारिश की भारी कमी रही।

तापमान का ट्रेंड यह संकेत दे रहा है कि दो दिन बाद जब अगस्त खत्म होगा तो यह इतिहास का सबसे गर्म अगस्त हो सकता है। अगस्त का औसत तापमान 27.55 डिग्री है, जबकि 29 दिनों का औसत इससे ज्यादा रहा।

अब तक अगस्त के 29 दिनों में 25 दिन सामान्य से कम बारिश हुई है। दरअसल, अगस्त में मानसून का तीसरा ब्रेक चल रहा है जो इस हफ्ते के आखिरी तक जारी रह सकता है।

अगस्त खत्म होने पर ये मानसून ब्रेक इतिहास का चौथा सबसे बड़ा मानसून ब्रेक होगा। इस अगस्त में 33% कम बारिश हुई है। यह आंकड़ा बढ़कर 35% हो सकता है। यह अब तक अगस्त में बारिश की सबसे बड़ी कमी होगी।

मानसूनी बारिश में 9% की कमी
दक्षिण भारत में कमी 61%, मध्य भारत में 44% और उत्तर पश्चिमी भारत में 35% तक है। 29 अगस्त तक भारत में 241 मिमी बारिश होती है लेकिन इस बार केवल 160 मिमी बारिश हुई है। यानी मानसूनी बारिश में 9% की कमी है, अब सितंबर की सामान्य बारिश होने पर भी इसकी भरपाई संभव नहीं दिख रही। ऐसी स्थिति रही तो बीते 8 वर्षों में यह सबसे कम बारिश वाला मानसून रहेगा।

सितंबर में 10 दिन आखिरी मानसूनी बारिश की उम्मीद
मानसूनी मॉडल का विश्लेषण बता रहा है कि 4 सितंबर के बाद करीब 10 दिन तक इस सीजन की आखिरी दौर की बारिश हो सकती है। हालांकि इसके संकेत भी हैं कि देश के पश्चिमी हिस्से में मानसून की विदाई समय से पूर्व यानी 15 या 16 सितंबर से शुरू हो सकती है। वहीं, IMD के वरिष्ठ विज्ञानी ने कहा, मानसून की विदाई की स्थिति फिलहाल अनिश्चित है। आमतौर पर देश में मानसून की विदाई की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से 17 सितंबर से हो जाती है।

कम बारिश की चार वजहें…

  • इस बार 20 साल बाद अगस्त में दूसरी बार मानसून ब्रेक की स्थिति बनी है।
  • बंगाल की खाड़ी में बनने वाले जिस सिस्टम से यहां बारिश होती है, इस बार वे स्ट्रॉन्ग नहीं बने।
  • मानसूनी ट्रफ लाइन का एक सिरा हिमालय की तराई में चला गया है।
  • मध्य भारत के आसपास अब भी बारिश के लिए कहीं कोई स्ट्रॉन्ग सिस्टम नहीं है।

हिमाचल के तीन शहरों में बारिश, 1 और 2 सितंबर को तूफान का अलर्ट
प्रदेश में मानसून की रफ्तार थाेड़ी धीमी पड़ गई है। धर्मपुर, बरठीं और ऊना काे छोड़ शेष कहीं पर भी बारिश हाेने की काेई सूचना नहीं है। धर्मपुर और बरथीन में 8.8 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई है जबकि ऊना में बीते 24 घंटों के दाैरान 5.4 मिमी बारिश हुई है। प्रदेश में आज 5.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी जाे महज 0.7 मिमी ही रिकार्ड की गई है। यह सामान्य से 88 प्रतिशत कम है। पहली सिंतबर से अभी तक प्रदेश में 247.5 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश के पास ही दर्ज की गई है।

माैसम विभाग ने आज और कल प्रदेश में सभी जगह माैसम के साफ रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। पहली सितंबर से प्रदेश में माैसम एक बार फिर करवट बदल रहा है। इस बीच मानसून प्रदेश में फिर से एक्टिव हाेगा और दाे दिन अपना असर दिखाएगा। माैसम विभाग ने पहली और दाे सितंबर काे प्रदेश में मध्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज तूफान चलने की चेतवानी जारी की गई है। इसके बाद दाे सितंबर से 3 दिनाें तक माैसम फिर सभी जगह साफ रहेगा।

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