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​​​​​​​चारधाम यात्रा मार्ग पर सख्ती:चारधाम यात्रा पर सीमित संख्या की शर्त, लेकिन हिल स्टेशनों पर पर्यटकों की भीड़, मसूरी-नैनीताल में 10 दिन तक होटल फुल

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4 घंटे पहलेलेखक: मनमीत

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मसूरी, नैनीताल में 7 दिन में 6.5 लाख पर्यटक पहुंचे, चारधाम यात्री भी यहां आए, ई-पास के बिना दर्शन नहीं मिल रहे, हर दिन ऐसे 7 हजार लोगों को लौटाया जा रहा है। - Dainik Bhaskar

मसूरी, नैनीताल में 7 दिन में 6.5 लाख पर्यटक पहुंचे, चारधाम यात्री भी यहां आए, ई-पास के बिना दर्शन नहीं मिल रहे, हर दिन ऐसे 7 हजार लोगों को लौटाया जा रहा है।

चारधाम यात्रा शुरू हुए 15 दिन हो गए हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखने के नियम के कारण स्थानीय कारोबारी नाराज हैं। दरअसल, केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री में हर रोज एक हजार भक्तों को ही दर्शन की अनुमति है। ई-पास जरूरी है। दूसरी तरफ, हिल स्टेशनों पर जाने के लिए न कोई संख्या निर्धारित है और न ही पास की जरूरत है। इसके चलते नैनीताल, मसूरी में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। 15 अक्टूबर तक चारधाम यात्रा के लिए ई-पास की बुकिंग फुल है, लेकिन लोग बिना ई-पास के ही पहुंच रहे हैं। ऐसे में हर दिन 7 हजार से अधिक भक्तों को बीच रास्ते से लौटना पड़ रहा है।

इनमें से ज्यादातर मसूरी, नैनीताल जैसे हिल स्टेशन का रुख कर रहे हैं। एक दिन में ही मसूरी में 85 हजार वाहन प्रवेश कर रहे हैं। मसूरी, नैनीताल, चकराता, हर्षिल और मुक्तेश्वर में होटल फुल बुक चल रहे हैं। बाकी पर्यटन स्थलों में भी ऐसी भी भीड़ है। चारों धामों में हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार तय संख्या में ही यात्री पहुंचे, इसके लिए राज्य मार्गों पर चेकिंग प्वांइट और बैरियर लगाए गए हैं। हरिद्वार से ही ऐसे बैरियर शुरू हो जा रहे हैं, जिसमें लगी लंबी लाइन के चलते यात्रियों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है।

गुजरात के अमरेली से रविंद्र मेहता परिवार के 16 सदस्यों के आए हैं। वे कहते हैं कि हरिद्वार में 5 घंटे से लाइन में खड़े हैं। प्रशासन की व्यवस्था खराब है, ई-पास और बगैर पास वालों को एक ही लाइन में लगा दिया गया है। बगैर पास वालों को जाने नहीं दिया जा रहा है। इस पर वे झगड़ रहे हैं। इससे हम जैसे पास धारकों का समय बर्बाद हो रहा है। जयपुर से आए लोकेंद्र कौशिक बताते है कि वे परिवार के साथ चारधाम की यात्रा पर आए हैं।

हरिद्वार पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि ई-पास नहीं है तो आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इसलिए अब वो मसूरी घूमने जा रहे हैं, क्योंकि वहां के लिए किसी तरह के ई-पास का झंझट नहीं है। मसूरी के किताबघर चौक पर अपने परिवार के साथ गाइड से बात कर रहे जगदीश चंद्र बताते हैं कि ये अजीब बात है कि धामों में हर रोज सिर्फ एक हजार लोग ही जा सकते हैं, अन्य पर्यटक स्थलों के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है। कोरोना तो दोनों ही जगह हो सकता है।

उधर, यात्रियों के साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग के व्यापारियों और पुरोहितों में भी नाराजगी है। बद्रीनाथ संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बताया कि पांच माह बाद यात्रा शुरू की गई, लेकिन सीमित संख्या से व्यापारियों के पेट पर लात पड़ी है। मंदिर के पुरोहित तुंगनाथ कोटियाल बताते हैं कि ई-पास की अनिवार्यता ने श्रद्धालुओं की संख्या सीमित कर दी है। श्रद्धालुओं को बिना दर्शन के लौटना पड़ रहा है।

होटल मालिक बोले- कोरोनाकाल में पहली बार 30 दिन की बुकिंग मिली

मसूरी में लक्ष्मी पैलेस होटल के मालिक वीरेंद्र नेगी बताते है कि उनके पास एक माह की बुकिंग फुल है। कोरोनाकाल में पहली बार इतनी बुकिंग मिली है। बीते सात दिन में मसूरी, नैनीताल में 6.5 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं। अगले 10 दिनों के लिए ज्यादातर होटल बुक हो चुके हैं।

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