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सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है कांग्रेस : प्रीतम

साफ-सुथरी छवि के कारण प्रीतम सिंह की राज्य की राजनीति में अच्छी खासी प्रतिष्ठा है।

उत्तराखंड में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह 2002 से लगातार राज्य के जौनसार क्षेत्र की चकराता विधानसभा सीट से विधायक चुने जा रहे हैं। प्रीतम सिंह को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता गुलाब सिंह जौनसार क्षेत्र के बड़े राजनेता थे। गुलाब सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, चंद्रशेखर जैसे नेताओं के बेहद करीब रहे। प्रीतम सिंह ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है। वे चकराता विधानसभा क्षेत्र में अजेय योद्धा की तरह हंै। अपनी साफ-सुथरी छवि के कारण उनकी राज्य की राजनीति में अच्छी खासी प्रतिष्ठा है। वे मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जाते हैं। उत्तराखंड के चुनाव के संदर्भ में उनसे बातचीत के अंश पेश हैं-

सवाल- विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस के क्या मुद्दे हैं?

’हमने अपने चुनावी घोषणा पत्र में ‘चार धाम-चार काम’ में कई मुद्दों को छुआ है। इसमें बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाना प्रमुख है। अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो हम जनता को गैस सिलेंडर 500 रुपए में देंगे। यदि केंद्र सरकार ने सब्सिडी नहीं दी तो राज्य सरकार अपने संसाधनों से सब्सिडी देगी। पांच लाख गरीब परिवारों को 40 हजार रुपए की सालाना आर्थिक मदद दी जाएगी। चार लाख नौजवानों को सरकारी तथा अन्य संसाधनों से नौकरी दी जाएगी। राज्य की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारी जाएगी।

सवाल- उत्तराखंड में भू-कानून में कांग्रेस क्या सुधार करेगी ?

’उत्तराखंड में खनन माफिया, भूमाफिया, शराब माफिया की सांठगांठ से मौजूदा सरकार चल रही है। वर्तमान मुख्यमंत्री तो खनन प्रेमी हैं। खनन को लेकर पिछले दिनों जो खेल हुआ, वह अत्यंत निंदनीय है। 2002 में कांग्रेस की नारायण दत्त तिवारी सरकार ने भू-कानूनों में सुधार किया और तब पर्वतीय राज्य में बाहरी व्यक्ति 500 वर्ग मीटर भूमि खरीद सकता था। भुवन चंद्र खंडूरी सरकार ने इस कानून को और सख्त करते हुए 250 वर्ग मीटर जमीन खरीदने का नियम बनाया, परंतु राज्य में मौजूदा भाजपा सरकार ने भू माफिया से मिलकर इन दोनों कानूनों को उलट दिया। अब बाहरी व्यक्तियों के लिए असीमित जमीन खरीदने का कानून बना दिया गया है, जो राज्य की जनता की भावनाओं के खिलाफ है। हमारी सरकार बनी तो हम भू-कानून में जन भावनाओं के अनुरूप व्यापक सुधार करेंगे।

सवाल- भाजपा को क्यों जरूरत पड़ी छह महीने में दो मुख्यमंत्री बदलने की?

’दरअसल भाजपा आलाकमान आज तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद से क्यों हटाया? यदि वे अच्छा काम नहीं कर रहे थे तो उन्हें चार साल तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर क्यों बिठाए रखा? यदि अच्छा काम कर रहे थे तो उन्हें क्यों हटाया गया? उन्हें हटाकर तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया, जिन्होंने देश का इतिहास ही बदल डाला और उत्तराखंड का मखौल उड़ाया। अब मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तो ‘रात्रि प्रहरी बल्लेबाज’ की भूमिका में है। धामी ने जो घोषणाएं कीं वे हवाहवाई साबित हुईं। उन्हें पूरा करने के लिए राज्य सरकार के पास धन ही उपलब्ध नहीं है। भाजपा ने छह महीने में दो मुख्यमंत्री बदलकर राज्य में राजनीतिक अस्थिरता कायम की। जनता उससे इसका जवाब चुनाव में मांग रही है।

सवाल- कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ रही हैं?

’टिकट के कई दावेदार होते हैं, परंतु चुनाव लड़ने का मौका एक व्यक्ति को ही मिलता है। हमने सोच समझकर जीतने वाले उम्मीदवार ही उतारे हैं और हमारी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बन रही है। कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। मुख्यमंत्री का निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा। उसका जो निर्णय होगा, वह सभी को मंजूर होगा।

सवाल- क्या आप मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं? आपकी साफ-सुथरी छवि और सादगी इस मार्ग में रुकावट तो नहीं है?

’आज तक मुझे कांग्रेस आलाकमान ने जो भी जिम्मेदारी सौंपी है, मैंने उसे निभाने का पूरा प्रयास किया है। मनुष्य की अभिलाषा कुछ भी हो सकती है, परंतु राजनीति में व्यक्ति की निजी इच्छा से ज्यादा उसके दल का फैसला क्या होता है, इस पर निर्भर करता है। निजी इच्छा से ज्यादा राजनीति में दल की इच्छा अहमियत रखती है। जहां तक मेरी सादगी और ईमानदारी का सवाल है यदि वह मेरे मुख्यमंत्री पद को हासिल करने में बाधा बनती है तो मैं ऐसी बाधा को स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं करूंगा क्योंकि यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

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