POLITICS

राहुल गांधी आज मणिपुर जाएंगे, दो दिन रहेंगे:राहत शिविरों का दौरा करेंगे, सिविल सोसाइटी के मेंबर्स से भी मिलेंगे

राहुल सरकारी हेलिकॉप्टर से मणिपुर के चूराचांदपुर पहुंचे:रिलीफ कैंप में पीड़ितों से मिले; प्रशासन ने मोइरांग जाने से रोका, इंफाल लौटने को कहा

इम्फाल2 महीने पहले

  • कॉपी लिंक
राहुल गांधी गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे इंफाल एयरपोर्ट पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। - Dainik Bhaskar

राहुल गांधी गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे इंफाल एयरपोर्ट पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को सरकारी हेलिकॉप्टर से मणिपुर के चूराचांदपुर पहुंचे। यहां रिलीफ कैंप में उन्होंने लोगों से मुलाकात की। उन्हें मोइरांग जाना था, लेकिन प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी।

शाम को राहुल चूराचांदपुर से इंफाल लौट आए। यहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र ने बताया कि राहुल के शुक्रवार के कार्यक्रम को लेकर अभी कुछ तय नहीं है।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया- मैं मणिपुर के अपने सभी भाई-बहनों को सुनने आया हूं। सभी समुदायों के लोग बहुत स्वागत और प्रेम कर रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार मुझे रोक रही है। मणिपुर को इलाज की जरूरत है। शांति हमारी एकमात्र प्राथमिकता होनी चाहिए।

पुलिस ने विष्णुपुर में रोका था राहुल का काफिला
इससे पहले सड़क के रास्ते चूराचांदपुर जा रहे राहुल का काफिला पुलिस ने करीब 34 किलोमीटर पहले विष्णुपुर में रोक दिया था। पुलिस ने कहा था- रास्ते में हिंसा हो सकती है। इसके बाद वे इंफाल लौट आए थे और सरकार हेलिसरकारी से चूराचांदपुर पहुंचे।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बिष्णुपुर जिले में हाईवे पर टायर जलाए गए थे और काफिले पर कुछ पत्थर फेंके गए थे। इसलिए सावधानी रखते हुए काफिले को विष्णुपुर में रोका गया। राहुल का काफिला रोके जाने के बाद यहां एक गुट उनके समर्थन में जबकि दूसरा उनके विरोध में प्रदर्शन कर रहा है। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

प्रियंका गांधी ने राहुल को रोके जाने पर सवाल उठाया है।

प्रियंका गांधी ने राहुल को रोके जाने पर सवाल उठाया है।

कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि BJP सरकार ने पुलिस लगाकर उन्हें रास्ते में रोक दिया।

कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि BJP सरकार ने पुलिस लगाकर उन्हें रास्ते में रोक दिया।

वेणुगोपाल बोले- काफिला रोकने की वजह समझ से परे
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पुलिस का कहना है कि वे हमें इजाजत देने की स्थिति में नहीं हैं। राहुल का स्वागत करने लिए लोग सड़क के दोनों ओर खड़े हैं। समझ नहीं आ रहा कि उन्होंने हमें क्यों रोका है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप रहना चुन सकते हैं, लेकिन वे मणिपुर के सभी तबकों की आवाज सुनने की राहुल गांधी की कोशिशों को क्यों रोक रहे हैं।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप रहना चुन सकते हैं, लेकिन वे मणिपुर के सभी तबकों की आवाज सुनने की राहुल गांधी की कोशिशों को क्यों रोक रहे हैं।

कांगपोकपी में गोलीबारी में दो की मौत, ​​​​​​​इंफाल में भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे
इस बीच सेना ने कहा है कि हथियार लिए दंगाइयों ने मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सुबह 5:30 बजे गोलीबारी की है। सेना ने इसका जवाब दिया। गोलीबारी में दो संदिग्ध दंगाई मारे गए और पांच घायल हो गए।बाद में जिस समुदाय से दोनों दंगाई थे, उसके सदस्यों ने उनके शव लेकर इंफाल में CM हाउस तक जुलूस निकालने की कोशिश की।

पुलिस ने उन्हें रोका तो जुलूस में शामिल लोग हिंसक हो गए। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

वहीं शाम को इंफाल में BJP दफ्तर के पास भीड़ इकट्‌ठा होने लगी। पुलिस ने इन्हें हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

30 जून तक मणिपुर में रहेंगे राहुल
राहुल को मणिपुर के रिलीफ कैंपों का दौरा करना है और सिविल सोसाइटी के नेताओं से मुलाकात करनी है। वे 30 जून तक मणिपुर में रहेंगे। मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह ने बताया कि राहुल का सीनियर सिटीजन और कई नेताओं से भी मिलने का भी प्रोग्राम है।

मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह ने गमछा पहनाकर राहुल का स्वागत किया।

मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह ने गमछा पहनाकर राहुल का स्वागत किया।

हिंसा में 131 लोग गंवा चुके हैं जान
मणिपुर में 3 मई से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा जारी है। हिंसा में अब तक 131 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 419 लोग घायल हुए हैं। 65,000 से अधिक लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। आगजनी की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। 6 हजार मामले दर्ज हुए हैं और 144 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

हिंसा को देखते हुए राज्य में 30 जून तक इंटरनेट पर प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है। राज्य में 36 हजार सुरक्षाकर्मी और 40 IPS तैनात किए गए हैं।

मणिपुर के थानों से लूटे गए हथियारों को बेच रहे उपद्रवी
मणिपुर में बीते महीने हिंसा के दौरान लूटे गए पांच हजार से अधिक हथियार उपद्रवियों की ओर से बेचे जा रहे हैं। इसका खुलासा सेना और पुलिस के जवानों द्वारा चार हथियार तस्करों की गिरफ्तारी से हुआ है। एक रिजर्व बटालियन के कुक को भी इस सिलसिले में पकड़ा गया है।

हालांकि उसके नाम का खुलासा नहीं हुआ है। इन तस्करों के पास चार 9 एमएम कार्बाइन, कुछ मैगजीन, एयर पिस्टल, गोला बारूद के अलावा 21 जिंदा कारतूस और 2.6 लाख रुपए नकद भी मिले। वहीं, नगालैंड में असम राइफल्स और कोहिमा पुलिस ने संयुक्त अभियान में मणिपुर जा रहे हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी है। इसमें दो पिस्तौल, चार मैगजीन, गोला-बारूद और अन्य विस्फोटक सामान बरामद किया गया।

मणिपुर हिंसा के शुरुआती चरण में पुलिस थानों और सुरक्षा बलों से लूटे गए एक चौथाई हथियार वापस हासिल किए जा चुके हैं। अब तक 11,00 हथियार, 13,702 गोला-बारूद और विभिन्न प्रकार के 250 बम बरामद किए गए हैं।

4 पॉइंट्स में जानिए क्या है मणिपुर हिंसा की वजह…
मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इम्फाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद: मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें भी जनजाति का दर्जा दिया जाए। समुदाय ने इसके लिए मणिपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई। समुदाय की दलील थी कि 1949 में मणिपुर का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले उन्हें जनजाति का ही दर्जा मिला हुआ था। इसके बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की कि मैतेई को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए।

मैतेई का तर्क क्या है: मैतेई जनजाति वाले मानते हैं कि सालों पहले उनके राजाओं ने म्यांमार से कुकी काे युद्ध लड़ने के लिए बुलाया था। उसके बाद ये स्थायी निवासी हो गए। इन लोगों ने रोजगार के लिए जंगल काटे और अफीम की खेती करने लगे। इससे मणिपुर ड्रग तस्करी का ट्राएंगल बन गया है। यह सब खुलेआम हो रहा है। इन्होंने नागा लोगों से लड़ने के लिए आर्म्स ग्रुप बनाया।

नगा-कुकी विरोध में क्यों हैं: बाकी दोनों जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इम्फाल घाटी में हैं। ऐसे में ST वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों का बंटवारा होगा।

सियासी समीकरण क्या हैं: मणिपुर के 60 विधायकों में से 40 विधायक मैतेई और 20 विधायक नगा-कुकी जनजाति से हैं। अब तक 12 CM में से दो ही जनजाति से रहे हैं।

मणिपुर हिंसा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

मणिपुर हिंसा को लेकर सोनिया गांधी का वीडियो संदेश:कहा- हिंसा ने राज्य के लोगों का जीवन तबाह कर दिया, शांति की अपील की

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें सोनिया ने कहा, इस हिंसा ने आपके राज्य (मणिपुर) में लोगों के जीवन को तबाह कर दिया और हजारों लोगों को उजाड़ दिया है। इस हिंसा ने हमारे राष्ट्र की अंतरात्मा में एक गहरा घाव छोड़ है। पढ़ें पूरी खबर…


Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button