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मुखपृष्ठ पर 5 मैतेई युवा गिरफ़्तार:इन पर सेना के हमले और हथियार लूटने पर यूएपीए का मामला दर्ज; रिहाई के लिए प्रदर्शन शुरू

इन्फाल42 मिनट पहले

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पुलिस ने 18 सितंबर को पांचों मैतेई युवकों के अपराधियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लोगों पर गैस के गोले दागे। - दैनिक भास्कर

पुलिस ने 18 सितंबर को पांचों मैतेई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को गैस के गोले दागे।

शनिवार 16 सितंबर की रात को सेना की लेबर फोर्स ने शस्त्रागार से हथियार लूटने के आरोप में पांच मैतेई युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ़ रासायनिक लागे (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और आधिकारिक कानूनी अधिनियम के तहत आरोप हैं।

उधर, इंफाल में किसानों की रिहाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मैतेई महिलाओं के एक समूह मीरा पैबिस और पांच स्थानीय क्लबों ने 19 सितंबर को दो दिन का बंद बुलाया था। जिससे राज्य के लोगों को परेशानी हो रही है।

पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पीछे से दो राइफलें, 128 राउंड से अधिक गोला-बारूद बरामद हुआ है। मई और जून में पुलिस शस्त्रागार से हथियार लूटे गए थे।

गिरफ्तार आरोपियों में से एक की पहचान मोइरंगथेम आनंद सिंह के रूप में हुई है, जो केसीपी ऑपरेशन के एक गुट में जाने से पहले प्रतिबंधित विद्रोही संगठन पीपुल्स लिब आर्मी (पीएएल) के कैडर में था। उन्हें पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत कई बार गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति बहाली के लिए हर संभव प्रयास जारी है। 3 मई को भड़कने के बाद हुई हिंसा में 175 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

समर्थकों के सिपाही सार्तो थांगथांग कॉम,प्रोफाइल हत्या की गई थी, उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को चंदेल में उनके गांव लितान में किया गया था।

समर्थकों के सिपाही सार्तो थांगथांग कॉम,प्रोफाइल हत्या की गई थी, उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को चंदेल में उनके गांव लितान में किया गया था।

वीडियो में पता चला कि आखिरी में मैतेई युवा थे
टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में सामने आए वीडियो फुटेज से पता चला है कि पिछले दिनों पल्लेल और कांगपोकपी के कुकी इलाके में युवा सेना के खिलाफ मैतेई उग्रवादी थेविस्ट हमले करने वाले थे। उनके पास फ़र्ज़ी कार्ड थे। इसके कारण राज्य में 15000 सैनिक, 12500 पैरामिलिट्री फोर्स और 3000 सेना और असम राइफल्स के जवानों को ड्यूटी करने में परेशानी हो रही थी।

स्कूल के अतिरिक्त गृह सचिव महाराबम प्रदीप ने इन पांचों के भ्रष्टाचार के बारे में बताया।

स्कूल के अतिरिक्त गृह सचिव महाराबम प्रदीप ने इन पांचों के भ्रष्टाचार के बारे में बताया।

मैतेई उग्रवादियों के पास अभी भी 4 हजार का हथियार
कुछ मीडिया में दावा किया गया है कि एके-सिरीज वाली बंदूकें, लाइट मशीन गन, एशिया, इंसास और एसएलआर जैसे कम से कम 4000 आतंकवादी हथियार अभी भी इंफाल घाटी में मैतेई मछुआरों के पास हैं। इसके बाद हिंसा शुरू हो गई, राज्य आर्टिलरी से भारी मात्रा में गोला-बारूद और पांच लाख से अधिक मात्रा में कार्टिलोटे चले गए। जब तक ये सब ठीक नहीं होगा, स्कूल में शांति एक दूर का सपना बनी रहेगी।

इतना ही नहीं मैतेई युवाओं ने म्यांमार में स्थित प्रतिबंधित मैतेई आतंकियों से स्नाइपर राइफल और बंदूक जैसे लंबी दूरी के हथियार भी हासिल करना शुरू कर दिया है। एक वायरल वीडियो में पुलिस कमांडो की तरफ से एक उग्रवादी को स्नाइपर ड्रैगुनोव ले जाते हुए दिखाया गया था। जबकि सरकारी पुलिस के पास ऐसे हथियार नहीं हैं। इसलिए, यह स्पष्ट है कि वे म्यांमार से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार भी मिल रहे हैं।

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