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मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणियाँ: सुप्रीम कोर्ट ईसी पहुंचा; कोरोना प्रोटोकोल टूटने पर HC ने कहा था

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नई दिल्ली 42 मिनट पहले

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मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी से नाराज इलेक्शन कमीशन (ईसी) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल, चुनाव के दौरान रैलियों में भीड़ सहित कोरोना प्रोटोकॉल टूटने पर हाईकोर्ट ने ईसी को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने 26 अप्रैल को कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। आयोग के अफसरों पर तो संभवत: हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।

चुनाव आयोग ने अपनी याचिका दायर की में हाईकोर्ट की अपमानजनक टिप्पणियाँ को हटाने की मांग की है। आयोग ने कहा है कि हाईकोर्ट खुद की एक संवैधानिक संस्था है। चुनाव आयोग भी संवैधानिक संस्था है, इसलिए हाईकोर्ट को ऐसी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थीं। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की बेंच 3 मई को सुनवाई करेगी।

क्या पूरा मामला था को चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई गई थी। चीफ जस्टिस ने तो यहां तक ​​कह दिया कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। उन्होंने आयोग को चेतावनी दी कि 2 मई को काउंटिंग के दिन के लिए कोविड प्रोटोकॉल बनाए रखें और उनका पालन करें। ऐसा नहीं हुआ तो हम काउंटिंग शेड्यूल को रोकने पर मजबूर हो जाएंगे।

    दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट TN की करूर विधानसभा सीट पर होने वाली काउंटिंग को लेकर दायर पिटीशन पर ट्रायल कर रहा था। पिटीशन में मांग की गई है कि इस विधानसभा सीट पर 77 उम्मीदवार मैदान में हैं, इसलिए 2 मई को काउंटिंग के दिन यहां को विभाजित प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए।

    हाईकोर्ट ने कहा-जब रैलियां हो रही थीं, तब क्या आप दूसरे ग्रह पर थे परीक्षण के दौरान शेफ जस्टिस संजीब बनर्जी नाराज हो गए। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा, ” जब चुनावी रैलियां हो रही थीं, तब आप दूसरे ग्रह पर थे? रैलियों के दौरान टूटने को विभाजित प्रोटोकॉल को आपने नहीं रोका। बिना सोशल डिस्टेंसिंग के चुनावी रैलियां होती रहती हैं। आज के हालात के लिए आपकी संस्था ही जिम्मेदार है। कोरोना की दूसरी लहर के लिए आप जिम्मेदार हैं। चुनाव आयोग के अफसरों पर तो संभवत: हत्या का मुकदमा चलना चाहिए। ” इस मामले में अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।

    काउंटिंग को लेकर हाईकोर्ट की 6 टिप्पणियाँ

  1. आप यह सुनिश्चित करेंगे कि काउंटिंग के दिन को विभाजित प्रोटोकॉल पर अमल हो जाए
  2. )

  3. किसी भी कीमत पर राजनीतिक या गैर-राजनीतिक कारण से काउंटिंग का दिन कोरोना के मामलों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार नहीं होना चाहिए।
  4. या फिर काउंटिंग तरीके से हो या फिर उसे टाल दिया जाएगा।
  5. लोगों की सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यह बात परेशान करती है कि प्रशासन को इस बात की याद दिलानी पड़ती है।
  6. जब नागरिक जिंदा रहेंगे, तो वे उन अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे, जो उन्हें इस लोकतांत्रिक गणराज्य में मिले। हैं।
  7. आज के हालात जिंदा रहने और लोगों को बचानेए रखने के लिए हैं, दूसरी सारी चीजें इसके बाद आती हैं।
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