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बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री विवादों में:सिखों को सनातन धर्म की सेना बताया; SGPC बोली

अमृतसर2 महीने पहले

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बाबा बागेश्वर के धाम पहुंचे सिंगर निक्कू। - Dainik Bhaskar

बाबा बागेश्वर के धाम पहुंचे सिंगर निक्कू।

मध्यप्रदेश स्थित बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री नए विवाद में फंस गए हैं। उन्होंने सिखों की सराहना करते हुए उन्हें सनातन धर्म की सेना बता दिया। यह बात उन्होंने पंजाबी सिंगर इंद्रजीत निक्कू के सामने कही। जो उस वक्त वहां सभा में खड़े थे।

इसको लेकर अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कड़ा विरोध जताया है। SGPC के जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि सिख कौम का सृजन जुल्म से लड़ने के लिए हुआ है। यह कहना गलत है कि सिख सनातन धर्म की फौज हैं। उन्होंने शास्त्री को पहले सिख धर्म के बारे में जानने के लिए कहा है।

पहले पढ़िए.. बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा

सनातन धर्म की सेना हैं सरदार : धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- ”जब कश्मीरी पंडितों को मारा और भगाया जा रहा था, तब नौवें गुरू श्री तेग बहादुर साहब ने ही उन कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए तलवार उठाई थी। हमारी सनातन धर्म की सेना हैं सरदार। सनातन धर्म की रक्षा के लिए ही पंज प्यारे (पांच प्यारे) होते हैं। पगड़ी, कृपाण.. ये सब सनातन धर्म की रक्षा के लिए हैं। जो भी गलत कहते हैं, उनके मन में मलीनता है, उनकी बुद्धि की शुद्धि की जरूरत है। सरदार सनातन धर्म की आर्मी है। सनातन धर्म की रक्षा के लिए आर्मी चाहिए, उसी के लिए सरदारों का निर्माण किया गया है।”

हम गुरूओं की कथा गातें हैं: धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा-”हम नौवें गुरू तेग बहादुर जी और दसवें गुरू श्री गुरू गोबिंद सिंह जी की कथा गाते हैं। ये हमारे सनातन धर्म के आदर्श हैं। हमारे सनातन का सौभाग्य है कि जिन्होंने कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए अपने बच्चों का बलिदान दे दिया लेकिन हाथ में तलवार उठाकर सनातनियों की रक्षा की।”

SGPC का धीरेंद्र शास्त्री को जवाब

पहले पंज प्यारों के बारे में जानें : SGPC के जनरल सेक्रेटरी गुरचरण ग्रेवाल ने कहा कि बाबा बागेश्वर को पहले सिख धर्म को जान लेना चाहिए। हां, यह बात सच है कि हमारे नौवें गुरू ने कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए बलिदान दिया था, लेकिन इन्हें बयान देने से पहले पांच प्यारों के बारे में जान लेना चाहिए।

सिर्फ हिंदू नहीं, किसी पर भी जुल्म तो सिख खड़े होंगे: सिख कौम की शुरूआत हर तरह के जुल्म के खिलाफ लड़ने के लिए हुुई थी। इसका मतलब यह नहीं कि सिर्फ हिंदुओं के लिए यह कौम है। किसी के साथ भी जुल्म होगा, सिख उसके खिलाफ खड़े होंगे। अंग्रेजों ने जब जुल्म किया, उससे पहले मुगल हुकूमत ने जुर्म किया तो उसके खिलाफ भी सिख खड़े हुए थे।

पंजाबी सिंगर पर भी भड़की SGPC
पंजाबी सिंगर इंद्रजीत निक्कू पर भी SGPC ने नाराजगी जताई। जनरल सेक्रेटरी ग्रेवाल ने कहा कि वे किसी धर्म को टारगेट करके कुछ नहीं कहना चाहते लेकिन यह स्पष्ट करते हैं कि निक्कू सिख धर्म का प्रतिनिधि नहीं है। सभी धर्म एक जैसे नहीं हो सकते। सिख धर्म में सभी धर्मों का सम्मान करने के लिए कहा गया है। यहां निक्कू ने इस दौरान शास्त्री को कहा कि वे पूरी सिख कौम की तरफ से उनका धन्यवाद करते हैं।

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के आगे सिर झुकाते पंजाबी सिंगर इंद्रजीत निक्कू।

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के आगे सिर झुकाते पंजाबी सिंगर इंद्रजीत निक्कू।

निक्कू ने कहा- बागेश्वर धाम में सब धर्मों का सम्मान
इंदरजीत निक्कू ने इस बारे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा-” मैंने हमेशा अपने सिख धर्म का सम्मान किया है और करता रहूंगा। मेरे लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब और मेरे गुरु साहिब सबसे ऊपर हैं। हालांकि, बाबा के सामने बोलते हुए निक्कू ने कहा कि जो लोग मेरा विरोध करते हैं, उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि बागेश्वर धाम में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है।

निक्कू के पहले बाबा के पास जाने को लेकर हुआ था विवाद
पंजाबी सिंगर निक्कू कुछ महीने पहले बागेश्वर धाम गए थे। वहां निक्कू ने कहा कि उनका काम नहीं चल रहा। जब इसका वीडियो सामने आया तो सिख धर्म में उनका विरोध शुरू हो गया। सिखों ने तर्क दिया कि हमारे धर्म के मुताबिक किसी देहधारी गुरू के आगे सरदार सिर नहीं झुका सकता। हालांकि कुछ सिख कलाकारों ने निक्कू का साथ दिया और उनके शो चलने लगे। इसके बाद निक्कू अब दोबारा बागेश्वर धाम गए थे। जिसमें उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से पंजाब में विरोध के उसी मुद्दे पर पूरी बात की।


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