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पुरी जगन्नाथ में 1 जनवरी से ड्रेस कोड लागू होगा: मंदिर प्रबंधन ने वैश्यों के फटे जीन्स, स्केटर्स और स्क्राइबलेस कपड़ों के डिजाइन पर रोक लगा दी है।

मंदिर प्रबंधन ने कहा कि कुछ अवशेष असभ्य आभूषण आते हैं, जिनमें लोगों की धार्मिक मूर्तियां शामिल होती हैं। - दैनिक भास्कर

मंदिर प्रबंधन ने कहा कि कुछ अवशेष असभ्य आभूषण आते हैं, जिनमें लोगों की धार्मिक मूर्तियां शामिल होती हैं।

ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर जाने वाले को अब ड्रेस कोड फॉलो करना होगा। टेम्पल प्रबंधन ने सोमवार (9 अक्टूबर) को बताया कि अगले साल 1 जनवरी से ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। ड्रेस कोड के बारे में भक्तों को आज से ही सलाह दी जाएगी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ड्रेस कोड लागू होने के बाद लोग जगन्नाथ मंदिर में हाफ पैंट, फटे जींस, स्कर्ट और स्लेब्रलेस कपड़े मोटे नहीं जा सकेंगे। मंदिर की नीति सब-कमेटी की बैठक में लिया गया यह निर्णय।

हालाँकि, मंदिर में किस तरह के कपड़े की सजावट का खुलासा होगा, अभी तक यह तय नहीं हुआ है। जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन के प्रमुख रंजन कुमार दास ने बताया कि कुछ लोग मंदिर के अंदर अभ्यारण्य में आ रहे हैं।

कुछ लोग हाफ पैंट और ग्लासलेस कपड़े में आते हैं, जैसे बीच या पार्क में घूमने आते हैं। मंदिर में भगवान रहते हैं। यह मनोरंजन की जगह नहीं है। इससे अन्य लोगों की धार्मिक विशेषताएँ होती हैं।

जगन्नाथ मंदिर में बौद्ध का ड्रेस कोड अभी तय नहीं हुआ है।

जगन्नाथ मंदिर में बौद्ध का ड्रेस कोड अभी तय नहीं हुआ है।

सुरक्षाबल और प्रोबायोटिक्स उत्पादों की निगरानी
मंदिर जगन्नाथ प्रबंधन के प्रमुख ने कहा कि मंदिर पर प्रतिबंध और पवित्रता को बरकरार रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए 1 जनवरी 2024 से ड्रेस कोड का डिज़ाइन से पालन करना होगा। मंदिर के सिंह द्वार पर एस्थेटिक सुरक्षाबल और मंदिर के प्रतिनिहित सेवक इसकी निगरानी करेंगे।

भारत के इन दो प्रसिद्ध चित्रों में सबसे पहले ड्रेस कोड लागू…

द्वारकापूजक मंदिर

इस साल जुलाई में गुजरात के द्वारकामंदिर में शिष्यों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया था। मंदिर के चारों ओर भाषा ड्रेस कोड को लेकर गुजराती-हिंदी-अंग्रेजी में लिखित बोर्ड भी लगाए गए थे। इसमें लिखा था कि मंदिर दर्शन की जगह है, खुद की प्रदर्शनी नहीं। मंदिर में आने वाले सभी भक्तों से निवेदन है कि वे उद्यम भवन ही मंदिर में प्रवेश करें। छोटे कपड़े, हाफ पैंट, बरमूडा, मिनी टॉप, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, फ्रॉक और रिप्ड अवशेष जैसे कपड़े पहने लोगों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

महाकाल मंदिर

मध्य प्रदेश के मस्जिद स्थित महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आम आश्रम के लिए सितंबर में ड्रेस कोड लागू किया गया था। ड्रेस कोड के तहत पुरुषों को धोती-सोला और महिलाओं को इसे पहनना जरूरी है। इससे पहले विशेष दिन अर्थात जब आम का गर्भगृह में प्रवेश बंद हुआ था, तब ही ड्रेस कोड अनिवार्य रूप से रहता था। यानी गर्भगृह में प्रवेश करने वालों को धोती और सोला पहनना होता था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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उत्तराखंड के 3 टैटू में ड्रेस कोड: लड़कियों के छोटे कपड़े, मंदिर जाने पर रोक

उत्तराखंड की तीन पेंटिंग में महिलाओं और लड़कियों के लिए इस साल जुलाई में ड्रेस कोड लागू हो गया है। दक्ष पेजपिट मंदिर, कंबोडिया के नीलकंठ महादेव मंदिर और हरिद्वार के मंदिर में छोटे बालों के दर्शन पर रोक लगा दी गई। पूरी खबर यहां पढ़ें….

मूर्ति मंदिर में मोबाइल बैन: वैश्या को शालिनी गाउन में आने को कहा गया था

मंदिर में मोबाइल फोन ले जाने पर लगा दिया गया बैन। यह फैसला बद्री-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने लिया। आस्था मंदिर के सामने एक महिला ब्लॉगर ने अपने प्रेमी को पेश किया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन ने सोमनाथ की आंख की रोशनी गायब कर दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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