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नौसेना द्वारा निर्देशित मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस इंफाल की तुलना:ब्रह्मोस और बराक मिसाइल से लॉन्च; उत्तर-पूर्व के शहर का नाम पहला जंगी जहाज़

मुंबई10 घंटे पहले

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नौसेना को गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस इंफाल को 20 अक्टूबर को हटा दिया गया। इसे रक्षा मंत्रालय के शिपयार्ड मंझगांव डॉकशिप बिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है। - दैनिक भास्कर

नौसेना को गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस इंफाल को 20 अक्टूबर को हटा दिया गया। इसे रक्षा मंत्रालय के शिपयार्ड मंझगांव डॉकशिप बिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है।

मुंबई में शुक्रवार 20 अक्टूबर को एक और स्वदेशी जहाज मिल गया। गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर वाला तीसरा स्टील्थ युद्धपोत इन्फाल नेवी को खत्म कर दिया गया। आईएनएस इंफाल भारत में बना शक्तिशाली युद्धपोत है। ये जहाज सरफेस टू सरफेस सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल और डिफेंस रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली ‘बराक-8’ मिसाइल से लॉन्च किया गया है। इसमें पानी के अंदर युद्ध करने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित एंटी-सबमरीन वेपन और सेंसर, सोनार हमसा एनजी (Hull-mounted Sonar Humsa NG) हेवी वेट टारपीडो यूट्यूब लॉन्चर और रॉकेट लांचर को शामिल किया गया है।

रक्षा मंत्रालय के मुंबई स्थित शिपयार्ड मंझगांव डॉकशिप बिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने इंफाल को बनाया है। इसके निर्माण में स्वदेशी स्टील DMR 249A का उपयोग किया गया है। इंफाल भारत में बने सबसे बड़े डिस्ट्रॉयर शिप में से एक है। इसकी लंबाई 164 मीटर और शक्ति क्षमता 7500 टन से अधिक है।

आईएनएस इंफाल के डॉक्युमेंटल डॉक्युमेंट पर एमडीएल के अध्यक्ष-प्रबंध निदेशक संजीव स्टूडियो (बाएं) और सहयोगी एडमिरल संजय साधु ने साइन किया।

आईएनएस इंफाल के डॉक्युमेंटल डॉक्युमेंट पर एमडीएल के अध्यक्ष-प्रबंध निदेशक संजीव स्टूडियो (बाएं) और सहयोगी एडमिरल संजय साधु ने साइन किया।

इंफाल को चार महीने पहले ही नेवी को पूर्ववत किया गया था
एमडीएल ने बताया, आईएनएस इंफाल में दुश्मनों की पनडुब्बियों, सतही युद्धपोतों, जहाज-रोधी मिसाइलों और लड़ाकू विमानों के खिलाफ लड़ाई में इसे स्वतंत्र रूप से संचालित करने में सक्षम बनाया जाएगा। एमडीएल के अनुसार, आईएनएस इंफाल महिला अधिकारियों और नाविकों के लिए आवास के साथ चालू होने वाला पहला नौसैनिक युद्धपोत है। चार महीने पहले भारतीय नौसेना ने इस बेड़े पर कब्ज़ा कर लिया था।

इस जहाज में तीन सीएसटी (कॉन्सिटेलेर्स सी ट्रायल) में सभी समुद्री परीक्षण पूरे किए गए हैं, जिसमें पहले सीएसटी में प्रमुख सॉसेज की सर्जरी भी शामिल है। एमडीएल ने कहा कि जहाज पर 312 लोगों का चालक दल रखा जा सकता है। इसकी 4000 नॉटिकल मील (7408 किमी) की क्षमता है। अधिकतम 30 नॉटिकल मील (लगभग 55 किमी प्रति घंटा) से अधिक की गति चल सकती है।

भारतीय नौसेना में प्रोजेक्ट 15बी के तहत पहले आईएनएस विशाखापट्टनम को 21 नवंबर 2021 को और दूसरे पोत मरमुगाओ को 18 दिसंबर 2022 को कमीशन किया गया था।

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