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छोटा राजन वेब सीरिज ‘Scoop’ के खिलाफ पहुंचा बॉम्बे HC, जानिए किस बात के लिए मांगा 1 रुपये का हर्जाना

नेटफ्लिक्स की वेब सीरिज स्कूप पत्रकार जिग्ना वोरा की कहानी पर आधारित है। जिग्ना को मिड डे के पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या के कनेक्शन में अरेस्ट किया गया था। लेकिन बाद में उसे अदालत ने रिहा कर दिया था।

इंटरनेशनल डॉन दाऊद इब्राहिम के कभी हमकदम रहे और बाद में उसके जानी दुश्मन बने छोटा राजन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दरख्वास्त लगाकर वेब सीरिज ‘Scoop’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। ये सीरीज दो जून को ओटीटी मंच ‘नेटफ्लिक्स’ पर रिलीज होने वाली है। हाईकोर्ट की एक अवकाशकालीन बेंच शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई कर सकती है। राजन ने हाईकोर्ट से 1 रुपये की क्षतिपूर्ति की भी मांग की है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर राजेंद्र निखल्जे उर्फ छोटा राजन ने वेब सीरीज “स्कूप” के खिलाफ बृहस्पतिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। छोटा राजन ने कहा है कि उसकी पूर्व सहमति के बिना उसकी छवि का दुरुपयोग किया जा रहा है। ये मानहानि के साथ-साथ उसके निजी अधिकारों का उल्लंघन भी है।

वेब सीरिज के बारे में छोटा राजन को पत्नी से पता लगा

तिहाड़ जेल में बंद राजन ने अदालत से सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने और उसका ट्रेलर हटाने के आदेश का अनुरोध किया। उसने हंसल मेहता और नेटफ्लिक्स एंटरटेनमेंट सर्विसेज इंडिया सहित सीरीज के निर्माताओं को उसके निजी अधिकारों का उल्लंघन करने से रोकने के लिए एक आदेश दिए जाने की भी मांग की। राजन ने साथ ही एक रुपये क्षतिपूर्ति की भी मांग की। उसका कहना है कि इस सारे घटनाक्रम से उसकी छवि को गहरा धक्का लगा है। राजन ने अपनी याचिका में कहा कि मई 2023 में उसे पत्नी के जरिये सीरीज के ट्रेलर के बारे में पता चला था।

राजन बोला- मेरी सहमति लिए बगैर छवि का हो रहा इस्तेमाल

याचिका में कहा गया है कि सीरीज के निर्माताओं को कभी भी राजन के नाम और छवि के इस्तेमाल की अनुमति हासिल नहीं की थी। उसकी सहमति हासिल किए बिना वो राजन से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल नहीं कर सकते। ये एक तरह से मानहानि के जैसा है।

पत्रकार जिग्ना वोरा की कहानी पर आधारित है वेब सीरिज स्कूप

नेटफ्लिक्स की वेब सीरिज स्कूप पत्रकार जिग्ना वोरा की कहानी पर आधारित है। जिग्ना को मिड डे के पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या के कनेक्शन में अरेस्ट किया गया था। लेकिन बाद में उसे अदालत ने रिहा कर दिया था। ज्योतिर्मय डे अंडर वर्ल्ड के खिलाफ लिखा करते थे। 11 जुलाई 2011 को अपने पवई स्थित घर जाते हुए कुछ लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। कहते हैं कि स्कूप जिग्ना की मेमोरी Behind the Bars In Byculla: My Days in Prison पर आधारित है।

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