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कश्मीर के हालात बेहतर लेकिन अभी सेना हटाना जल्दबाजी होगी, वरिष्ठ अधिकारी बोले

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बड़े मौके और आयोजनों पर हिंसा फैलाने की आतंकियों के मंसूबे को नाकाम करने में सेना सबसे मजबूत स्थित में है।”

कश्मीर में तैनात सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि बेशक हालात पहले से बेहतर हुए हैं, लेकिन अभी घाटी से सेना हटा लेना सही कदम नहीं होगा। चिनार कार्प्स (Chinar Corps) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एडीएस औजला (ADS Aujla) ने बुधवार को पीटीआई टीवी से कहा कि सेना को अंतिम रूप से वहां से हटाने से पहले अब भी बहुत काम करने बाकी है।

पिछले 34 सालों में सक्रिय आतंकियों की संख्या में आई गिरावट

उन्होंने कोई विशेष समय सीमा बताने के बजाए अभी इंतजार करने पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि पिछले 34 सालों में घाटी में सक्रिय आतंकियों की संख्या में काफी गिरावट आई है और यह अब तक की सबसे कम संख्या में पहुंच गये हैं।

सेना हटाना एक राष्ट्रीय फैसला होगा, सही समय पर लिया जाएगा

लेफ्टिनेंट औजला ने कहा कश्मीर में विकास और समृद्धि लाने की सरकार की योजना को पूरा करने में सेना जुटी हुई है। कश्मीर पर कोई भी फैसला लेने और पॉजिटिव बदलाव से पहले वह राज्य प्रशासन और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना चाहेंगे। यह एक राष्ट्रीय फैसला होगा और सही समय पर लिया जाएगा।

अगस्त 2019 से पिछले तीन, साढ़े तीन वर्षों में चीजें सही हुई हैं

उन्होंने कहा, ‘‘हम जब पीछे मुड़कर तब की स्थिति पर गौर करते हैं जब मैं पहली बार यहां आया था, तो चीजें सही नहीं थी और उन्हें नियंत्रित करना था। आज, मैं पूरी ईमानदारी के साथ कह सकता हूं कि पिछले 30 वर्षों में और विशेष रूप से अगस्त 2019 से पिछले तीन, साढ़े तीन वर्षों में चीजें सही हुई हैं।’’

लेफ्टिनेंट जनरल एडीएस औजला ने कहा कि कश्मीर में अनेक ”बलिदान” और कड़ी मेहनत के बाद सामान्य स्थिति और शांति हासिल हुई है। वे बोले ‘‘खुद एक सैनिक होने के नाते, मुझे लगता है कि यह वह जगह है जहां सैनिकों के बलिदान, इतनी सारी एजेंसियों के बलिदान, प्रशासन और लोगों के प्रयासों से स्थिति में बदलाव आया है।’’

प्रमुख आयोजनों के दौरान आतंकी हमलों की आशंका पर लेफ्टिनेंट जनरल औजला ने स्वीकार किया कि ऐसे मौके पर वे हिंसा फैलाने की ताक पर रहते हैं। कहा, ”निश्चित रूप से इसकी आशंका रहती है। अकेला इंसान भी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। लेकिन सभी एजेंसियों के प्रयासों, तालमेल और ताकत के अलावा सेना के जवान स्थिति को नियंत्रित रखते हैं।” कहा कि सुरक्षा बल किसी भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मजबूत स्थिति में हैं।

यह भी कहा कि शांति स्थापित करना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है जो पिछले कई वर्षों से चली आ रही है और अभी भी बहुत प्रयास किये जाने की जरूरत है। दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों की कुछ ‘‘मौजूदगी’’ थी लेकिन ‘‘चुनौती उन्हें बाहर खदेड़ने की है।’’

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