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कमलेश तिवारी हत्याकांड…बेटे को 4 साल बाद भी नौकरी नहीं:पत्नी बोलीं-जो घर मिला उसके लिए 30 हजार घूस देना पड़ा; काटकर मार डालने की धमकी मिली

2 महीने पहलेलेखक: देवांशु तिवारी / राजेश साहू

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“18 अक्टूबर 2019…करवाचौथ के बाद की अगली सुबह। मैं कमरे में लेटी थी। तिवारी जी बाहर के कमरे में पार्टी से जुड़ा कामकाज देख रहे थे। दोपहर 2 बजे दो लोग भगवा कुर्ता पहने तिवारी जी से मिलने आए। उनके हाथ में मिठाई का डिब्बा था, दोनों ने पैर छुए। तिवारी जी ने आशीर्वाद दिया। फिर बात करते-करते दोनों ने मिठाई का डिब्बा खोला, उसमें मिठाई की जगह चाकू और पिस्टल थी।”

“तिवारी जी कुछ बोल पाते उसके पहले ही एक आदमी ने गले पर चाकू मार दिया। एक के बाद एक 15 वार किए। फिर पिस्टल से गोली मार दी। मैं भागकर वहां पहुंची, तो तिवारी जी की खून से सनी लाश पड़ी थी।”

ये शब्द हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी की पत्नी किरन तिवारी के हैं। हत्याकांड के करीब 4 साल बाद दैनिक भास्कर की टीम परिवार से मिलने पहुंची। उनसे किए गए कितने वादे पूरे हुए, इस बारे में जाना। पार्टी के भविष्य पर बात की। आइए सब कुछ शुरू से जानते हैं…

ये फोटो कमलेश की हत्या के एक दिन पहले की है। जब घर पर करवा चौथ की पूजा थी।

ये फोटो कमलेश की हत्या के एक दिन पहले की है। जब घर पर करवा चौथ की पूजा थी।

हत्यारे भगवा कुर्ता पहनकर मिलने पहुंचे
कमलेश तिवारी का असली नाम लक्ष्मीकांत तिवारी था। कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा को फॉलो करते हुए उन्होंने सीतापुर में मुस्लिम भारत छोड़ो आंदोलन चलाया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जेल से छूटने के बाद वह हिंदू महासभा में शामिल हो गए।

दिसंबर, 2015 में उन्होंने पैगंबर मोहम्मद को लेकर विवादित बयान दिया था। इसके बाद पूरे देश में जमकर हंगामा हुआ। पश्चिम बंगाल के कालियाचक में तो 2.5 लाख मुस्लिमों ने उनके खिलाफ विरोध रैली निकाली और पुलिस थाने पर हमला कर दिया। 2017 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हिंदू समाज पार्टी का गठन कर लिया। उसके बाद वह अपनी ही पार्टी के विस्तार में लग गए।

हत्या वाले दिन वह रोज की तरह लखनऊ के खुर्शेदबाग स्थित मकान में बैठे थे। सरकार ने जो सुरक्षा दी थी, वह हटा ली थी। कुछ लोग मिलने के लिए आने वाले थे। दोपहर 2 बजे गुजरात के सूरत से अशफाक और मोइनुद्दीन भगवा कुर्ता और हाथ में मिठाई का डिब्बा लेकर कमलेश तिवारी के घर पहुंचे।

कमलेश ने पहले फ्लोर से आवाज दी कि ऊपर आ जाइए। दोनों ऊपर पहुंचे। उस वक्त कमलेश ने अपने सहायक से नीचे कुछ सामान लाने को भेजा। तभी दोनों ने मिठाई का डिब्बा खोला और उसमें रखे चाकू निकालकर हमला कर दिया।

हत्या के बाद जब CCTV फुटेज खंगाला गया, तो पता चला कि हत्यारे भगवा कुर्ता पहनकर आए थे।

हत्या के बाद जब CCTV फुटेज खंगाला गया, तो पता चला कि हत्यारे भगवा कुर्ता पहनकर आए थे।

जबड़े से सीने के बीच चाकू से 15 वार किया। फिर पिस्टल से सिर में गोली मार दी। इसके बाद दोनों हत्यारे हुसैनगंज के खालसा इन होटल पहुंचे। वहां कपड़ा बदला और सीधे स्टेशन पहुंचे। वहां बरेली की गाड़ी में बैठ गए। हत्यारे राजस्थान पहुंचे तब घर पर पैसे के इंतजाम को लेकर फोन किया। गुजरात ATS ने फोन ट्रेस किया और दोनों को 22 अक्टूबर को पकड़ लिया। दोनों हत्यारे इस वक्त नैनी जेल में बंद हैं।

हत्या के बाद हंगामा हो गया। कमलेश तिवारी के समर्थकों ने जगह-जगह चक्का जाम कर दिया। बड़े अफसर कमलेश तिवारी के घर पहुंचे और हरसंभव मदद की बात कही। उस वक्त सरकार की तरफ से कहा गया कि कमलेश तिवारी के बड़े बेटे को सरकारी नौकरी दी जाएगी। परिवार को पूरी सुरक्षा, घर और आर्थिक मदद की जाएगी।

  • यहां रुकते हैं, अब आपको उस गली में लेकर चलते हैं जहां कमलेश तिवारी की हत्या हुई थी। लेकिन पहले उनसे जुड़ा ये ग्राफिक देखिए…

सुरक्षा घटी, जो घर मिला उसके लिए घूस देना पड़ा
हम कमलेश तिवारी के घर पहुंचे, तो बाहर धीरज कुमार नाम के सिपाही बैठे मिले। हमने अपना परिचय बताया। उन्होंने बैग की तलाशी ली और फिर हम ऊपरी फ्लोर पर कमलेश की पत्नी किरन तिवारी के पास पहुंचे। हमने पूछा कि पहले और अब की सुरक्षा में क्या बदलाव है?

किरन ने बताया, “पहले से सुरक्षा घट गई है। पहले यहां 5 लोग होते थे, अब तीन लोग ही रहते हैं। बड़े बेटे को गनर मिला था, लेकिन बाद में उसे हटा लिया गया। मैंने यहां सुरक्षा के लिए कई बार पुलिस लाइन फोन किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।”

लखनऊ के खुर्शेदबाग में बना हिंदू समाज पार्टी का दफ्तर, यहीं पर कमलेश तिवारी का परिवार रहता है।

लखनऊ के खुर्शेदबाग में बना हिंदू समाज पार्टी का दफ्तर, यहीं पर कमलेश तिवारी का परिवार रहता है।

कमलेश हत्याकांड के कुछ दिन बाद सरकार ने परिवार को एक घर देने का वादा किया था। हमने उस घर के बारे में पूछा तब किरन कहती हैं, “हमें दुबग्गा के पारा इलाके में जो कांशीराम कॉलोनी बनी है, उसमें घर मिला है। वहां की हालत इतनी खराब है कि रहना मुश्किल है। उस घर के लिए भी हमें घूस के रूप में 30 हजार रुपए देने पड़े। हमारे घर का कोई भी लड़का वहां जाकर रहने को तैयार नहीं है।”

CM योगी 5 लाख रुपए दे रहे थे
कमलेश की हत्‍या के बाद पूरे लखनऊ में बवाल बढ़ता जा रहा था। इसी बीच परिवार ने कमलेश का शव सामने रखकर घर के 2 सदस्यों के लिए नौकरी की मांग की। किरन ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद यहां नहीं आएंगे वह अपने पति का दाह संस्कार नहीं करवाएंगी। किरन ने ये भी कहा कि अगर UP सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो वह खुद आत्मदाह कर लेंगी। हालांकि, बाद में योगी ने उनसे मिलने का समय दिया।

हमने CM योगी की उस मुलाकात का जिक्र किया। पूछा कि उस वक्त CM ने क्या कहा था। किरन बताती हैं, “CM ने हरसंभव मदद की बात कही थी। वह 5 लाख रुपए देने की बात कह रहे थे। हमारे साइड से गए लोगों ने मना कर दिया। इसके बाद हमें 15 लाख रुपए मिले। इसी 15 लाख से हम केस लड़ रहे हैं। बच्चों को पढ़ा रहे हैं। 4 साल बीत गए इसके अतिरिक्त हमें कुछ भी नहीं मिला।”

ये उस समय की फोटो है जब किरन CM योगी से मिलने उनके आवास गई थीं।

ये उस समय की फोटो है जब किरन CM योगी से मिलने उनके आवास गई थीं।

बेटे की नौकरी के लिए हाईकोर्ट गई पर नहीं मिली
कमलेश के परिवार को सहारा देने पहुंचे डीएम और प्रशासनिक अधिकारियों ने कुल 9 वादे किए थे। 5वें नंबर पर लिखा कि कमलेश तिवारी के बड़े बेटे सत्यम तिवारी को सरकारी नौकरी दी जाएगी। 4 साल बीत गए, लेकिन अब तक नौकरी नहीं मिली। किरन कहती हैं, हमारे पास कोई बिजनेस नहीं है, आमदनी का कोई सोर्स नहीं है, इसलिए यह उम्मीद थी कि बड़े बेटे को नौकरी मिल जाएगी, तो अच्छा रहेगा। लेकिन 4 साल बीत जाने के बाद भी आज तक नौकरी नहीं मिल सकी।

किरन आगे बताती हैं, “मैंने बेटे की नौकरी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उस वक्त कहा गया कि 3 महीने में हो जाएगा, लेकिन सरकार की तरफ से जवाब आया कि हमारे पास अभी नौकरी ही नहीं है।”

हमने पूछा कि नौकरी न देने की वजह क्या है? इस पर वह कहती हैं कि सरकार को लगता है कि नौकरी देंगे तो बेटे को सैलरी मिलेगी। इससे हमारी हिंदू समाज पार्टी मजबूत होगी। इसलिए वह नौकरी नहीं दे रहे हैं।

  • कमलेश की हत्या के बाद कई हिंदू संगठनों ने ही आर्थिक मदद की बात कही थी, लेकिन उनकी पत्नी बताती हैं कि किसी ने भी एक रुपए की कोई मदद नहीं की।

जहां पति को भेजा, वहीं तुम्हें भी भेज देंगे
कमलेश तिवारी के बाद किरन तिवारी हिंदू समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं। पार्टी के कामकाज को संभाला। हिंदुत्व की जिस कट्टर विचारधारा पर कमलेश आगे बढ़ रहे थे, उसी लाइन पर किरन भी आगे बढ़ीं। इसलिए उन्हें भी जान का खतरा बना रहा।

एक बार 2019 और फिर दूसरी बार जुलाई 2022 को जान से मारने की धमकी मिली। 22 जून को उर्दू में पत्र आया। उसे ट्रांसलेट करवाया गया तो उसमें लिखा मिला- जहां तुम्हारे पति को भेजा, वहीं तुम्हें भी भेज देंगे। इस पत्र के बाद किरन ने नाका हिंडोला थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

उस धमकियों को लेकर वह कहती हैं, बच्चों को लेकर आज भी डर लगता है। वह कहीं बाहर जाते हैं, तो जब तक वापस नहीं आ जाते तब तक दिमाग उन्हीं पर टिका रहता है। हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। तिवारी जी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का फैसला किया है, कुछ भी हो, अब पीछे नहीं हटेंगे।

फिलहाल…

  • किरन इस वक्त अपनी पार्टी के विस्तार में लगी हैं।
  • 2024 के लोकसभा चुनाव में वह कुछ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में हैं।
  • भाजपा से गठबंधन की बात पर कहती हैं कि हम दोनों की विचारधारा अलग है।
  • बेटे की नौकरी के लिए हाईकोर्ट में रिट डाली है। केस लड़ रही हैं।

आखिर में किरन कहती हैं… ‘‌BJP प्रदेश में अल्पसंख्यक मोर्चा बनाकर आगे बढ़ रही है, जबकि हमने पहले ही तय कर रखा है कि हम अपनी पार्टी में एक भी मुस्लिम या फिर ईसाई को शामिल नहीं करेंगे।’

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