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इस परिवार में राखी से बंधी है रिश्तों की डोर:रक्षाबंधन पर साथ होती हैं चार पीढ़ियां; इनमें डेढ़ से 80 साल के 70 भाई-बहन

रायपुर/खैरागढ़2 घंटे पहले

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ये है खैरागढ़ का बख्शी परिवार, जिनके ज्यादातर सदस्य अब रायपुर में रहते है। - Dainik Bhaskar

ये है खैरागढ़ का बख्शी परिवार, जिनके ज्यादातर सदस्य अब रायपुर में रहते है।

छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन का पर्व बुधवार रात बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के कलाइयों पर राखी बांधी और साथ निभाने का वादा लिया। राखी बांधने का यह सिलसिला गुरुवार सुबह भी जारी है। ऐसे में खैरागढ़ का बख्शी परिवार भी है। जहां एक साथ चार पीढ़ियां भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार को हर साल मनाती हैं।

ये परिवार खासतौर रक्षाबंधन के लिए दूर-दूर से आकर एक जगह इकट्ठे होते है। फिर वे सभी एकजुट होकर इस त्योहार को बढ़ी ही खुशियों के साथ मनाते है। परिवार के भाई-बहनों का आपस में प्रेम इतना है कि ये इस एक दिन का पूरे साल इंतजार करते है। इस फैमिली में चार पीढ़ियों के डेढ़ साल से लेकर 80 साल तक के भाई मौजूद है। जिन्हें बहनें राखी बांधती है।

4 पीढ़ियों के भाइयों के कलाइयों में राखी बांधती बख्शी परिवार की बहनें।

4 पीढ़ियों के भाइयों के कलाइयों में राखी बांधती बख्शी परिवार की बहनें।

दिल्ली से लेकर विदेशों तक से आते है फैमिली मेंबर

परिवार में रक्षाबंधन में मुलाकात को लेकर क्रेज इतना है कि ये आपस मे मिलने के लिए दूर-दूर से आते है। इसके लिए कई फैमिली के मेंबर दिल्ली,मध्यप्रदेश और विदेशों से भी पहुंचते है। परिवार के एक सदस्य छत्तीसगढ़ शासन के विधि विभाग के प्रमुख सचिव रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि आज समाज में जॉइंट फैमिली का कॉन्सेप्ट कम हो रहा है। हमारे परिवार के लोग भी दूर-दूर रहते है, लेकिन हर साल रक्षाबंधन के लिए हम किसी एक भाई-बहन के यहां एकत्र होते है। फिर दिनभर साथ रहते है और बहुत सारी चीजें एक-दूसरे से शेयर करते है। आपस मे खूब मनोरंजन करते है।

बच्चों को मैसेज देने की कोशिश

रजनीश ने बताया कि हमारे परिवार की कोशिश रहती है कि हम बच्चों को सही संस्कार और मैसेज दे सके। जिसके लिए पुरानी पीढ़ी और नए पीढ़ी के लोग आपस मे मिलते है। बच्चों से घर के बड़े बातचीत करते है। उन्हें अच्छे-बुरे की पहचान करवाते है। वे भी बुजुर्गों के साथ घुल मिलकर बातें करते है।

हर साल रक्षाबंधन के लिए इकट्ठे होते हैं फैमिली के सभी मेंबर।

हर साल रक्षाबंधन के लिए इकट्ठे होते हैं फैमिली के सभी मेंबर।

रायगढ़ रियासत के मंत्री थे परदादा

परिवार के सदस्य निलेश बख्शी ने बताया कि उनके दादा के पिता स्वर्गीय बैन लाल बख्शी खैरागढ़ रियासत में मंत्री थे। उसके बाद उनके पुत्र स्वर्गीय रमाकांत बख्शी,कला और नाट्य की दुनिया से जुड़े रहे। उन्होंने अपने पुत्र सूर्यकांत बख्शी को हमेशा परिवार को एकजुट रखने के लिए कहा था। जिसका नतीजा है कि ये परिवार आज भी दूर रहते हुए भी रक्षाबंधन के मौके पर इकट्ठे होकर आपस में प्यार बांटता है।

35 भाई-बहनों का जोड़ा है इस परिवार में

इस घर के सबसे वरिष्ठ व्यक्ति सूर्यकांत बख्शी ने बताया कि हम हर साल 100 लोगों के करीब इकट्ठे होते है। जिसमें हर उम्र के 35 भाई-बहनों का जोड़ा है। जो एक साथ बैठकर राखी बंधवाते है। साथ में भोजन करते है। इस तरह वे सभी इस पवित्र त्योहार को सेलिब्रेट करते है।

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