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आफताब पीटने के बाद मांग लेता था माफी, श्रद्धा के भाई ने बताई पूरी कहानी

श्रीजय वाल्कर ने बताया कि मां से श्रद्धा का बेहद आत्मीय रिश्ता था। मां जब भी बीमार होती तो श्रद्धा घर पर आती और उनकी देखभाल करती। मां की मौत के बाद वो घर से दूर हो गई।

श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस के ट्रायल के दौरान श्रीजय वाल्कर ने बताया कि आफताब और श्रद्धा के बीच शुरू से ही संबंध बेहद तल्ख थे। दोनों के बीच अक्सर झड़प और मारपीट हो जाती थी। लेकिन हर ऐसी घटना के बाद आफताब उसकी बहन से माफी मांग लेता था। श्रद्धा भी पूरी तरह से उसके चंगुल में फंस गई थी। वो उसकी हैवानियत को देखने के बाद भी हमेशा उसे माफ कर देती थी। वो आफताब को छोड़ नहीं पा रही थी।

साकेत कोर्ट में श्रीजय वाल्कर ने बताया कि मां से श्रद्धा का बेहद आत्मीय रिश्ता था। मां जब भी बीमार होती तो श्रद्धा घर पर आती और उनकी देखभाल करती। मां की मौत के बाद वो घर से दूर हो गई। इतनी कि फरवरी 2020 के बाद से उसने अपनी बहन को देखा ही नहीं। 2021 के बीच के वक्फे के बाद उसका बहन से किसी भी तरह का ताल्लुक नहीं रह गया। वो केवल अपनी दोस्त शिवानी महात्रे और लक्ष्मणन नादर के टच में थी। लेकिन 2021 के बीच के वक्फे के बाद उसका फोन स्विच ऑफ या फिर नॉट रीचेबल रहने लगा। उनसे भी उसका कांटेक्ट खत्म हो गया।

श्रद्धा से कहते थे कि आफताब को छोड़ दे पर वो उसके चंगुल में थी

श्रद्धा के भाई ने कोर्ट को बताया कि जब भी वो आफताब की हैवानियत का जिक्र करती थी तो वो सारे लोग उसे समझाते थे कि वो उसे छोड़कर उनके पास आ जाए। लेकिन आफताब ने श्रद्धा पर जादू सा कर रखा था। वो मारपीट सहने के बाद भी उसे छोड़ने को तैयार नहीं होती थी। उन लोगों ने देखा कि श्रद्धा उनकी बात सुनने को भी तैयार नहीं हो रही है तो परिवार के लोगों ने मां की मौत के बाद उससे संपर्क बेहद कम कर दिया था।

श्रद्धा के पड़ोसी के साथ ऑटो ड्राइवर का भी दर्ज हुआ बयान

साकेत कोर्ट में आज आफताब और श्रद्धा के छतरपुर स्थित घर के पड़ोस में रहने वाले शख्स के साथ ऑटो ड्राइवर के भी बयान दर्ज किए गए। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी। आफताब के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 6629 पेज की चार्जशीट इसी साल जनवरी में दाखिल की थी। पुलिस ने 75 दिनों की जांच के बाद श्रद्धा की हत्या और उसकी लाश को खुर्दबुर्द करने से जुड़े पहलुओं को अपने आरोप पत्र का हिस्सा बनाया है।

आफताब और श्रद्धा पहले मुंबई में रहते थे। मई 2022 में दोनों दिल्ली आ गए थे। हत्या का पता तब चला जब श्रद्धा के एक दोस्त ने उसके पिता को बताया कि उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। श्रद्धा के पिता विकास ने मुंबई पुलिस को शिकायत दी। उसके बाद पता चला कि आफताब ने श्रद्धा की हत्या के बाद उसके शरीर के 35 टुकड़े किए और फिर उन्हें 300 लीटर के फ्रिज में रखा। उसके बाद वो टुकड़ों को आराम से ठिकाने लगाता रहा।

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