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अमृतपाल की फरारी के 36 दिन:मर्सिडीज, ठेला-बाइक पर दिखा; छाते में छुपा, पेंट-शर्ट पहनी, 5 राज्यों में ढूंढते रहे, पंजाब में मिला

अमृतसर13 घंटे पहले

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पंजाब पुलिस की गिरफ्त में अमृतपाल सिंह।

18 मार्च 2023, पंजाब पुलिस ने वारिस पंजाब दे के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। 36वें दिन पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। उसके फरार होने के पहले 24 से 48 घंटों के बीच 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अभी तक 400 से अधिक हिरासत में और 350 से अधिक को छोड़ा जा चुका है।

वहीं, अमृतपाल सिंह के 9 साथी पहले से ही NSA लगाकर असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेजे जा चुके हैं। अब अमृतपाल सिंह भी अपने साथियों के पास पहुंच गया है।

अमृतपाल सिंह हत्या प्रयास, कानून काम में बाधा डालने और समाज व धर्मों में अशांति पैदा करने के मामले में वांछित चल रहा था। पंजाब के हालात बिगाढ़ने के आरोपों के बाद उस पर NSA लगाया गया। पुलिस से बचने के लिए उसने तीन कारों को बदला, कपड़े बदल दिए और अंत में एक मोटरसाइकिल पर भाग निकला।

18 मार्च को अमृतपाल जालंधर में ब्रेजा गाड़ी से भागा था, जो कि सीसीटीवी में कैद हुई थी।

18 मार्च को अमृतपाल जालंधर में ब्रेजा गाड़ी से भागा था, जो कि सीसीटीवी में कैद हुई थी।

अब जानिए 36 दिनों में में क्या-क्या हुआ

18 मार्च- अमृतपाल मोगा के गुरुद्वारे के कार्यक्रम में जा रहा था। इस बीच पंजाब पुलिस ने जालंधर के पास उसे घेर लिया, लेकिन यहां से वह भाग गया। कार का पीछा भी किया, लेकिन वह भाग निकलने में सफल रहा।

इसके बाद अमृतपाल सिंह ने जालंधर में नंगल अंबिया गांव के गुरुद्वारा में शरण ली। अमृतपाल सिंह ने गन पॉइंट पर पाठी व परिवार को बंधक बनाया। यहां बैठ खाना खाया और पाठी के बेटे के कपड़े पहन भाग गया। पुलिस ने गुरुद्वारे के पाठी के बयानों पर अमृतपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया।

वहीं उसका चाचा हरजीत सिंह व ड्राइवर जालंधर में गांव उधोवाल के सरपंच के घर जाकर छिप गया। परिवार को बंधी बनाकर यहां छिपा रहा। पुलिस ने सरपंच के बयानों पर चाचा व ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसी दिन पूरे पंजाब में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। 2 करोड़ 70 लाख लोग इससे प्रभावित हुए।

19 मार्च को अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह ने मर्सिडीज कार के साथ सरेंडर किया था।

19 मार्च को अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह ने मर्सिडीज कार के साथ सरेंडर किया था।

19 मार्च- अमृतपाल सिंह की CCTV वीडियोज आनी शुरू हो गई। ब्रेजा कार से मोटरसाइकिल पर बैठने की सीसीटीवी सामने आई। समझा आया कि अमृतपाल सिंह अब मोटरसाइकिल पर भाग चुका है। अमृतपाल सिंह जुगाड़ू रिक्शा पर मोटरसाइकिल को थाम बैठा दिखा। मोटरसाइकिल का टायर पंक्चर होने के बाद उसने जुगाड़ू रिक्शा का सहारा लिया।

इस बीच 19 मार्च की रात चाचा हरजीत सिंह व ड्राइवर हरप्रीत सिंह ने अमृतसर रूरल के एसएसपी सतिंदर सिंह के सामने सरेंडर कर दिया। अमृतपाल सिंह की मर्सिडीज कार भी पुलिस के हवाले कर दी।

इसके बाद 18-19 मार्च की मध्यरात्रि अमृतपाल सिंह लुधियाना के हार्डिज वर्ल्ड के पास स्पॉट हुआ। यहां से वह पटियाला चला गया। जहां से उसने एक्टिवा पकड़ी और हरियाणा के लिए निकल गया।

गाड़ी छोड़कर बाइक पर भागता अमृतपाल सीसीटीवी में हुआ कैद।

गाड़ी छोड़कर बाइक पर भागता अमृतपाल सीसीटीवी में हुआ कैद।

20 मार्च- अमृपताल सिंह 19-20 मार्च के बीच हरियाणा के कुरुक्षेत्र में स्पॉट हुआ। कुरुक्षेत्र के शाहबाद में अमृतपाल सिंह अपने साथी पपलप्रीत सिंह की जानकार महिला बलजीत कौर निवासी सिद्धार्थ कॉलोनी के घर रुका। यही महिला अमृतपाल द्वारा इस्तेमाल की गई एक्टिवा को पटियाला छोड़ कर आई थी। जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

अमृतपाल सिंह इसके बाद हरियाणा से बस में निकल गया। 20 मार्च तक पुलिस पूरी तरह से अमृतपाल सिंह को ट्रेस कर पाई।

21 मार्च- अमृतपाल सिंह हरियाणा के बाद दिल्ली में स्पॉट किया गया। खुले बालों व टोपी के साथ अमृतपाल आगे चलता दिखा और पपलप्रीत सिंह उसके पीछे बैग उठाए चल रहा था। इसके बाद सूचना मिली कि अमृतपाल सिंह अब यूपी के लिए निकल चुका है।

गाड़ी से उतरकर भागता और ठेले पर बैठा अमृतपाल।

गाड़ी से उतरकर भागता और ठेले पर बैठा अमृतपाल।

22 मार्च- इस दिन तक अमृतपाल सिंह अपने साथी पपलप्रीत सिंह के साथ यूपी पहुंच चुका था, लेकिन इस दिन पुलिस के साथ हरियाणा की सीसीटीवी लगी थी। पुलिस अमृतपाल सिंह से दो दिन पीछे चल रही थी। इसके साथ ही अमृतपाल सिंह की ठेले पर बैठे हुए की तस्वीरें भी वायरल हुई।

पुलिस द्वारा जारी अमृतपाल सिंह के कई चेहरे।

पुलिस द्वारा जारी अमृतपाल सिंह के कई चेहरे।

23 मार्च- इस दिन पुलिस ने अमृतपाल सिंह के परिवार, मां और खास तौर पर पत्नी से पूछताछ को शुरू कर दिया। महिला अधिकारियों ने कई घंटों तक उसकी पत्नी से पूछताछ की। पुलिस ने अमृतपाल सिंह को भगोड़ा करार करते हुए, उसकी तस्वीरों को वायरल किया। इसके साथ ही लोगों को उसकी सूचना देने का भी अनुरोध किया। इसके साथ वे मोटरसाइकिल बरामद किया गया, जिस पर अमृतपाल सिंह व पपलप्रीत सिंह फरार हुए थे।

24 मार्च- अमृतपाल सिंह की पुरानी ऑडियो वायरल हुई। जिसमें उसकी लड़कियों के प्रति सोच सामने आई। इतना ही नहीं, महिलाओं व युवतियों को ब्लैकमेल करने की बातें भी इस ऑडियो में सामने आई थी। इस दिन अमृतपाल सिंह की तरफ से प्रयोग किया गया स्प्लेंडर व बुलेट मोटरसाइकिल पुलिस ने बरामद कर लिया।

खालिस्तानी करेंसी।

खालिस्तानी करेंसी।

25 मार्च- इस दिन अमृतपाल सिंह का साथी गोरखा बाबा खन्ना पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल से जहां खालसा राज का नक्शा, झंडे आदि मिले, वहीं अमृतपाल सिंह के गांव जल्लूपुर खेड़ा में बनाई गई शूटिंग रेंज भी सामने आई। इसी दिन अमृतपाल सिंह की खोज पंजाब हरियाणा के बाद उत्तराखंड और यूपी में भी शुरू कर दी गई। इस दौरान हथियार, AKF (आनंदपुर खालसा फौज) की तस्वीरें, फायरिंग रेंज के वीडियो और AKF के वॉट्सऐप ग्रुप भी सामने आए।

अमृतपाल ने अपने गांव जल्लूपुर खेड़ा में फायरिंग रेंज बनवाई थी।

अमृतपाल ने अपने गांव जल्लूपुर खेड़ा में फायरिंग रेंज बनवाई थी।

26 मार्च- अमृतपाल सिंह की सर्च के साथ-साथ नेपाल बॉर्डर पर सख्ती को बढ़ा दिया गया। उसके पोस्टर नेपाल बॉर्डर पर लगाए गए। पपलप्रीत सिंह के जीजी व बहन को जम्मू कश्मीर से हिरासत में लिया गया। कुरुक्षेत्र से पकड़ी गई महिला के मोबाइल से इनके नंबर पर कई बार कॉल की गई थी।

27 मार्च- जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की तरफ से श्री अकाल तख्त साहिब पर सिख बुद्धिजीवियों की बैठक बुलाई गई। जिसमें अमृतपाल सिंह को सरेंडर करने की सलाह दी गई। वहीं सरकार को बढ़ा-चढ़ा कर कार्रवाई करने के लिए भी कोसा गया।

इस दिन पुलिस ने अमृतपाल के सबसे करीबी गनमैन वरिंदर जौहल को गिरफ्तार किया है। उस पर NSA (नेशनल सिक्योरिटी एक्ट) लगाया है। इसके बाद उसे भी असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया है।

28 मार्च- 28 अप्रैल की रात को एक बार फिर अमृतपाल सिंह के पंजाब में होने की सूचना पुलिस को मिली। होशियारपुर में एक इनोवा कार का पीछा किया गया। अमृतपाल सिंह एक चैनल को इंटरव्यू देने के लिए होशियारपुर जा रहा था, लेकिन यहां भी अमृतपाल सिंह भागने में कामयाब रहा। इसी दिन अमृतपाल सिंह अपने साथी पपलप्रीत सिंह से अलग हो गया।

29 मार्च- इस दिन पुलिस पूरे पंजाब में एक बार फिर एक्टिव दिखी। लगातार अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने के लिए होशियारपुर के एरिया में सर्च अभियान चला गया। इतना ही नहीं, ड्रोन से एरिया में सर्च किया गया।

अमृतपाल की ठेले पर और एनर्जी ड्रिंक पीते की फोटो वायरल हुई थी।

अमृतपाल की ठेले पर और एनर्जी ड्रिंक पीते की फोटो वायरल हुई थी।

अमृतपाल सिंह की कुछ तस्वीरें पपलप्रीत सिंह के साथ वायरल हुईं। जिसमें वह पपलप्रीत सिंह के साथ बैठ एनर्जी ड्रिंक पी रहा है।

30 मार्च- इस दिन अमृतपाल सिंह की पहली वीडियो वायरल हुई। जिसमें वह श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से खालसा वहीर बुलाने पर जोर देता रहा। यह वीडियो आने के बाद पुलिस ने पंजाब, यूपी और उत्तराखंड के 300 से अधिक डेरों पर दबिश देना भी शुरू कर दिया।

31 मार्च- इस दिन 24 घंटे के अंदर-अंदर अमृतपाल सिंह ने एक ऑडिया और वीडियो फिर से रिलीज किया। जिसमें वह लोगों को 13 मार्च के दिन श्री दमदमा साहिब पहुंचने के लिए कहता रहा। इसके अलावा उसने ज्ञानी हरप्रीत सिंह से फिर से सरबत खालसा बुलाने की अपील की।

वीडियो में अमृतपाल ने सरबत खालसा बुलाने की अपील की थी।

वीडियो में अमृतपाल ने सरबत खालसा बुलाने की अपील की थी।

1 अप्रैल- अमृतपाल सिंह के साथी पपलप्रीत सिंह की वीडियो वायरल हुई। यह होशियारपुर के एक डेरे की वीडियो थी, जिसमें पपलप्रीत खुलेआम गांव की गलियों में घूमता दिख रहा था। इसके बाद दोबारा से पुलिस ने होशियारपुर के डेरों पर सर्च शुरू की।

1 से 9 अप्रैल तक अमृतसर सिंह के दोबारा पंजाब से बाहर जाने की सूचनाएं मिलती रहीं। पुलिस ने पंजाब के अलावा, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड के साथ-साथ राजस्थान में भी दबिश दी।

होशियारपुर में डेरे के सीसीटीवी कैमरे में अमृतपाल का साथी पपलप्रीत कैद हुआ था।

होशियारपुर में डेरे के सीसीटीवी कैमरे में अमृतपाल का साथी पपलप्रीत कैद हुआ था।

10 अप्रैल- 10 अप्रैल के दिन अमृतपाल सिंह के साथी पपलप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। यह पंजाब पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता था। अमृतपाल सिंह बीते 22 दिनों से इसी की मदद से भाग पा रहा था।

पपलप्रीत सिंह ने बताया कि 28 मार्च के बाद से ही वह अमृतपाल सिंह से अलग हो गया था। जिसके बाद पपलप्रीत सिंह को भी डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया।

15 अप्रैल- अमृतपाल सिंह का अन्य साथी जोगा सिंह भी पुलिस ने पकड़ लिया। यह वही जोगा सिंह है, जो 27 अप्रैल को अमृतपाल सिंह व पपलप्रीत सिंह को पीलीभीत से पंजाब लेकर आया था। जोगा सिंह लुधियाना का रहने वाला है और यूपी में एक डेरा चला रहा था।

अमृतपाल सिंह की साथी जोगा सिंह गिरफ्तार।

अमृतपाल सिंह की साथी जोगा सिंह गिरफ्तार।

20 अप्रैल- अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर 20 अप्रैल को 11:30 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंची। 2:30 बजे उनकी फ्लाइट थी। बोर्डिंग पास भी उन्हें दे दिया गया, लेकिन इमिग्रेशन काउंटर पर उन्हों रोक लिया गया। तकरीबन 3 घंटे किरणदीप से पूछताछ हुई। 2:30 बजे, जब फ्लाइट चली गई तो किरणदीप को अमृतपाल सिंह के गांव जल्लूपुर खेड़ा वापस भेज दिया गया। हिदायत दी गई कि बिना पूछे कहीं भी ना जाएं।

किरणदीप गुरुवार सुबह 11.30 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंची थी। उसे काउंटर के पास रोक दिया गया।

किरणदीप गुरुवार सुबह 11.30 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंची थी। उसे काउंटर के पास रोक दिया गया।

23 अप्रैल, गिरफ्तारी का दिन- अमृतपाल सिंह को गांव रोडे में पंजाब पुलिस ने घेरा डाल गिरफ्तार कर लिया। अमृतसर पुलिस और इंटेलिजैंस विंग ने जॉइंट ऑपरेशन में अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार किया। अब उसे भी डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया है।

हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
इस एक महीने में वारिस पंजाब दे संस्था के लीगल एडवाइजर अमान सिंह खारा ने पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया। जिसमें कहा गया कि पुलिस ने पहले ही अवैध रूप से हिरासत में लिया था। पंजाब सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए हाईकोर्ट को सूचित किया कि वे अमृतपाल सिंह को पकड़ने के करीब हैं।

अमृतपाल के वकील ने वायरल तस्वीरों को बताया फेक।

अमृतपाल के वकील ने वायरल तस्वीरों को बताया फेक।

अमृतपाल और उनके चार सहयोगियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत आरोप लगाए गए थे। इस तलाशी अभियान में अमृतपाल के प्रत्यक्ष सहयोगियों समेत 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अमृतसर में, अमृतपाल सिंह के ठिकाने की पहचान करने के लिए एक ‘हयू एंड क्राई नोटिस’ जारी किया गया था।

पंजाब में मोबाइल सेवाएं बंद, 122 ट्विटर अकाउंट बंद
ऑपरेशन अमृतपाल के दौरान पंजाब में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया था। 21 मार्च की दोपहर तक टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाओं को बंद कर दिया गया था। जिससे 2.7 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे। कुछ जिलों में पाबंदियां 23 मार्च तक बढ़ा दी गईं। भारत सरकार ने भी ट्विटर से अमृतपाल सिंह या वारिस पंजाब दे से जुड़े 122 अकाउंट को भारत में बंद करवा दिया। हालांकि उनमें से कई का अमृतपाल या वारिस पंजाब दे से कोई संबंध नहीं था।

ISI से संबंध सामने आए
भारतीय खुफिया एजेंसियों का आरोप है कि अमृतपाल सिंह के पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और खालिस्तान आतंकी समूहों से संबंध हैं। ISI ने उन्हें जॉर्जिया में अलगाववादी एजेंडे को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित किया है।

वारिस पंजाब दे के कई सदस्यों के खातों में ज्यादातर विदेशी सोर्स से लगभग 40 करोड़ रुपए की संदिग्ध जमा राशि का पता चला था। एजेंसियों की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिलावर सिंह को मैंटोर मानने वाले आत्मघाती हमलावरों के रूप में अपनी सेना और ‘मानव बम दस्ते’ बना रहा है, जिसमें ब्रेनवॉश किए गए युवा शामिल हैं।

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