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Kaal Sarp And Rahu Dosh: ऐसे पता चलता है कि कुंडली में काल सर्प दोष या राहु दोष है या नहीं

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  3. Kaal Sarp And Rahu Dosh Upay: काल सर्प दोष और राहु दोष के लक्षण, उपाय और अन्य जानकारी

Astro Tips For Rahu Dosh Or Kaal Sarp Dosh: कुंडली में राहु के खराब होने पर मानसिक तनाव बहुत ज्यादा रहते हैं। आर्थिक नुकसान होता रहता है। कालसर्प दोष के लक्षण होने पर राहु केतु की दशा में बुरे सपने आते हैं।

Rahu Dosh, Kaal Sarp Dosh, Rahu Dosh ke upay, Rahu Dosh symptoms,कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाएं और ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें।

KaalSarp Dosh Or Rahu Dosh Upay: कुंडली में कुछ दोष ऐसे होते हैं जिनके होने पर व्यक्ति काफी परेशान रहता है। ऐसे ही दोष हैं काल सर्प दोष और राहु दोष। इन दोषों के होने पर व्यक्ति को अपनी मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और जीवन में कुछ न कुछ संकट लगे ही रहते हैं। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर भगवान शिव की पूजा करने और कुछ विशेष उपाय करने से आप इन दोषों से मुक्ति मिल सकती है। सबसे पहले जान लेते हैं इन दोषों के लक्षण क्या हैं?

कालसर्प दोष के लक्षण: अगर आपको लगातार मेहनत करने पर असफलता मिल रही है। या फिर किसी बीमारी के बेहतर इलाज के बाद भी आप ठीक नहीं हो पा रहे हैं तो इस तरह के लक्षण कुंडली में कालसर्प दोष को दर्शाते हैं। कालसर्प दोष के लक्षण होने पर राहु केतु की दशा में बुरे सपने आते हैं। सांप और मृत्यु के लगातार सपने आना भी कालसर्प दोष होने का लक्षण है।

राहु दोष के लक्षण: कुंडली में राहु के खराब होने पर मानसिक तनाव बहुत ज्यादा रहते हैं। आर्थिक नुकसान होता रहता है। किसी से संबंध अच्छे नहीं रहते क्योंकि तालमेल में कमी आने लगती है। किसी भी ग्रह का शुभ फल प्राप्त नहीं हो पाता। सोचने समझने की शक्ति काफी कमजोर होती चली जाती है। गलत संगत में इंसान पड़ने लगता है।

काल सर्प और राहु दोष से मुक्ति के उपाय: महाशिवरात्रि पर शिव जी की विधिवत और सच्चे मन से अराधना करने से किसी भी प्रकार के दोषों से मुक्ति मिल जाती है। राहु की महादशा होने पर महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का अभिषेक करवाना चाहिए और साथ ही शिवपुराण का पाठ भी करें। राहु की दशा में शिव के मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करते रहना चाहिए। महाशिवरात्रि से शुरू करके प्रतिदिन भगवान शिव को बिल्व पत्र चढ़ाकर उनका दुग्धाभिषेक करें। इससे राहु ग्रह शांत हो जाता है।

राहु से बचने के लिए हर रोज राहु के मंत्र ‘ओम कयानश्चित्र आभुवदूतीसदा वृध: सखा कयाशश्चिष्ठया वृता’ का जाप भी कर सकते हैं। शनिवार से इस मंत्र का जाप प्रारभ करके हर रोज रात के समय करें। कबूतरों को बाजरा खिलाएं। चांदी की धातु से बनी नाग की आकृति वाली अंगूठी अनामिका उंगली में धारण करें। ज्योतिष सलाह पर गोमेद भी पहन सकते हैं।

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाएं और ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। साथ ही नाग नागिन का चांदी का जोड़ा शिवलिंग पर चढ़ाएं। अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो महामृत्युंजय मंत्र का किसी योग्य पंडित से जाप कराएं या फिर अपने आप से ही इस मंत्र का 108 बार जाप करें। प्रत्येक मंत्रजप के साथ एक बिल्वपत्र भी भगवान शिव पर चढ़ाते रहें।

महामृत्युंजय मंत्र: ऊँ हौं ऊँ जूं स: भूर्भुव: स्व: त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवद्र्धनम्।


उर्वारुकमिव बंधनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् भूर्भुव: स्वरों जूं स: हौं ऊँ।।

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