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CM शिवराज से बस ड्राइवर ने कहा था झूठ!:उत्तरकाशी में 26 तीर्थयात्रियों की जान स्टीयरिंग फेल होने से नहीं गई; RTO की रिपोर्ट से खुलासा, जानिए सच…

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भोपालएक घंटा पहलेलेखक:  संदीप राजवाड़े

पन्ना जिले से उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के लिए निकले 28 तीर्थयात्रियों से भरी बस उत्तराकाशी के पहाड़ से खाई में गिर गई थी, इस हादसे में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे का जिम्मेदार कौन है, इसका बड़ा खुलासा हुआ है। दैनिक भास्कर ने उत्तरकाशी एआरटीओ मुकेश सैनी से बात की तो चौकाने वाला मामला सामने आया। उन्हाेंने बताया कि तकनीकी जांच में यह पाया गया कि बस की स्टेयरिंग में कोई प्रॉब्लम नहीं थी, जांच में शामिल आरआई ने बस के स्टीयरिंग, गियर बॉक्स की जांच की तो उसमें ऐसी कोई खामी नहीं मिली। इसलिए ऐसा माना जा सकता है कि उसकी स्टीयरिंग फेल नहीं हुई होगी। हादसे का कारण दूसरा होगा। रिपोर्ट मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को भेज दी गई है। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि घायल ड्राइवर ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को झूठ बोला कि स्टीयरिंग फेल होने से हादसा हुआ था। उत्तराकाशी प्रशासन अब तक हादसे की जांच पूरी नहीं कर पाया है। ड्राइवर और बचे घायलों का बयान भी नहीं लिया गया है।

आपको बताते हैं क्या हुआ था उस दिन… घायल दंपती की जुबानी

हादसे में बचे एकमात्र दंपती पन्ना के चिखला गांव के उदय सिंह और उनकी पत्नी हक्की राजा का उत्तरकाशी के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी हालत खतरे से बाहर है। इसके अलावा एक अन्य घायल ककरहटा के राजकुंवारी राजपूत भी वहीं भर्ती हैं। हादसे के गवाह रहे उदय सिंह दंपती ने बताया कि कैसे ड्राइवर को मना करने के बाद भी उसने बस की स्पीड कम नहीं। वह पहाड़ी-खाई में भी तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाता रहा। उदय की जुबानी सुनिए पूरी कहानी…

‘ड्राइवर बस तेज चला रहा था, बोला- मेरा रोज का काम है’

उदय ने बताया कि हम लोग 5 जून की सुबह साढ़े 10–11 बजे के करीब निकले थे। एक बस में 28 लोग और दूसरी बस में 41 तीर्थयात्री थे। यह बस आगे-आगे चल रही थी। शाम साढ़े 7 बजे के करीब डामटा के पास हादसा हो गया। हमारी वाली बस स्पीड में थी। उसे कुछ देर रुक जाना चाहिए था, लेकिन वह नहीं रुका। सुबह से जो निकले थे, वह बस चलाए पड़ा था। एक-दो जगह सिर्फ चाय के लिए रुका। बस में आगे बैठे कुछ लोगों ने जरूर बस के ड्राइवर को स्पीड से चलाने को लेकर मना किया था, लेकिन वह चलाता रहा। ड्राइवर ने कहा कि कुछ नहीं होता है, वह रोज चलाता है। उस दौरान बस की स्पीड करीब 70-80 के पास रही होगी, जबकि वह दुर्लभ रास्ता था। कुछ लोगों ने चिंता जताई, तो ड्राइवर ने कहा कि मैं तो ले जाता रहता हूं, मेरा रोज का काम है।

‘ड्राइवर को झपकी आने से बस खाई में गिरी’

उदय ने कहा कि ड्राइवर कमाई के चक्कर में सोने पर ध्यान नहीं देते हैं। जिस दौरान हादसा हुआ, उस दौरान झप (सो) गया था, जिससे बस खाई में गिर गई। मैं और पत्नी व कुछ लोग बाहर निकल गए। उसके बाद बस कुछ समय पेड़ में टिक कर रुक गई थी। उसके कुछ समय बाद पुलिस आ गई। मुझसे पूछा कि बस में कितने लोग सवार थे। मैंने बताया कि 28 लोग सवार थे। हमने उन्हें बताया कि बस में कोई एक्स्ट्रा ड्राइवर नहीं था, एक ही था।

उत्तराखंड में रविवार रात तीर्थयात्रियों से भरी बस खाई में गिर गई। इसमें 26 की मौत हो गई थी। (फाइल फोटो)

उत्तराखंड में रविवार रात तीर्थयात्रियों से भरी बस खाई में गिर गई। इसमें 26 की मौत हो गई थी। (फाइल फोटो)

‘2-3 दिन से सोया नहीं था ड्राइवर’

उदय ने बताया कि बस चलने के दौरान ही ड्राइवर ने चर्चा की थी। वह पिछले 2-3 दिन से सोया नहीं है। अगर वह पहले ही बोल देता तो हम चढ़ते ही नहीं। दो दिन वहीं रुके थे। एक-दो दिन और रुक जाते। मुख्यमंत्री शिवराज भी आए थे। उन्होंने हादसे का पूछा। हमने बोला कि बस पलट गई, तेज तो चल रही थी। स्टीयरिंग फेल नहीं हुई, बल्कि स्पीड के कारण ही ड्राइवर कंट्रोल नहीं कर पाया।

‘सिर पर 20 टांके लगे, पत्नी को कंधे और पीठ में चोट’

उदय सिंह के बेटे कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि माता-पिता दोनों को गंभीर चोट लगी है। पिता से ज्यादा माता के कमर, पीठ और कंधे में चोट लगी है। उनका इलाज चल रहा है। उदय सिंह ने बताया कि चलते नहीं बनता है। दो जगह से फ्रैक्चर है। राइट हैंड व पीठ में चोट है। पैर के बल ही पत्थर में गिरा था। पत्नी का गुरुवार को ऑपरेशन है, उनका खाना-पीना चल रहा है। कंधे और पैर का ऑपरेशन होना है। तीसरे घायल राजकुंवारी वह भी यहीं भर्ती हैं। उनकी भी हालत मेरी पत्नी की तरह ही है। उन्हें भी पीठ, कंधे और हाथ-पैर में चोट लगी है।

बस हादसे के बाद सीएम शिवराज सिंह भी पहुंचे थे। (फाइल फोटो)

बस हादसे के बाद सीएम शिवराज सिंह भी पहुंचे थे। (फाइल फोटो)

एसडीएम ने कहा- रिपोर्ट में स्टीयरिंग फेल होने की जानकारी ​​​​​नहीं

बड़कोट एसडीएम शालिनी नेगी बस हादसे में जांच अधिकारी है। एसडीएम शालिनी ने कहा कि 15 जून को एआरटीओ ने बस हादसे के कारण की रिपोर्ट सौंपी है। इसमें उनकी तरफ से बस की तकनीकी जांच की गई। रिपोर्ट में स्टेयरिंग फेल होने की जानकारी नहीं दी गई है, लिखा है कि बस खाई में गिरने के बाद इतनी डैमेज हो गई थी कि कारण अज्ञात है। इसके अलावा एसडीएम ने कहा कि हादसे को लेकर अभी बचे हुए घायल और ड्राइवर का बयान नहीं लिया गया है। अभी तक हम किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं कि हादसा कैसे हुआ। अभी जांच जारी है।

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