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ASG ने कोर्ट से कहा, ‘कुछ सालों से नियमित रूप से ड्रग्स ले रहे थे आर्यन खान’

ASG ने कोर्ट से कहा, 'कुछ सालों से नियमित रूप से ड्रग्स ले रहे थे आर्यन खान'

आर्यन खान की जमानत पर सेशन कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है

मुंबई:

क्रूज शिप ड्रग्स मामले में शाहरुख खान (ShahRukh Khan) के बेटे आर्यन खान ( Aryan Khan) की जमानत अर्जी पर सेशन कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. मामले में ASG अनिल सिंह ने दलीले दीं. मामले में बुधवार की हुई सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी और बुधवार को भी आर्यन को जमानत नहीं मिल पाई थी. वहीं आर्यन खान और दूसरे आरोपियों को न्यायिक हिरासत होने के बाद आर्थर रोड जेल ले जाया गया है. कोविड काल मे पहले कुछ दिन जेल में क्वारंटाइन में रखा जाता है. ऑर्थर रोड जेल सुपरिटेंडेंट नितिन वायचाल ने NDTV को बताया कि सभी क्वारंटाइन पीरियड पूरा हुआ और कोविड रिपोर्ट भी निगेटिव आई है इसलिए अब सबको अलग-अलग बैरक में शिफ्ट किया जाएगा.

आर्यन खान जमानत अर्जी मामले मं सुनवाई से जुड़ा घटनाक्रम

ASG ने कहा, ‘इन जजमेंट के ज़रिए मैं यही कहना चाहता हूं कि हम सभी मामलों को गंभीरता से ले रहे हैं. एक दूसरे मामले में हमारे अधिकारियों को मारा भी गया था. हम जान जोखिम में डालकर कार्रवाई करते है. समाज में खासतौर पर युवाओं पर इसका असर पड़ा है. आरोपियों के वकीलों ने अदालत में कहा कि यह युवा हैं, बच्चे हैं, इन्हें ज़मानत दी जानी चाहिए, मैं इसे सही नहीं मानता. मैं अदालत के सामने कहता हूं कि इस मामले से युवाओं के भविष्य के बारे में पता चलेगा. यह महात्मा गांधी का देश है, इसलिए ड्रग्स पर रोक लगनी चाहिए. हम इस मामले में पूरे chain और connection पर नज़र बनाए रखे हुए हैं. अब भी मामला preliminary स्टेज पर है और आगे जाकर और भी चीज़ें सामने आएगी.इसलिए मैं  चाहता हूं कि कम से कम इस स्टेज पर इन्हें ज़मानत नहीं दिया जाए.’

अब तक कुल मिलाकर 8 जजमेंट पढ़े जा चुके हैं और इसके जरिए ASG बता रहे हैं कि किस तरह से इन आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

-एक और जजमेंट का ज़िक्र किया जा रहा है जिसमें कहा गया कि अदालत को यह देखना चाहिए कि ज़मानत मिलने के बाद क्या आरोपी दोबारा ऐसा गुनाह कर सकता है या नहीं.लगातार अलग अलग जजमेंट पढ़े जा रहे हैं.

Conspiracy से जुड़े एक जजमेंट की चर्चा की जा रही है जिसमें कहा गया कि conspiracy directly नहीं होता है, secretly ही होता है जिसकी जानकारी conspirator और उनके लोगों को होती है. इसलिए अगर इससे जुड़े कोई गवाह या सबूत मिलते हैं तो भी इस पर कार्रवाई की जा सकती है. इस मामले में direct conspiracy साबित न करते हुए circumstance के ज़रिए इसे बताया गया था.

अब एक और जजमेंट का ज़िक्र हो रहा है जिसमें कहा गया है कि अगर रिकवरी ( recovery) नहीं की गई, अदालत ने कहा कि आरोपी के पास posession नहीं मिलने का यह मतलब नहीं है कि उन पर सेक्शन 37 नहीं लग सकता.

ब्रेक से पहले वाली बात को खत्‍म करके  ASG अनिल सिंह ने शोविक के जजमेंट के बाद अब इसी तरह के दूसरे जजमेंट की बात की. इस जजमेंट में आरोपी ने अपने बयान को retract किया था, लेकिन इसके बावजूद अदालत ने इस मामले में बयान को अहमियत दी थी. Retraction का मुद्दा ट्रायल में उठाया जा सकता है, अभी नहीं.

आर्यन खान की जमानत अर्जी पर सेशन कोर्ट में सुनवाई दोबारा शुरू हो गई है.

-ASG ने कहा, यह नहीं कहा जा सकता कि आर्यन को केवल 1 साल की सज़ा हो सकती है. अगर दूसरे आरोपियों से उनके तार जुड़ते हैं, तो जो सज़ा दूसरों पर होगी, वही सज़ा इन पर भी लागू की जा सकती है. शोविक चक्रवती के मामले का ज़िक्र करते हुए बताया कि शोविक के पास से ड्रग्स नहीं मिले थे, इस मामले में ड्रग्स भी मिला है. इससे पहले अदालत ने आदेश देते हुए टिप्पणी की थी कि NDPS एक्ट के सारे सेक्शन गैर जमानती हैं. मामले में अब 2:45 बजे आगे की सुनवाई होगी.

ASG ने कहा, इस मामले में 15 से 20 लोग जुड़े हैं और इसमें conspiracy की बात सामने आ रही है, साथ ही अगर कमर्शियल क्वांटिटी की बात भी सामने आई है] इसलिए सेक्शन 29 लगाया जाता है. जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा और जानकारी मिली, उसके अनुसार हम charges और section लगा सकते है. ऐसे भी सेक्शन हैं जिसमें क्वांटिटी नहीं मिलने पर या कम मात्रा में क्वांटिटी मिलने पर भी कड़ी करवाई की जा सकती है. अगर आपके पास से ड्रग्स नहीं मिला, लेकिन इसी मामले में दूसरों से commercial क्वांटिटी में ड्रग्स मिला तो उस आधार पर कार्रवाई की जा सकती है. मेरी submissiom यही है कि इस मामले में जमानत नहीं दी जा सकती है और ऐसे कई जजमेंट इस मामले में हो चुके हैं. पंचनामा में मोबाइल फोन का ज़िक्र नहीं होने की बात आरोपियों के वकीलों ने की। मैं मांग करता हूँ कि ऐसा कहां लिखा गया है वो बताओ. हमारे पास मोबाइल फोन का voluntary surrender मौजूद है. क्या इसका यह मतलब नहीं है कि हम इसकी जांच कर सकते हैं? कोई हमें नहीं बता सकता कि जांच कैसे करना है, हम यह सब जांच पहले से करते आए.आप ऐसे technical चीजों को अदालत के सामने नहीं रख सकते हैं.एप्लीकेशन में यह ground ही नहीं था, इसलिए रिप्लाई में इसका जिक्र नहीं है.

 ASG अनिल सिंह ने कहा, ‘देरी से आने के लिए माफी चाहता हूं. मैंने कोर्ट में भी जानकारी दी थी कि यहां पर एक मामला है. कल जब मैं रिप्लाई दे रहा था, उसमें मैंने रिप्लाई में लिखी गई कई बातें आपके सामने रखी, आगे का रिप्लाई मैं अभी पढ़ रहा हूं. आर्यन खान पहली बार ड्रग्स का सेवन नहीं कर रहे हैं,जो बयान मिला है, उससे पता चलता है कि पिछले कुछ सालों से वो इसका सेवन करते थे. अरबाज़ के पास से ड्रग्स मिला है. आर्यन उनके साथ थे. पंचनामा में भी साफ लिखा है कि ड्रग्स का सेवन दोनों करने वाले थे.मैंने पहले ही आपको पंच नामा और व्हाट्सएप चैट दे दिया है.

– ASG अनिल सिंह अदालत पहुंच गए हैं. अदालत में सुनवाई शुरू हो गई है. 

आर्यन के वकील अमित देसाई ने कहा कि मैं मानता हूं कि हाई कोर्ट में भी ज़रूरी मामला चल रहा है, लेकिन यहां भी जानकारी देनी चाहिए. उन्हें हमारे बारे में भी सोचना चाहिए. इस पर NCB के वकील अद्वैत सेठना ने कहा कि वो अब हाई कोर्ट से निकल चुके हैं. थोड़े समय में आ रहे हैं. हम इसके लिए माफी मांगते हैं. अमित देसाई ने इस पर कहा कि अगर वो आ रहे हैं तो अच्छी बात है, लेकिन मेरी अपील है कि जब वो आ जाएं,तब इस मामले की सुनवाई शुरू हो. वहीं मानेशिन्दे ने कहा कि मेरी अपील है कि ज़रूरत पड़ने पर अदालत 2 बजे के बाद भी कुछ देर सुनवाई कर इस मामले को खत्म करें.

बता दें कि बुधवार को कोर्ट में बचाव पक्ष और एनसीबी के बीच लंबी बहस चली थी. आर्यन खान के वकील ने कोर्ट में कहा था कि आर्यन के पास किसी तरह का ड्रग्स नहीं मिला है. उनके पास कैश भी बरामद नहीं हुआ है. वहीं एनसीबी ने दलील दी थी कि आर्यन खान पैडलर के संपर्क में थे और ये बड़ी साजिश हो सकती है. एनसीबी ने ये भी कहा किसी एक आरोपी के पास सामग्री न मिलने का मतलब ये नहीं है कि वह साजिश का हिस्सा नहीं है.

एनसीबी ने ये भी दावा किया कि आरोपी विदेश में कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में थे जो अवैध खरीद के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा लग रहे हैं और इसकी जांच चल रही है. मामले में कुल 20 गिरफ़्तारीयां हुई हैं, जिनमें चार पेड्लर बताए गए हैं. आर्यन के अलावा अरबाज़ मर्चेंट और मुनमुन धमेचा के वकीलों ने भी अपने मुवक्किलों के ड्रग्स तस्करी का हिस्सा होने से इनकार किया था. मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाद अब एनसीबी की ओर से चैट की कॉपी सेशन कोर्ट में भी दी गई है, जिसमें दावा किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स गिरोह से आरोपियों का संपर्क और हार्ड ड्रग्स का जिक्र है.

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