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Agneepath Scheme: अग्निपथ कहीं पानीपथ में न बदल जाए, बोले कांग्रेस प्रवक्ता आनंद माधव, जानें क्‍या बोले पूर्व जनरल

सेना के जनरल रह चुके वीके सिंह भी मामले से अपना पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं। उनका कहना था कि योजना पर मंथन में वो शामिल नहीं थे। इसके फायदे व नुकसान तो समय ही बेहतर बता सकता है।

सेना में भर्ती के लिए मोदी सरकार ने अग्निपथ भर्ती योजना का ऐलान किया है। अग्निपथ योजना के तहत युवाओ को सेना में चार साल तक सेवा देने का मौका मिलेगा। इस योजना के तहत सेना में शामिल होने वाले युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा। इसका मकसद सेना को ज्‍यादा यंग बनाना है। सरकार भले इस स्‍कीम के फायदे गिना रही है, लेकिन एक्‍सपर्ट्स के साथ विपक्षी दलों ने इसकी खामियों की ओर भी इशारा किया है।

सेना के जनरल रह चुके वीके सिंह भी मामले से अपना पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं। उनका कहना था कि योजना पर मंथन में वो शामिल नहीं थे। इसके फायदे व नुकसान तो समय ही बेहतर बता सकता है। उधर, रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार छह महीने की सेना के लिए युवाओ की ट्रेनिंग कम है। विशेषज्ञों के अनुसार, सैनिको के अंदर देश के लिए समर्पण, मनोबल कायम करने में और एक अच्‍छा सैनिक बनने में छह से सात साल लग जाते हैं। चार साल में क्या हासिल होगा, ये बड़ा सवाल है।

आजतक टीवी डिबेट के दौरान एंकर चित्रा त्रिपाठी ने कांग्रेस प्रवक्ता से पूछा कि अग्निपथ स्कीम देश के युवाओं के लिए खुशखबरी है। इसके माध्यम से भर्ती किए गए युवा सेना में 3 से 4 साल की सेवाएं देने के बाद कारपोरेट इंडस्ट्री में काम कर सकते हैं। योजना के तहत किसी की रिटायरमेंट या फिर पेंशन में कोई समस्या नहीं आएगी तो फिर उनकी पार्टी को दिक्कत कहां हो रही है। 25 फीसदी भर्ती किए गए युवाओं को अग्निवीर के रूप में मान्यता दी जाएगी। जबकि बाकी को पैसा मिलेगा।

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद माधव ने कहा, हम तो यही कहना चाहेंगे अग्निपथ कहीं पानीपथ में ना बदल जाए #Dangal #Agnipath@chitraaum pic.twitter.com/j94Sm9Wsdw

— AajTak (@aajtak) June 15, 2022

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद माधव का कहना था कि देश में बेरोजगारों की भारी फौज है। ऐसे में सरकार चार साल के लिए युवाओं को एक नौकरी दे रही है। लेकिन जब वो 25 के होंगे तो बेरोजगार होकर फिर सड़क पर आ जाएंगे। कहीं ये योजना पानीपथ में न बदल जाए। देश के मौजूदा माहौल में सरकार शिगूफा छोड़ रही है। इससे बेरोजगारी ही बढ़ने वाली है। उनका सवाल था कि क्या जब ये युवा सेना से रिटायर होंगे तो क्या सरकार के पास इतनी नौकरी हैं जो इन्हें एडजस्ट कर ले।

बीजेपी प्रवक्ता जफर इस्लाम ने कहा कि सरकार ने जो फैसला लिया है वो देशहित में है। राहुल गांधी खुद भ्रमित हैं और दूसरों को भी गुमराह कर रहे हैं। उनका कहना था कि यूथ को संवारने के लिए दुनिया भर के देश अलग स्कीमों पर काम कर रही है। 4 साल बाद 25 फीसदी लोगों को नौकरी तो मिलेगी। उसके बाद वेल ट्रेंड युवा बाजार में आएगा। सेना में खाली पदों के सवाल पर जफर इस्लाम का कहना था कि सेना की क्षमता उसके जवानों के नंबर बढ़ने से नहीं बढ़ती बल्कि तकनीक में दक्ष सैनिकों की वजह से सेना मजबूत होती है।

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