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हरियाणा शिक्षा विभाग की बड़ी:छात्रवृत्ति और वर्दी के 260 करोड़, 17 लाख छात्र परेशान, पढ़ाई शुरू हुए 9 महीने पहले

चंडीगढ़2 घंटे पहले

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हरियाणा में शिक्षा विभाग के एमआईएस पोर्टल पर डेटा अपडेट न होने से 260 करोड़ रुपये फंस गए हैं। पैसा जारी नहीं हो पाने के कारण राज्य की कक्षा एक से आठ तक के 17 लाख बच्चों का भत्ता रोक दिया गया है। साथ ही यूनिफॉर्म ग्रांट भी नहीं मिला है। जबकि शिक्षा सत्र नौ महीने से अधिक समय से शुरू हो गया है।

वर्दी के लिए मिलते हैं 1,000 रुपए
सभी छात्रों को यूनिफॉर्म ग्रांट के नाम पर 5वीं से 800 रुपए व कक्षा 6 से लेकर 8 से 1000 रुपए एकमुश्त देने का प्रावधान है I साक्षरता जाति के छात्रों को कक्षा 1 से 5 से 150 रुपए प्रति माह और छात्राओं के लिए 225 रुपए प्रति मास छात्रवृत्ति बोका दिया जाता है। कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए 200 रुपए छात्राओं के लिए 300 रुपए हर महीने दिया जाता है।

साल में चार बार राशि मिलती है
यह राशि प्रति मास के होश से हर तिमाही यानी साल में चार बार देने का प्रावधान है। बीसीए और बीपीएल की कक्षा एक से पांच तक छात्रों व छात्राओं के लिए 75 रुपये लड़कियों के लिए 150 रुपये प्रति माह मिलते हैं। कक्षा 6 से 8 तक 100 रुपए और छात्राओं के लिए 200 रुपए प्रति दिए गए हैं।

स्टेशनरी के लिए 1250 रुपए
कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले रेस के छात्र और छात्राओं के लिए एक बार सरकारी स्टेशनरी लेने के लिए राशि भी देता है। पहली कक्षा की छात्राओं को 740 रुपए, दूसरी में 750 रुपए, तीसरी में 960 रुपए। चौथी में 970 रुपए, पांचवी में 980 रुपए और कक्षा छठी से 8वीं तक 1250 रुपए साल में एक बार एकमुश्त दिए जाने का प्रावधान है।

शिक्षा विभाग के आईटी सेल के समान होने के कारण अभी तक छात्रों का आधार कार्ड नंबर अपडेट नहीं किया गया है।

शिक्षा विभाग के आईटी सेल के समान होने के कारण अभी तक छात्रों का आधार कार्ड नंबर अपडेट नहीं किया गया है।

एम आई एस पोर्टल क्या है
प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले हर छात्र का पूरा रिकॉर्ड, श्रेणी, निर्धारित का व्यवसाय, पता, योग्यता योग्यता, आय, बैंक खाता आदि के साथ छात्र कहां-कहां पढ़ते हैं, सहित उसके स्वास्थ्य की पूरी जानकारी पर एक क्लिक करते हैं इस पोर्टल के लिए सही डेटा जानकारी की पूरी जिम्मेदारी विभाग के आईटी सैल की हो सकती है।

इसलिए आई परेशानी
नियमानुसार हर तरह की राशि का भुगतान पीएफएमएस के तहत किया जाता है जिसके तहत पात्रता होने वाले के आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते में राशि डाली जाती है I जब ये स्टैप वैरिफाई होगा, उसके बाद ही अगले स्टैप में बच्चों की तिमाही आधार पर मासिक हाजिरी अपडेट कर सकते हैं। इस बार परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से पैर फैलाकर बच्चों के आधार नंबर स्कूल पोर्टल पर अब तक भी अपलोड अपडेट नहीं किए गए हैं I

अधिकारियों को दे रहे हैं गलत आंकड़े
राजकीय शिक्षक संघ हरियाणा के जिला पार्षद सुनीला बास ने बताया कि समस्या का पता होने के बाद भी जिम्मेदारों का काम समय पर सही से करने की बजाय अधिकारियों के मंत्री और सरकार को गलत अकड़े का विवरण पेश करना है। जिसका खमियाजा इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे और छोटे लोग पड़ रहे हैं।

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