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सेना की ताकत बढ़ेगी:​​​​​​​एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना और ध्रुवास्त्र का सफल परीक्षण; 7 Km तक टारगेट को तबाह करने में सक्षम

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नई दिल्लीएक महीने पहले

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हेलिना और ध्रुवास्त्र तीसरी पीढ़ी के लॉक ऑन बिफोर लॉन्च (LOBL), फायर एंड फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हैं, जो डायरेक्ट हिट मोड और टॉप अटैक मोड में भी टारगेट को मार सकता है। - Dainik Bhaskar

हेलिना और ध्रुवास्त्र तीसरी पीढ़ी के लॉक ऑन बिफोर लॉन्च (LOBL), फायर एंड फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हैं, जो डायरेक्ट हिट मोड और टॉप अटैक मोड में भी टारगेट को मार सकता है।

भारत ने शुक्रवार को एयरबोर्न प्लेटफॉर्म से स्वदेशी एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया। मिसाइल सिस्टम डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने डेवलप किया है। ज्वाइंट ट्रायल के लिए आर्मी वर्जन हेलिना और एयर फोर्स वर्जन ध्रुवास्त्र को एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) के जरिए रेतीले रेंज में ले जाए गए। यह 7 किलोमीटर तक टारगेट को तबाह कर सकते हैं।

#WATCH As part of joint user trials by Indian Army and Air Force, 4 HELINA anti-tank missiles were launched from ALH Dhruv helicopter in Rajasthan sector. 4 missions were carried out for evaluating missile capabilities in minimum & maximum range of 7 kms pic.twitter.com/9x42lVBMG2

— ANI (@ANI) February 19, 2021

5 मिशनों को अंजाम दिया गया

DRDO के मुताबिक, न्यूनतम और अधिकतम रेंज में मिसाइल की ताकत को जांचने के लिए 5 मिशनों को अंजाम दिया गया। मिसाइलों को वास्तविक, स्थिर और चलते हुए टारगेट के खिलाफ होवर और मैक्स फॉरवर्ड फ्लाइट में फायर किया गया। कुछ मिशन में उड़ान भर रहे हेलिकॉप्टर से मूविंग टारगेट को भी निशाना बनाया गया।

थर्ड जेनेरेशन के हैं हेलिना और ध्रुवास्त्र

हेलिना और ध्रुवास्त्र तीसरी पीढ़ी के लॉक ऑन बिफोर लॉन्च (LOBL) फायर एंड फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हैं, जो डायरेक्ट हिट मोड के साथ-साथ टॉप अटैक मोड में भी टारगेट पर निशाना साधने में सक्षम हैं। यह सभी मौसम में, दिन और रात दोनों में कारगर हैं।

सेना में शामिल करने की तैयारी चल रही

यह पारंपरिक कवच वाले टैंक के साथ साथ विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच वाले युद्धक टैंकों को पराजित करने की क्षमता रखते हैं। यह दुनिया के सबसे उन्नत एंटी टैंक हथियारों में से एक है। अब मिसाइल सिस्टम को सशस्त्र बलों में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

रक्षा मंत्री ने सराहा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए DRDO, सेना और वायु सेना को बधाई दी। DRDO के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने सफल परीक्षणों में शामिल टीमों के प्रयासों की सराहना की।

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