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सिप्पी सिद्धू की मां का दर्द छलका:बेटे के मर्डर में कल्याणी की गिरफ्तारी पर बोलीं

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चंडीगढ़18 मिनट पहले

नेशनल शूटर सिप्पी सिद्धू की हत्या के 7 साल बाद आरोपी कल्याणी सिंह को CBI ने गिरफ्तार किया है। सिप्पी की मां दीपइंद्र कौर ने कहा कि वह बेटे की हत्यारिन कल्याणी के लिए फांसी की सजा नहीं चाहतीं। वह चाहती हैं कि कल्याणी मरते दम तक जेल में रहे। ‘जिस तरह उसने अपने बेटे की मौत पर इतने साल आंसू बहाए हैं वैसे ही कल्याणी की मां (जस्टिस सबीना) भी तड़पे।

दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में दीपइंद्र कौर ने मोहाली स्थित अपने घर में कहा कि उनका बेटा दो दिन पहले ही कैनेडा से आया था। कल्याणी मिलने के लिए उसे बार-बार सेक्टर 27 के पार्क में बुलाती रही। सिप्पी ने कहा था कि वह हवाई यात्रा के कारण थका हुआ है, पैरों में भी उसने दर्द बताया था। फिर भी वह उनके कहने पर कल्याणी से मिलने गया था।

सिप्पी सिद्धू की फाइल फोटो।

सिप्पी सिद्धू की फाइल फोटो।

दीपइंद्र कौर उस पल को याद कर रोते हुए कहा कि काश उस 20 सितंबर को उन्होंने सिप्पी को न भेजा होता तो शायद वह बुरी घड़ी टल जाती। इससे पहले भी वह 19 सितंबर को भी कल्याणी को मिलने सेक्टर 27 में गया था। अंजान नंबरों से कल्याणी उसे कॉल कर बुलाती थी। कल्याणी ने सिप्पी को कहा था कि उसकी फ्रेंड डाइटीशियन है और उसने सेक्टर 27 में एक क्लीनिक खोल रखा है। ऐसे में कल्याणी वहां उससे मिलने जाती है।

बस आज की ‘गोली’ रह गई

सिप्पी सिद्धू की मां ने बताया कि कल्याणी अक्सर सिप्पी को धमकाती थी कि वह उससे शादी कब करेगा। जब मां उसे कुछ कहने लगती तो सिप्पी मना कर देता कि वह डिप्रेशन में है। दीपइंद्र कौर ने कहा कि कल्याणी ने सिप्पी को कहा था कि उसका डिप्रेशन ठीक हो गया है और बस आज की ‘गोली’ रह गई। उसके बाद सिप्पी की हत्या हो गई। सिप्पी की मां ने कहा कि जान भी नहीं पाई की कल्याणी किस गोली की बात कर रही है।

गुरुद्वारा खुलवा अरदास की मगर बेटा नहीं बचा

दीपइंद्र कौर ने कहा कि 20 सितंबर की रात को जब सिप्पी वापस नहीं आया तो वह काफी घबरा गई थीं। रात को पाठ करने के लिए सेक्टर 34 का गुरुद्वारा खुलवाया और बेटे की लंबी उम्र की मन्नत मांग अरदास की। इसके बाद बेटे के फोन से थाना 26 की SHO पूनम दिलावरी की कॉल आई और बताया कि सिप्पी का एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद वह घबरा गईं और बाद में बेटे की मौत की सूचना परिवार को मिलीं। सिप्पी के संस्कार के दौरान और बाद में भी कल्याणी और उसका परिवार शोक में भी आया मगर दीपइंद्र कौर उस समय ठीक हालत में नहीं थीं।

मामले में पकड़ी गई कल्याणी। (फाइल फोटो)

मामले में पकड़ी गई कल्याणी। (फाइल फोटो)

पुलिस ने कहा था- उनके हाथ बंधे हैं

सिप्पी सिद्धू की मां ने बताया कि शुरुआती जांच में मौके पर एक लड़की के होने की बात सामने आई थी। कल्याणी ही मौके पर मौजूद थी। पुलिस ने पूरी जानकारी होने के बावजूद मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। सिप्पी के परिवार ने कहा कि पुलिस हाईकोर्ट जज की बेटी के सामने बेबस नजर आई। ऐसा लगता था कि पुलिस खुद इस केस की जांच से बचना चाहती थी। सिप्पी की मां के मुताबिक मामले में तत्कालीन DGP ने परिवार से कहा था कि उनके हाथ बंधे हुए हैं। वहीं थाना SHO दिलावरी ने भी छोटे और बड़े नोट का उदाहरण दे अप्रत्यक्ष रुप से जज की पावर बताई थी।

सिप्पी ने दोस्त से कहा था- कल्याणी उसका कल्याण न कर दे

सिप्पी का एक कनाडा में अच्छा फ्रेंड था। वह अक्सर उससे बात किया करता था। उसने अपने उस दोस्त को कल्याणी के बारे में बताया था और सिप्पी डरा हुआ था। उसने अपने उस दोस्त को कहा था कि कहीं कल्याणी उसका कल्याण न कर दे। उस दोस्त के CBI ने बयान भी दर्ज किए थे। सिप्पी के कल्याणी की आपत्तिजनक तस्वीरें उसके पिता को दिखाने से कल्याणी काफी शर्मिंदा हुई थी। वहीं रिश्ता टूटने से भी वह गुस्से में थी और बदला लेना चाहती थी। दीपइंद्र कौर ने कहा कि अगर सिप्पी ने उसकी तस्वीरें आगे भेजी भी थी तो वह कानूनी लड़ाई लड़ सकती थी। उसकी मां खुद जज थीं।

सिप्पी को इंसाफ दिलवाने के लिए प्रदर्शन भी हुए थे।

सिप्पी को इंसाफ दिलवाने के लिए प्रदर्शन भी हुए थे।

पुलिस केस को घुमाती रही

सिप्पी से 4 साल छोटे उसके भाई जिप्पी सिद्धू ने कहा कि CBI ने भले ही मामले में देरी की मगर अंतत: कल्याणी को पकड़ लिया। पहले दिन से ही परिवार कह रहा था कि यह कल्याणी ने करवाया है। सेक्टर 26 थाना पुलिस ने मामले को घुमाने की कोशिश की। जिप्पी ने कहा कि CBI को मामले में कल्याणी की मां जस्टिस सबीना, उनके पति एडवोकेट परमिंद्र सिंह पर भी आपराधिक साजिश रचने का केस दर्ज होना चाहिए। वहीं मामले में अज्ञात हमलावर और अन्य आरोपियों की तलाश की जानी चाहिए। चंडीगढ़ पुलिस भी इस मामले में दबाव के कारण कार्रवाई से बचती रही।

सिप्पी सिद्धू के भाई ने कहा कि जस्टिस सबीना और उनका परिवार वर्ष 1991 से एक दूसरे को जानता है। उनका परिवार वकालत से जुड़ा हुआ था। सिप्पी के दादा हाईकोर्ट के जज थे। वहीं पिता पंजाब सरकार में एडिशनल एडवोकेट जनरल थे। वर्ष 2008 में उनकी मृत्यु हो गई थी।

महाभियोग की कार्रवाई शुरु करवाने का प्रयास करेंगे

जिप्पी सिद्धू ने कहा कि उनके भाई की हत्या मामले में जस्टिस सबीना पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उसकी बेटी हत्या मामले में फंसी हुई है। अवश्य ही जस्टिस सबीना की इस मामले में अहम भूमिका रही होगी। उनके दबाव के चलते पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की। ऐसे में अब सिप्पी का परिवार जस्टिस सबीना को पद से हटाने के लिए महाभियोग कार्रवाई की मांग को लेकर कानूनी मंत्रालय समेत मंत्रियों को अपना मांगपत्र देंगे।

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