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सफेद कफ का काला कारोबार: चिताओं से उतरे कफन पर नए प्रतिबंध लगाकर बेचने वाला गैंग पकड़ा गया, शमशान में रखे थे दिहाड़ी मजदूर

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बागपत ४ घंटे पहले

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    • उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में श्मशान और कब्रिस्तानों से कफ़न चुराकर उन्हें फिर से बेचने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। गैंग में एक कपड़ा व्यापारी, उसका बेटा और भतीजा शामिल हैं। उनकी साथ उनकी दुकान पर काम करने वाले 4 कर्मचारी और अंत्येष्टि स्थलों पर मजदूरी करने वाले लोग भी जुड़े हुए हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया है पर मजदूर रखा था। महत्वपूर्ण बात यह है कि चुराए गए कफन उन लोगों के भी थे, जिनकी मौत कोरोना संक्रमण से हुई थी। आरोपी कारोबारी शवों से उतरे कफन की धुलाई के बाद उन पर प्रेस करवा देता था। इसके बाद ग्वालियर मार्का धार लगाकर रीपैकिंग कर उन्हें कमज़ोर देता था। एक कफ़ की कीमत 400 रुपए ली जाती थी।

      की कंपनी काश्त लगाते थे सीओ बड़ौत आलोक सिंह ने बताया कि आरोपी शमशान घाट, कब्रिस्तान पर रहने वालों को 300-400 रुपए का लालच देकर मुर्दों के कफ, कुर्ता-पजामा, कमीज, धोखेबाज बनाते थे। । इसके बाद कपड़ों को प्रेस द्वारा उन्हें फर्जी रिबन और ग्वालियर कंपनी का शेयर लगाकर बाजार में बेच देते थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर गैंग को पकड़ा है। मौके से 10 गठरी कफन और कपड़े बरामद किए गए हैं।

      पकड़े गए आरोपियों में बड़ौत के न्यू मंडी में रहने वाला प्रवीण जैन, उसका बेटा आशीष जैन और भतीजा ऋषभ जैन, छपरौली के सबगा गांव का श्रवण कुमार शर्मा शामिल हैं। उनके अलावा राजू शर्मा, बबलू और शाहरुख को भी पकड़ा गया है। ये सभी क्लॉथ ट्रॉलर हैं। आरोपियों पर धारा -144 का उल्लंघन और महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

    • आरोपियों से मिला सामान
      • सफ़ेद और पीली चादर (कर्फ़िंग) – ५२०
      • कुर्ता- 177
      • सफेद कमीज- 140
      • धोती सफेद- 34

    • गर्म शाल रंग- 12
    • धोती (महिला) – ५२
    • रिबन के पैक- ३
    • रिबन गलिया- 158
    • टेपर- 01
    • ग्वालियर की कंपनी के कामकाज- 112
      • महामारी अधिनियम की धारा में केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया गया है।

        10 साल से चल रहा था यह काम

        महामारी अधिनियम की धारा में केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इंस्पेक्टर बड़ौत अजय शर्मा ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की गई है। पता चला है कि आरोपी व्यापारी पिछले 10 साल से कफ़न और कपड़े की चोरी करवाकर धुलाई-रीपैकिंग के बाद फिर से ग्राहकों को बेच रहा था।

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