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विराट कोहली DRS को लेकर टीम के बचाव में उतरे, लेकिन चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे मामले में सेलेक्टर्स के पाले में डाली गेंद

तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले डीआरएस का विवादित फैसला डीन एल्गर के पक्ष में चला गया था। इसके बाद कई भारतीय खिलाड़ियों ने ब्रॉडकास्टर्स की नियत पर सवाल उठाए और स्टंप माइक पर गुस्सा निकाला था।

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने डीआरएस (DRS) मामले में अपने खिलाड़ियों का बचाव किया है। हालांकि, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर वह पूरे विश्वास के साथ उनका बचाव नहीं कर पाए और उन्होंने चयनकर्ताओं के पाले में गेंद डाल दी।

भारत ने 14 जनवरी 2022 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरा टेस्ट 7 विकेट से गंवा दिया। इसके साथ ही विराट कोहली का अपनी अगुआई में टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज जिताने का सपन भी टूट गया। साउथ अफ्रीका ने 3 टेस्ट की सीरीज में 2-1 से जीत हासिल की।

तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले डीआरएस का विवादित फैसला डीन एल्गर के पक्ष में चला गया था। इसके बाद कई भारतीय खिलाड़ियों ने ब्रॉडकास्टर्स की नियत पर सवाल उठाए और स्टंप माइक पर गुस्सा निकाला था। तीसरा टेस्ट खत्म होने के बाद विराट कोहली ने प्रसारकों के खिलाफ अपनी टीम के मौखिक हमले का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि बाहर बैठे लोग मैदान पर इस तरह के व्यवहार के कारणों को नहीं जानते। कोहली और उनके साथियों ने तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन अंतिम 45 मिनट के दौरान तब अपना आपा खो दिया, जब दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर विवादास्पद DRS फैसले के कारण क्रीज पर टिके रहे। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी निराशा स्टंप माइक पर जाहिर की।

कोहली ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मुझे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। हम जानते हैं कि मैदान पर क्या हुआ और बाहर बैठे लोगों को पता नहीं होता है कि मैदान पर क्या चल रहा है। मेरे लिए मैदान पर हमने जो कुछ किया उसे सही ठहराने की कोशिश करना और यह कहना कि हम भावनाओं में बह गए……।’ कोहली ने वाक्य पूरा नहीं किया।

कोहली ने कहा, ‘अगर हम वहां पर हावी हो जाते और तीन विकेट लेते तो संभवत: वह क्षण खेल की दिशा बदल देता।’ यह घटना 21वें ओवर में घटी, जब रविचंद्रन अश्विन की उछाल लेती गेंद सीधे एल्गर के पैड पर लगी। अंपायर मारियास इरासमस ने अंगुली उठा दी। हालांकि, एल्गर ने तुरंत DRS लिया। रीप्ले से पता चला कि गेंद विकेट के ऊपर से निकल रही थी। ऐसे में अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा।

इस पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी निराशा खुलकर जाहिर की। अब तक 99 टेस्ट खेल चुके कोहली ने कहा कि वह इसे विवाद नहीं बनाना चाहते हैं। उनकी टीम इससे आगे निकल चुकी है। उन्होंने कहा, ‘वास्तविकता यह है कि हमने इस टेस्ट मैच में उन पर लंबे समय तक पर्याप्त दबाव नहीं बनाए रखा और इसलिए हम मैच हार गए।’

पुजारा और रहाणे 6 में से 5 पारियों में नाकाम रहे। दोनों पिछले साल भी खास योगदान नहीं दे पाए थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हार के बाद दोनों पर टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। इस संबंध में कोहली ने कहा, ‘मैं यहां यह बात नहीं कर सकता कि भविष्य में क्या होने जा रहा है। मैं यहां पर इस पर चर्चा करने के लिए नहीं बैठा हूं। आपको इस पर चयनकर्ताओं से बात करनी चाहिए। यह मेरा काम नहीं है।’

विराट कोहली ने कहा, ‘जैसा कि मैंने पहले कहा है वहीं बात मैं फिर से कहूंगा, हम चेतेश्वर और अजिंक्य का समर्थन करना जारी रखेंगे, क्योंकि वे जिस तरह के खिलाड़ी हैं, उन्होंने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में वर्षों से अच्छा प्रदर्शन किया है। जोहानिसबर्ग में उन्होंने महत्वपूर्ण पारी खेली। इस तरह के प्रदर्शनों को हम एक टीम के रूप में मान्यता देते हैं।’ कोहली ने कहा, ‘चयनकर्ता क्या फैसला करते हैं, मैं यहां बैठकर उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’

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