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लॉरेंस के जेल से साक्षात्कार पर पंजाब डीजीपी की सफाई:दावा

चंडीगढ़/अमृतसर2 घंटे पहले

पंजाब सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की मुख्य चिंता लॉरेंस जेल से अंदर दिए गए साक्षात्कार के बाद बैकफुट पर आई पंजाब पुलिस ने अपनी सफाई पेश की है। इंटरव्यू के दो दिन बाद, गुरुवार को पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। DGP ने दावा किया कि लॉरेंस से जुड़े फैक्टस को अपने तरीके से रखते हुए यह दावा किया कि यह इंटरव्यू पंजाब के अंदर नहीं हुआ।

डीजीपी ने अपने दावों को साबित करने के लिए 9 मार्च, 14 मार्च और आज यानी 16 मार्च की लॉरेंस की फोटोज भी मीडिया के सामने पेश की। बठिंडा जेल और तलवंडी साबो कोर्ट में पेशी के दौरान ली गई इन तस्वीरों में लॉरेंस शॉर्ट हेयरकट और ट्रिम में दाढ़ी दिखती है जबकि 14 मार्च को एक टीवी चैनल पर जारी इंटरव्यू में उसकी दाढ़ी हुई थी और सिर के बाल भी लंबे थे।

हालांकि डीजीपी के इन दोस्तों के बीच यह सवाल अभी भी चुनौती बना हुआ है कि फाइनल लोरेस का इंटरव्यू हुआ कहां?

राजस्थान पुलिस पर सवाल

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि राजस्थान पुलिस 8 मार्च को बठिंडा जेल वापस आ गई है। 9 मार्च को बठिंडा के ही तलवंडी साबो कोर्ट से लॉरेंस को पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। इसके बाद 10 मार्च को लॉरेंस को रिमाइंडर बठिंडा जेल लाया गया।

डीजीपी ने कहा कि 14 मार्च को एक चैनल पर प्रसारित हुए इंटरव्यू में लॉरेंस ने पीले रंग की टीशर्ट पहन रखी थी और उसकी दाढ़ी व सिर के बाल लंबी नजर आ रहे थे। जबकि 10 मार्च को जब लॉरेंस को बठिंडा जेल लाया गया था तो उसके बाल छोटे थे और दाढ़ी भी ट्रिम थी। डीजीपी ने कहा कि इस साक्षात्कार के बाद बठिंडा जेल में लॉरेंस के सामान की मांग की गई थी लेकिन इसमें पीले रंग की कोई टी शर्ट नहीं मिली।

लॉरेंस के पहनावे और हेयरकट को आधार बनाकर उनका साक्षात्कार पुराना बताया और कहा कि यह पंजाब की जेल से निकला है। यह दावा कर डीजीपी ने एक तरह से राजस्थान पुलिस पर सवाल उठाया।

साक्षात्कार की ध्वनि पूर्ण स्टूडियो जैसे

डीजीपी ने कहा कि लॉरेंस के साक्षात्कार की ध्वनि गुणवत्ता स्टूडियो की तरह है। जेल वगैरह से जैमर होने के कारण ऐसा ऑडियो-वीडियो गुणवत्ता नहीं आ रही है। उन्होंने दावा किया कि बठिंडा सेंट्रल जेल कम्युनिकेशन के मामले में मृत जोन में आता है और वहां ऐसा साक्षात्कार संभव ही नहीं है।

डीजीपी ने तर्क दिया कि इंटरव्यू में लॉरेंस जग्गू भगवानपुरिया को दोस्त बता रहा है और साथ में मौसेवाला की हत्या की बात कह रहा है। उसने जग्गू और उसके गैंग के बीच पिछले दिनों गोइंदवाल जेल में हुई घटना का कोई जिक्र भी नहीं किया, जिसमें उसके गैंग ने जग्गू के दो साथियों की हत्या कर दी थी। अगर इंटरव्यू ताजा होता है तो लॉरेंस इस विवाद पर भी बताता है।

जेल अधीक्षक बीएसएफ से डेपुटेशन पर

डीजीपी ने बताया कि लॉरेंस को बठिंडा जेल के आइसोलेटिड हाई क्वालिटी सेल में रखा गया है। इस जेल की भीतर सुरक्षा सीआरपीएफ के घेरे में है और बाहर पंजाब जेल महाकमे की कर्मचारी ड्यूटी है। बठिंडा जेल की जिम्मेदारी एनडी नेगी के पास है जो बीएसएफ के अधिकारी हैं और वहां से डेपुटेशन पर आए हैं।

बठिंडा जेल में एडवांस जैमर

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दावा किया कि बठिंडा जेल के अंदर एडवांस क्वालिटी वाले जैमर लगे हैं जिसकी वजह से मोबाइल के संकेत नहीं आ सकते। इसके बावजूद जेल के अंदर दिन में तीन से चार बार संकेत चेक किए जाते हैं। इशारों के मोबाइल से वीडियो बनाकर किसी को भेजा ही नहीं जा सकता। जेल में कैदी 24 घंटे सीसीटीवी सर्विलांस में रहते हैं। रात के समय भी वहां बंद किए गए बैरकों की लाइट बंद नहीं की जाएगी। बस उसे डिम कर दिया जाता है ताकि गार्ड की निगरानी पूरी हो सके।

डीजीपी ने दावा किया कि बठिंडा जेल की सीमा पूरी तरह से प्रूफ है कि दूसरे राज्य में भी आपके बड़े मुजरिम दिखाई दे रहे हैं।

पंजाब लाकर लॉरेंस को निष्क्रिय किया गया

डीजीपी ने कहा कि लॉरेंस लगभग 9 साल की जेलों में है और ज्यादातर समय वह दूसरे राज्यों की जेलों में रहा है। वहीं से अपना नेटवर्क चालू किया था। सिद्धू मूसेवाला मर्डर के बाद उसे पंजाब लाकर बठिंडा जेल के उच्च-सिक्योरिटी जोन में रखा गया था जिसके कारण वह निष्क्रिय हो गया। पंजाब पुलिस से बचना और अपने नेटवर्क को फिर से जिंदा करने का मकसद से ही सुप्रीम कोर्ट तक गया और खुद को वापस लेने को पंजाब से बाहर शिफ्ट करने की मांग की। मगर सुप्रीम कोर्ट ने उसे नहीं देखा।

पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब के बाहर बैठे कुछ लोग यहां की शांति भंग करने के लिए अफवाहें और अफवाहें फैला रहे हैं। ऐसे लोग सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निजी नेटवर्क का इस्तेमाल फर्जी खबरें अपलोड करते हैं।

उन्होंने फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। डीजीपी ने कहा कि अमृतसर में जी20 देशों के डेलीगेट का सम्मेलन सुरक्षित चल रहा है।

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