POLITICS

‘रनवे 34’, उम्मीद है कि दर्शक इसे पसंद करेंगे : अमिताभ

फिल्म की कहानी कैप्टन विक्रांत खन्ना (देवगन) के इर्दगिर्द घूमती है जिसका विमान एक अंतरराष्ट्रीय गंतव्य से उड़ान भरने के बाद रहस्यमय रास्ता अख्तियार कर लेता है।

अमिताभ बच्चन को उम्मीद है कि उनकी आगामी फिल्म ‘रनवे 34’को दर्शक सिनेमाघरों में देखने जाएंगे क्योंकि इस ‘बेहतरीन’ फिल्म को प्यार और कड़ी मेहनत से बनाया गया है। अजय देवगन द्वारा निर्देशित ‘रनवे 34’ को सत्य घटना पर आधारित थ्रिलर बताया जा रहा है। फिल्म की कहानी कैप्टन विक्रांत खन्ना (देवगन) के इर्दगिर्द घूमती है जिसका विमान एक अंतरराष्ट्रीय गंतव्य से उड़ान भरने के बाद रहस्यमय रास्ता अख्तियार कर लेता है।

बच्चन ने वकील नारायण वेदांत का किरदार निभाया है जो खन्ना का किरदार अदा कर रहे देवगन से अदालत में सवाल जवाब करते हैं जिस पर अपने यात्रियों की जिंदगी खतरे में डालने का आरोप है। बच्चन ने कहा, ‘मुझे आशा है कि दर्शक इस फिल्म को पसंद करेंगे क्योंकि इसे दिल से और कड़ी मेहनत से बनाया गया है।

हर फिल्म मेहनत से बनाई गई होती है लेकिन मुझे लगता है कि अजय ने इसमें बेहद रुचि दिखाई है। सभी सह कलाकारों ने अच्छा काम किया। इन सबके सहयोग से एक अच्छी फिल्म तैयार हुई है।’ निर्माण कंपनी अजय देवगन फिल्म्स के यूट्यूब पेज पर डाले गए एक वीडियो के अनुसार बच्चन ने देवगन से बातचीत में यह कहा।

शाहरुख ने ‘डेस्परेटली सीकिंग शाहरुख’ की लेखिका से की भेंट

लेखिका श्रेयना भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि वे आखिरकार अपने हीरो सुपरस्टार शाहरुख खान से मिलने में सफल रहीं और उनके बांद्रा स्थित आवास पर अपनी किताब डेस्परेटली सीकिंंग शाहरुख उन्हें भेंट की। भट्टाचार्य ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा कि उन्होंने रविवार को मन्नत में शाहरुख खान से मुलाकात की और उनके साथ एक घंटा बिताया। उन्होंने लिखा, ‘वे कहते हैं कि आपको कभी भी अपने नायकों से नहीं मिलना चाहिए। जिसने भी ऐसा लिखा या सोचा था कि वह स्पष्ट रूप से शाहरुख खान से कभी नहीं मिला था।

कल रात मन्नत में एक घंटे तक उनके साथ रहने के बाद, मैं केवल इतना कह सकती हूं कि वे महामानव हैं पूजा डडलानी को लाखों धन्यवाद, जिनके बिना यह संभव नहीं होता।’ हार्पर कालिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित, डेस्परेटली सींिकग शाहरुख : इंडियाज लोनली यंग वीमेन एंड द सर्च फार इंटिमेसी एंड इंडिपेंडेंस किताब पिछले साल बाजार में आई थी और इसकी खासी सराहना हुई थी।

अपनी पोस्ट में, भट्टाचार्य ने कहा कि पुस्तक अंतत: अपने इच्छित गंतव्य खान के घर के पुस्तकालय तक पहुंच गई है। उन्होंने इसकी एक तस्वीर भी साझा की। उन्होंने लिखा,हां, हमने तस्वीरें लीं। लेकिन वो किताब के एक साल पूरा होने पर पोस्ट करें।’

Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
%d bloggers like this: