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ये तालिबान वो नहीं जो हम समझ रहे – बोले मुस्लिम पैनलिस्ट, प्रेम शुक्ला बोले – अफगानिस्तान में जाकर गुजारे कुछ दिन

प्रेम शुक्ला ने अपनी बात रखते हुए कहा कि विश्व की पूरी बिरादरी तालिबान के मुल्ला बरादर के खिलाफ इसलिए बात करती है क्योंकि मुल्ला बरादर और तालिबान की जो करतूतें हैं वह अमानवीय है।

तालिबान के मुद्दे को लेकर भारत में भी सियासी बाजार गर्म है। अफगानिस्तान से आ रही तस्वीरें पूरी दुनिया को डरा रही हैं । वहीं दूसरी तरफ भारत में भी इस मसले पर कई लोग बयानबाजी करते नजर आ रहे हैं। मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने अफगानिस्तान और तालिबान के मुद्दे पर कहा कि, ‘ तालिबान ने सही किया है। अपनी जमीन पर कब्जा तो किसी भी तरह से किया जा सकता है।’

दरअसल ऐसे तमाम लोग भारत में है जो खुलकर तालिबान के समर्थन में अपना बयान दे रहे हैं। इसी मुद्दे पर न्यूज़ 18 इंडिया चैनल पर डिबेट हो रही थी। डिबेट के दौरान एंकर के एक सवाल का जवाब देते हुए मुस्लिम चिंतक अतीक उर रहमान ने कहा कि, ‘ यह स्टडी करना पड़ेगा कि यह मामला क्या है? अगर हम पूरी तरह से तालिबान को छूट देना चाहते हैं तो किस हद तक की छूट दे सकते हैं।’

इस डिबेट के दौरान अतीक उर रहमान ने कहा कि जब तक यह बात साबित नहीं हो जाती है कि पाकिस्तान इसके अंदर शरारत नहीं कर रहा है और चाइना भी शरारत कर रहा है। यहां पर यह महत्वपूर्ण बात है कि ये तालिबान वो तालिबान नहीं है जो हम समझ रहे हैं। इस डिबेट में बीजेपी की तरफ से अपना पक्ष रखने के लिए आए भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला तालिबान के समर्थन में बयानबाजी कर रहे लोगों पर जमकर हमला बोला।

प्रेम शुक्ला ने अपनी बात रखते हुए कहा कि विश्व की पूरी बिरादरी तालिबान के मुल्ला बरादर के खिलाफ इसलिए बात करती है क्योंकि मुल्ला बरादर और तालिबान की जो करतूतें हैं वह अमानवीय है। मानवता को शोभा नहीं देती हैं और जो एक लोकतांत्रिक ढांचा खड़ा हुआ है उदारता के लिए जानी जाती है।

उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि तालिबान में बहुत बेहतर उदारवादी शासन है तो पाकिस्तान में जरा कुछ दिन रह कर आए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अफगानिस्तान के नाम पर तो भाग खड़े हो रहे हैं साहब। अफगानिस्तान में अगर इतना ही अच्छा कानून है, इतनी ही अच्छी व्यवस्था है, तो कुछ लोगों को जाकर वहां कुछ दिन गुजारना चाहिए।

न्यूज़ डिबेट के इस वीडियो पर कुछ लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। एक ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि कुछ दिनों के लिए नहीं वहां पर उन्हें हमेशा के लिए शिफ्ट हो जानी चाहिए। वे भी अपने तालिबानी संस्कृति के साथ अच्छे से वहां रहेंगे और हमारा देश भी शांत रहेगा ऐसे लोगों के ना रहने पर। उन लोगों के लिए तो सुनहरा मौका है कि वह अपनी पूरी जमात को लेकर अफगानिस्तान तालिबान में शिफ्ट हो जाए। @amit0360 टि्वटर अकाउंट से कमेंट किया गया कि ये तालिबान का समर्थन नहीं हो रहा है। ये भारत में शरियत का प्रचार हो रहा है। भारत में शरियत ही इनका एकमात्र लक्ष्य है। ये वास्तव में भारत के संविधान का अपमान है।

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