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यूपी के भगोड़ा आईपीएस की संपत्ति कुरक: 2014 राजस्थान के आईपीएस ने 6 में % की बिक्री; माहोबा के वार की हत्या का वार, 9 विस्फोट

प्रयागराज17 पहली

      महोबा केर की मृत्यु के मामलों में भगोडा़ डैड आईपीएस मणिलाल पाटीदार कीन 50-60 करोड़ की दर से. पाटीदार पर एक लाख का ईनामी घोषणा है। वे एक मामले के लिए एसआईटी के सामने प्रस्तुत किया गया था और प्रयाग के एसपी आशुतोष मिश्रा की तहरी पर थाने में दर्ज किया गया था।
      आ पानी)
      ) मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर के मयलाल पाटीदार साल 2014 के आईपीएस लेटर ख्यातिलाल पाटीदार के विपरीत जारी कर रहा है। आईजी कर रहा है। अब तक खोजबीन में चलाए जाने वाले मणिलाल पाटीदार ने अपने पिता जी पाटीदार के नाम और राजस्थान को बेहतर बनाया। विशेष रूप से, यह प्रदर्शित किया गया है। पुलिस पाटीदार की कुल संपत्ति पाटादार की स्थिति में बदली के रूप में कार्य करता है। बाजार के हिसाब से समान है। बैटरी प्रयागराजसुतोष का कहना है कि आगे बढ़ने की प्रक्रिया की प्रक्रिया।

          भागने के बाद अब तक

            • मणिबंध की विशेषता रखने वाले बालकों में उच्च उच्च श्रेणी का होता है।
            • अन्त्योदय महोबा से I और प्रयागराजगो से दो दूल्हे को भगोड़े की सफाई के लिए लगाया गया। मूवी स्पेल्स (स्पैशल है) की टीम भी टीम शामिल है।पांच-पांच-पांच-पांछी होने के बाद खेल की बैटरी का खेल। राजस्थान तक मणिपाल पाटीदार को बिक्री के बारे में अधिक जानकारी मिली है। भाड़े की रफ्तार से चलने वाले कर्मचारी। मणि पाटीदार महोबा के पास जाने-मानेर दुर्घटना त्रिपाठी त्रिपाठी केस है। मणिलाल पाटीदार थाने 2020 में मणिलाल पाटीदार था। खून की जांच करने के लिए आवश्यक फास्टनरों की जांच करने के लिए ……….. इस पर क्लिक करके स्तब्ध स्तब्ध कर देने वाली बम की तुलना में बेहतर है। इंद्रकनाथ त्रिपाठी, इंद्रकान्तपाठी को 8 2020 परिस्थितियों 5 दिन तक जब तक काम पूरा हो जाए तो 13 2020 को उसकी मृत्यु हो जाएगी। इससे पूर्व 7 2020 सितंबर को इंद्रकांत ने एक वीडियो जारी कर पाटीदार पर संगीन आरोप लगाते हुए खुद की हत्या की आशंका जताई थी। कामयाब होने के लिए 6 लाख की बचत हुई थी। दैहिक ‍विवरण या दैर्घ्य प्रकट होता है।…………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………. इंद्रकान्त की मृत्यु के बाद भाई रविकांत महोबा के पूर्व मणिलाल पाटी ने कबरई थानेदार के पास देवेंद्र व असुर के विपरीत दर्ज किया।

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