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यूएनजीए में प्रस्ताव

वॉशिंगटन4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक रूस-यूक्रेन जंग करीब 11 महीने बाद भी जारी है। इसे रोकने की तमाम कोशिशें अब तक नाकाम साबित हुई हैं। सोमवार को इस मामले में नया ट्विस्ट आया। यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली (UNGA) में एक प्रस्ताव लाया गया। इसमें कहा गया है कि यूक्रेन को जंग से जो नुकसान हुआ है, उसका धोखा रूस करे। इस प्रस्ताव पर वोटिंग भी हुआ। भारत ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव में रूसी हमलों की वजह से यूक्रेन को हुए नुकसान की झलक के लिए भ्रम देने की मांग की गई। इसमें कहा गया है कि रूस ने अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा है।UN में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने वोट नहीं करने का कारण बताया है।

    94 देशों ने पक्ष में वोटिंगUN में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने वोट नहीं करने का कारण बताया है।चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और सीरिया को मिलाकर 14 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। अमेरिका और उसके सहयोगी पश्चिमी देशों के समर्थन से इस प्रस्ताव को यूएनजीए में पेश किया गया था। इसमें यूक्रेन के पक्ष में 94 देशों ने वोट किया। इसके बाद प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया। शत्रुतापूर्ण, चीन, क्यूबा, ​​​​उत्तर कोरिया, ईरान, रूस और सीरिया को मिलाकर 14 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया।
    भारत के साथ भूटान, ब्राजील, मिस्र, इंडोनेशिया, इजरायल, नेपाल, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका सहित 73 देश वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

    संयुक्त राष्ट्र में भारत की रिश्ता प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने वोट नहीं करने का कारण बताया है।

    भारत ने वोट नहीं करने की वजह बताईUN में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने वोट नहीं करने का कारण बताया है।संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा- हमें यह विचार करना होगा कि क्या संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग से सब ठीक हो जाएगा? साथ ही महासभा में पारित हुए ऐसे अभियुक्तों के कानूनी रूप से क्या होगा यह भी स्पष्ट नहीं है। रुचि ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर समानुभाव से पीएम नरेंद्र मोदी की कही बात “यह युद्ध का समय नहीं है” दोहराई। कहा- भारत बातचीत और राजनयिक के माध्यम से जंग जैसा चाहता है।

    कंबोज ने आगे कहा- बिना अंतरराष्ट्रीय कानून को ध्यान में ऐसे प्रस्ताव लाना को नहीं चाहिए, जिससे संयुक्त राष्ट्र के भविष्य के एजेंडे पर असर हो। ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो बातचीत में शैतान से जुड़कर इस संघर्ष को स्वीकार करते हैं।

    चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और सीरिया को मिलाकर 14 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया।

    भारत यूक्रेन की स्थिति को लेकर चिंताजनक: कंबोजUN में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने वोट नहीं करने का कारण बताया है। कंबोज ने यह भी कहा कि भारत यूक्रेन की स्थिति को लेकर चिंतित है। इस युद्ध में कई लोगों की जान जा चुकी है और लाखों महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बेघर हो गए हैं। जिसकी वजह से उन्हें पड़ोसी देशों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने दुनिया में आई आर्थिक गिरावट के लिए भी युद्ध को जिम्मेदार बताया।

    करीब 50 देशों ने रूस को जिम्मेदार ठहरायाUN में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने वोट नहीं करने का कारण बताया है। UNGA में लगभग 50 देशों ने माना कि यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराना चाहिए। साथ ही हानि के लिए भ्रम की स्थिति में रूस को धोखा देना चाहिए। UNGA में पहले भी आकर्षित हुए हैं प्रस्तावUN में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने वोट नहीं करने का कारण बताया है। यह पहली बार नहीं है जब यूएनजीए में इस तरह का प्रस्ताव पेश किया गया है। इससे पहले भी पश्चिमी देश कई संकेत देता है, लेकिन उसका कोई विशेष प्रभाव नहीं हुआ। फरवरी में शुरू हुई जंग के चलते दोनों देशों के हजारों जवान हताहत हुए। जंग की वजह से वैश्विक खाद्य पदार्थ और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ा। कच्चा तेल काफी महंगा हुआ।

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