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मोदी सरकार ने स्कूली किताबों से हटाया गुजरात दंगों सहित कई सामाजिक आंदोलनों की बातें

एनसीआरटी ने बारहवीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में से ‘गुजरात दंगों’ के अध्याय को हटा लिया है।


NCERT ने 12वीं के सिलेबस से गुजरात दंगों से संबंधित अध्याय को हटा दिया है। NCERT ने इसके लिए कई तर्क दिए हैं। NCERT की ओर से जारी एक नोट के मुताबिक गुजरात दंगों पर आधारित पेज चैप्टर को किताब से हटा दिया गया है। हटाए गए चैप्टर्स में बताया गया था, “गुजरात दंगों से पता चलता है कि सरकारी तंत्र भी सांप्रदायिक भावनाओं के प्रति संवेदनशील हो जाता है। यह लोकतांत्रिक राजनीति के लिए खतरा पैदा करता है।”

NCERT ने पाठ्यक्रम के उन हिस्सों को हटाने के पीछे दोहराव और अप्रासंगिक होने का हवाला दिया है। बारहवीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में से ‘गुजरात दंगों’ से जुड़े संदर्भों को हटाया गया है, जो भारतीय राजनीति के नए घटनाक्रम में नए अध्याय के तहत लिखा गया था इस किताब से 2002 के गुजरात दंगों के चैप्टर्स को हटा लिया गया है।

किताब से ‘गुजरात दंगे’ के दो पेज हटाए गए

साल 2002 में हुए गुजरात दंगों को किताब से हटा दिया गया है। कक्षा 12 राजनीति विज्ञान की किताब के अंतिम अध्याय जो पूरी तरह से गुजरात दंगों पर आधारित थे, उनके दोनों पेज हटा लिए गए हैं। इसमें पहले पेज पर गुजरात दंगों को लेकर एक विस्तृत पैराग्राफ है जो गुजरात दंगों के बारे में सिलसिलेवार ढंग से बताता है। इसमें बताया गया है कि कैसे कारसेवकों से भरी ट्रेन गोधरा में मुसलमानों द्वारा आग लगा दी गई जिसमें बहुत से कारसेवक जिंदा जल गए और इस घटना के बाद कैसे गुजरात में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा हुई।

NHRC की आलोचना को भी हटाया गया

गुजरात में हुए इन दंगों को काबू नहीं कर पाने के लिए तत्कालीन गुजरात सरकार की आलोचना एनएचआरसी ने की थी ये बात भी हटाए गए चैप्टर में शामिल थी। एनएचआरसी की आलोचना में उदारहरण देते हुए कहा गया था, “गुजरात दंगों से पता चलता है कि सरकारी तंत्र भी सांप्रदायिक भावनाओं के प्रति संवेदनशील हो जाता है, जो कि लोकतांत्रिक राजनीति के लिए खतरा पैदा करता है।”

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की टिप्पणी को भी हटाया गया

किताब से हटाए गए दूसरे पेज में गुजरात दंगों पर तीन अखबारों की रिपोर्ट की कटिंग का एक कोलाज है। इसके अलावा इस पाठ में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस बयान को भी शामिल किया गया था, जिसमें उन्होंने तब के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को राज धर्म का पालन करने की सलाह दी थी। वाजपेयी ने मार्च 2002 में अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठकर यह बात कही थी।

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