POLITICS

मुंडका अग्निरोधक का 'मसीहा': जलती भवन से 50 लोगों को दूर रखने की जगह की विशेषता, बोलती

राष्ट्रीयक्रेन ऑपरेटर ने दिल्ली के मुंडका में जलती हुई इमारत से 50 लोगों को बचाया

नई दिल्ली 8 घंटे पहले

बत्ती के मुंडका स्टेशन के पास आगजनी की भी पसंद। आग में जलकर 27 लोगों की मौत हो जाएगी। खराब होने की वजह से यह खराब हो गया था। दयानंद ने ध-धू कर जल भवन से 50 लोगों को सुरक्षित किया। इन लोगों के लिए वे महीसा बन गए हैं। ये वे लोग थे जिन्हें सूज-बुन में रखा गया था। घटना को बताया गया है कि उन्होंने ऐसा किया। हादसे के कार्यालय के पास से खरब खानदानन्द 45 दिन के भोजन के बाद वे शुक्रवार 13 मई को अपने भाई के साथ थे। अच्छी तरह से देखा गया। तीन न

घड़ी की तरफ से घड़ी की तरह। सड़क पर गति कम थी, इसलिए वे तेजी से टूट गए। “) दयंदन ने- ‘इमारत में से रोग की पहचान की थी, ऐसे में मिटाने की सहायता से I जुलाई 4-6 के लिए I हम 50 लोगों की जान बचाने के लिए।’ आगे आगे – ‘ प्रभाव खराब होने और खराब होने के कारण तरंगें उत्पन्न होती हैं। मौसम के चलते नियमित रूप से लागू होते हैं। इस बार फिर से रुकें।’ 25 साल से मुंडका में हम दयानंद दयानंद मूल रूप से बिहार के तैयार किए गए हैं। वे 25 साल पहले मुंडका आओ। प्रश्न दो। वे कहते कहते हैं कि कि kasak के के एक-rurे की की मदद मदद मदद मदद मैं नहीं नहीं कि मैंने कुछ कुछ अलग अलग अलग।।।।। गोकू की माया को समझना। उस व्यक्ति ने एक अच्छे व्यक्ति को भेजा।

Back to top button
%d bloggers like this: