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महाराष्ट्र में कोरोना के हालात डराने वाले: 24 लाख की आबादी वाले नागपुर में कोरोना मरीजों के लिए बचे सिर्फ 470 बिस्तर, मेडिकल कॉलेज के बेमेंट में लगाने वाले 90 वें स्थान पर हैं।

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नागपुर मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को 900 बेड थे, जो बुधवार को सिर्फ 600 बचे। गुरुवार को इनकी संख्या 490 ही रह गई। - Dainik Bhaskar

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नागपुर मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को 900 बिस्तर थे, जो बुधवार को सिर्फ 600 बचे। गुरुवार को इनकी संख्या 490 ही रह गई।

महाराष्ट्र में मुंबई के बाद अब नागपुर में भी कोरोना वायरस फैलने लगा है। की रफ्तार बढ़ती जा रही है। यहां 31 मार्च तक टोटल लॉकडाउन लगा है। हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि 24.1 लाख की आबादी वाले शहर में कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए सिर्फ 470 बेड बचे हैं। नागपुर नगर निगम के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में कुल 4,451 बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

गुरुवार सुबह 10 बजे तक इनमें से सिर्फ 571 बिस्तर खाली बचे थे। शाम होते तक खाली बिस्तर की संख्या 470 हो गई। बताया जा रहा है कि ज्यादातर बेड ऑन के बाद एक-दो घंटे के अंदर ही भरे हुए हैं। नागपुर मेडिकल कॉलेज (NMC) में कोरोना मरीजों के लिए 600 बिस्तर की व्यवस्था की गई थी। मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अब 90 बेड बेसमेंट में लगवाए गए हैं। नागपुर में गुरुवार को कोरोना और 85 रोगी सरकारी और 3,792 रोगी प्राथमिक अस्पतालों में भर्ती हुए।

एनएमसी ने 17 प्राथमिक अस्पतालों का अधिग्रहण

किया नागपुर मेडिकल कॉलेज ने कोरोना से सामना के लिए 17 प्राथमिक अस्पतालों का अधिग्रहण किया है। एनएमसी में बेडमेंट पर बिस्तर लगाने की बात पर नागपुर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट अविनाश गोवंदे ने बताया कि 600 में से 90 बेड बेमेंट में लगाए गए हैं। बीच में ड्रेसेज की समस्या के कारण उसे बंद कर दिया गया था, लेकिन अब दोबारा शुरू कर दिया गया है।

प्राथमिक अस्पताल ज्यादा सैलरी देकर ओवररीन करवा रहे
एक ओर सरकारी अस्पतालों में बेड की किल्लत है तो प्राथमिक अस्पतालों में मैन पावर की समस्या शुरू हो गई है। कोरोना के मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अस्पताल संचालक स्टाफ को ज्यादा सैलरी देकर ओवरलाइन करवा रहे हैं। ज्यादातर प्राथमिक अस्पतालों में स्टाफ को आइसोलेट करने की सुविधा नहीं है। इससे भी संक्रमण फैलने की संभावना है। कुछ अस्पताल के मरीजों से सरकार की तय गाइडलाइन से बहुत ज्यादा चार्ज कर रहे हैं।

600 बिस्तर खाली होने पर भी मरीजों को टालने की कोशिश
नागपुर मेडिकल कॉलेज से जारी आंकड़े पर को देखें तो यहां मंगलवार को 900 तो बुधवार को 600 बिस्तर खाली थे। ऐसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं कि कई बिस्तर होने के बाद भी हेल्पलाइन पर फोन करने पर बिस्तर खाली न होने की बात कही जाती है।

24 घंटे में 47 लोगों की जान चली गई
नागपुर में 24 घंटे के अंदर 16,064 लोगों की जांच हुई। शहर में 10,941 और ग्रामीण क्षेत्र में 5,123 लोगों के सैंपल लिए गए। 3,579 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। यह आंकड़ा बुधवार की तुलना में ज्यादा है। सबसे अधिक चिंता का विषय मृत्युदर है।

पिछले 24 घंटे के अंदर नागपुर में 47 लोगों की मौत हुई है। अब नागपुर तक कोरोना से 4,784 लोग जान गंवा चुके हैं। जिले में 34,819 सक्रिय मामले हैं। 24 घंटे में 2,285 मरीजों को छुट्टी की गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के बार यहां रिकवरी रेट घटकर 80 प्रति हो गया है। जानकारों का कहना है कि जिन लोगों को पहले होम आइसोलेशन की छूट दी गई थी, उनकी लापरवाही के कारण हालात ज्यादा बिगड़े हैं।

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