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भाजपा के लिए खेल न कर दे राणा-परमार की इंटरनेट जंग

हिमाचल में भाजपा संगठन मामलों के महामंत्री पवन राणा के साथ पार्टी के प्रदेश उपाध्याक्ष कृपाल परमार की सोशल मीडिया पर भिड़ंत के बाद कांगड़ा जिले के फ तेहपुर विधानसभाई हलके में चल रही उपचुनावी जंग में पार्टी के लिए अंदरूनी हालात विस्फोटक बन गए हैं।

सुभाष मेहरा

हिमाचल में भाजपा संगठन मामलों के महामंत्री पवन राणा के साथ पार्टी के प्रदेश उपाध्याक्ष कृपाल परमार की सोशल मीडिया पर भिड़ंत के बाद कांगड़ा जिले के फ तेहपुर विधानसभाई हलके में चल रही उपचुनावी जंग में पार्टी के लिए अंदरूनी हालात विस्फोटक बन गए हैं। याद रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ करीबियों के दावे के बावजूद टिकट के मोर्चे पर परमार राजनीतिक शहीद हो गए थे। लिहाजा पार्टी के लिए चुनौती का सबब बने परमार की मान मनौव्वल के बीच जब बात नहीं बनी तो दो रोज पहले पवन राणा का यह ट्वीट आ गया कि ‘भाग्य के दरवाजे पर, सर पीटने से बेहतर है, कर्मों का तूफान पैदा करे, दरवाजे अपने आप खुल जाएंगे।’

उधर, टिकट कटा कर कोपभवन मे बैठे परमार ने राणा के ट्वीट को दिल पर लिया और संघ से भाजपा में आए पार्टी के सबसे बड़े ताकतवर नेता पवन को आईना दिखाने के लिए अपने फे सबुक पन्ने पर यह कह कर भड़ास निकाल दी कि ‘आदरणीय पवन राणा जी 2022 में कर्मों का तूफान पैदा करने वाले सैकड़ों लोग निकलेंगे, धैर्य रखिए’। नतीजतन दो नेताओं के बीच इंटरनेट पर छिड़ी जंग ने कांग्रेस और भाजपा से निष्कासित नेता डा राजन सुशांत के साथ दो-दो हाथ कर नेताओं व कार्यकर्ताओं की धार कुंद कर दी है। माना जा रहा है कि कृपाल के गुस्से की आवृति को थामने के लिए पार्टी में अगर बंदोबस्त नही हुए तो जवाली हलके से आयातित प्रत्याशी बलदेव ठाकुर और भाजपा पर परमार गजब ढा सकते हैं।

हालांकि टिकट मोर्चे पर जख्मी हुए परमार की रुसवाइयां तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बड़ी होशियारी से परमार को फ तेहपर से चौपर में अपने साथ भी ले उड़े थे मगर किसी धरती के बजाय पड़ोसी हलके से एक भाजपाई बागी को थाली में टिकट परोस दिए जाने के बाद भी समर्थकों समेत परमार का गुस्सा अभी भी सातवें आसमान पर है। कह सकते हैं कि पार्टी और सरकार की लाज बचाने की कोशिशों में जुटे मुख्यमंत्री की कोई भी तरकीब कामयाब नहीं हुई। ऊपर से राणा के ट्वीट ने जलती आग में घी डालने का काम किया है। कह सकते हैं कि प्रचार के मध्य दौर के बीच राणा बनाम परमार के बीच जो खेल हो रहा है वह पार्टी के लिए विनाशकारी भी साबित हो सकता है।

अगले साल विधानसभाई चुनाव के लिए मिशन रिपीट का नारा देने के बाद उपुचनावों के जरिए सत्ता के सेमीफ ाइनल के लिए मैदान में उतरी भाजपा में राणा के ट्वीट संदेश पर परमार के जवाबी हमले से न सिर्फ पार्टी की अंदरूनी रार खुलकर सामने आ गई है बल्कि पार्टी में कोहराम भी मचा हुआ है। पार्टी उम्मीदवार सीधे तौर पर भितरघात के शिकंजे में हैं।

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