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बीजेपी उम्मीदवारों को न कार मिली, न घर और न ही माइक; उप चुनाव में हार पर बोले दिलीप घोष, पुलिस ने डलवाए वोट

चुनावों में भाजपा की हार पर तंज कसते हुए टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘सही मायने में पटाखा मुक्त दिवाली। भाजपा के लोगों को दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।‘‘

पश्चिम बंगाल में उपचुनावों में भाजपा को मिली हार पर पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने कहा कि उपचुनाव में मतदान के दौरान हमारे उम्मीदवारों को कभी भी कार, माइक या आवास नहीं मिलता है, लेकिन इस बार पुलिस ने एकतरफा वोट डलवाए, मतदान में पुलिस का तटस्थ रुख नहीं रहा। हम पहले भी उपचुनाव हारे थे, लेकिन उसी जगह पर आम चुनाव जीतते थे। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने हार के लिए ‘‘टीएमसी द्वारा फैलाए गए आतंक के शासन’’ को जिम्मेदार ठहराया। टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। विधानसभा में अब टीएमसी के सदस्यों की संख्या 215 हो गई है।

राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) ने मंगलवार को हुई मतगणना में अपने प्रतिद्वंद्वियों को रिकॉर्ड अंतर से हराते हुए 4-0 से सफलता प्राप्त की। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में टीएमसी ने कूचबिहार और नदिया जिलों में क्रमश: दिनहाटा सीट और शांतिपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से भारी अंतर से जीत हासिल की है।

अब विधानसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या घटकर 77 से 75 हो गई है। सत्तारूढ़ टीएमसी ने उत्तरी 24 परगना और दक्षिणी 24 परगना जिलों में खारडाह और गोसाबा विधानसभा सीटों को भी प्रभावशाली अंतर से बरकरार रखा। चार विधानसभा क्षेत्रों में टीएमसी को कुल 75.02 फीसदी वोट मिले, जबकि भाजपा को 14.48 फीसदी वोट मिले। दिनहाटा में टीएमसी के लिए जीत का अंतर 1.64 लाख वोटों के रिकॉर्ड को पार कर गया। इस साल विधानसभा चुनाव में गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।

दिनहाटा में इस बार एकतरफा मुकाबला देखने को मिला जहां टीएमसी के उदयन गुहा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के अशोक मंडल को 1,64,089 मतों के अंतर से हराया। उत्तर बंगाल के दिनहाटा में टीएमसी की जीत केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉन बारला द्वारा क्षेत्र के सभी जिलों को शामिल करते हुए अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने की विवादास्पद मांग को देखते हुए महत्वपूर्ण है।

उत्तर बंगाल के इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव निशिथ प्रामाणिक के कूचबिहार जिले के लोकसभा सांसद के रूप में बने रहने के निर्णय के कारण आवश्यक हो गया था। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सुब्रत मंडल ने भी गोसाबा विधानसभा उपचुनाव में 1,43,051 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। टीएमसी के सुब्रत मंडल को 1,61,474 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के पलाश राणा को महज 18,423 वोट मिले।

सुंदरबन डेल्टा क्षेत्र में गोसाबा विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव कुछ महीने पहले टीएमसी विधायक की मृत्यु के कारण जरूरी हो गया था। हथकरघा उद्योग के लिए प्रसिद्ध शांतिपुर विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी के ब्रज किशोर गोस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के निरंजन विश्वास को रिकॉर्ड 64,675 मतों से हराया। इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा की जीत हुई थी।

शांतिपुर उपचुनाव भी भाजपा के जगन्नाथ सरकार के इस्तीफे के कारण जरूरी हो गया था, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में हुए चुनावों में सीट जीती थी क्योंकि वह भी अपनी सांसद सीट बरकरार रखना चाहते थे। खारडाह विधानसभा क्षेत्र में राज्य के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के जॉय साह को 93,832 मतों के अंतर से हराया। चट्टोपाध्याय को 1,14,086 वोट मिले, जबकि साह को 20,254 वोट मिले। इस सीट पर उपचुनाव भी टीएमसी के मौजूदा विधायक के निधन के बाद जरूरी हो गया था।

निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम परिणामों की घोषणा करने से कुछ घंटे पहले ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को ‘‘जीत’’ के लिए बधाई दी। चुनावों में भाजपा की हार पर तंज कसते हुए टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘सही मायने में पटाखा मुक्त दिवाली। भाजपा के लोगों को दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।‘‘

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