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बिटकॉइन का नया रिकॉर्ड: सबसे खतरनाक क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के एक यूनिट की कीमत 44 लाख रुपए हुई, एक साल में 1100% का इजाफा

मार्च, 2020 में एक बिटकॉइन की कीमत 5 हजार डॉलर थी। शनिवार को यह 60 हजार डॉलर के पार चली गई।

दुनिया की सबसे गंध क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन लगातार अपनी कीमत का रिकॉर्ड लेवल्रोय कर रही है। शनिवार को पहली बार इसकी कीमत 60 हजार डॉलर के पार पहुंच गई। यानी एक बिटकॉइन की कीमत अब लगभग 44 लाख रुपए (60,322 डॉलर) है। 3 महीने पहले यह 19,860 डॉलर यानी लगभग 14 लाख 62 हजार रुपए प्रति यूनिट के लेवल पर था।

दिसंबर 2017 में बिटकॉइन 19,873 डॉलर प्रति यूनिट तक पहुंची थी। तब के हिसाब से एक कटकॉइन की कीमत करीब 13 लाख रुपये थी। मार्च, 2020 में एक बिटकॉइन की कीमत 5 हजार डॉलर थी। यानी एक साल में इसकी कीमतों में 1100% से ज्यादा इजाफा हुआ है। पिछले 24 घंटों में इसकी मशीनें 5.40% चढ़ी हैं। हालांकि, दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में भी तेजी है। इरत में लगभग 6% और स्टेलर में 4% की तेजी से हो रही है।

कोरोना की वजह से 4 हजार डॉलर हो गया था कीमत की कीमत 4000 डॉलर प्रति यूनिट के नीचे चली गई थी। डॉलर के कमजोर होने की वजह से इसने तेजी से वापसी की। अमेरिका की ब्रोकरेज और एजी फर्म ईटोरो के मार्केटिंग डायरेक्टर गे हिर्श का कहना था कि इंडिविजुअल और असेट मैनेजर बड़ी संख्या में बिटकॉइन की खरीदारी कर रहे हैं। इस बार लगभग 365 बिलियन डॉलर के बिटकॉइन सर्कुलेशन में हैं। सोने की जगह लेने का अनुमान जताया है कि सेफ हेवन चॉइस के तौर पर बिटकॉइन एक दिन गोल्ड की जगह ले सकता है। यह भी बिटकॉइन की कीमतों में तेजी की वजह माना जा रहा है। छोटी क्रिप्टोकरेंसी में शुमार इथेरियम, एक्सआरपी, लाइटकॉइन और स्टेलर की कीमतों में वृद्धि की वजह से भी बिटकॉइन में तेजी आ रही है। टेस्ला ने 11 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया
इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला ने हाल में बिटक्वॉइन में निवेश किया है। कंपनी आने वाले वक्त में बिटक्वाइन को भी पेमेंट ऑप्शन के रूप में स्वीकार करेगी। टेस्ला ने पिछले महीने अपनी इन्वेस्टमेंट पॉलिसी अपडेट की है। इस कंपनी ने यह भी बताया कि वह कुछ ऑल्टरनेटिव रिजर्व एसेट्स में भी निवेश करेगी। इनमें डिजिटल एसेट्स, गोल्ड बुलियन, गोल्ड एक्स-ट्रेडेड फंड भी शामिल हैं।

कंपनी ने 1.5 बिलियन डॉलर यानी लगभग 11 हजार करोड़ रुपये बिटक्वॉइन में इन्वेस्ट किया है। आगे भी इस तरह के कई डिजिटल एसेट्स में निवेश किया जाएगा। इंटरनेट भी अपने कर्मचारियों और वेंडर्स को बिटक्वॉइन में पेमेंट करने के बारे में सोच रहा है।

2008 में हुई थी बिटकॉइन की खोज था। आधिकारिक रूप से बिटकॉइन 2009 में लॉन्च हुआ था। भारत में अभी तक बिटकॉइन सहित किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मान्यता नहीं मिली है।

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