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बंगाल में वोटिंग से पहले दीदी का बड़ा दांव: ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को चिट्ठी लिखी, कहा

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    • ममता बनर्जी लेटर अपडेट; पश्चिम बंगाल के सीएम ने सोनिया गांधी को लिखा तेजस्वी यादव उद्धव ठाकरे अरविंद केजरीवाल

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    कलक 2 दिन पहले

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में दूसरे फेज की वोटिंग से पहले बड़ा दांव चला है। उन्होंने सभी भाजपा विरोधी दलों को चिट्ठी लिखकर एकजुट होने की अपील की है। चिट्ठी में ममता ने लिखा है कि मुझे लगता है कि अब वह समय आ गया है, जब हमें लोकतंत्र बचाने के लिए भाजपा के खिलाफ इकट्ठे हो जाना चाहिए।

    ममता की इस चिट्ठी पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पलटवार किया है। नड्डा ने कहा, ‘इस समय सभी को इकट्ठा करना और कहना कि मोदी के खिलाफ एकजुट हो जाओ, इससे एक बात स्पष्ट होती है कि ममता बनर्जी ने मान लिया है कि पश्चिम बंगाल में उनकी नाव डूब रही है। वे मुसीबत में हैं। उन्होंने जो पत्र लिखा है, वह उनकी डूबती हुई नाव को बचाने की कोशिश है। ‘

    जिन दलों को ममता ने चिट्ठी लिखी है, उनमें कांग्रेस (सोनिया गांधी), एनसीपी (शरद पवार), डीएमके (एमके स्टालिन), राजद (तेजस्वी यादव), शिवसेना (उद्धव पाठक), आम आदमी पार्टी (अरविंद केजरीवाल), बीजेडी (भाजपा) नव पटनायक) और वाईएसआर कांग्रेस (जगन रेड्डी) शामिल हैं।

    ममता ने चिट्ठी में लिखा है कि मैं ये चिट्ठी उन सभी पक्षों को लिख रहा हूं, जो भाजपा के खिलाफ हैं। मैं इस बात को लेकर चिंतित हूं कि भाजपा की केंद्र सरकार लोकतंत्र खत्म करने की कोशिश कर रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दिल्ली सरकार के खिलाफ एनसीटी बिल है। जो दोनों सदनों से पास हो गए हैं। केंद्र सरकार ने एक तारीख हुई सरकार की ताकत छीनकर उपराज्यपाल को दे दी है।

    ममता ने चिट्ठी में लिखा है कि आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दो बार दिल्ली के विधानसभा चुनावों में भाजपा को जीत दिलाई है। जब भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से नहीं जीत सकी तो उसने उपराज्यपाल के माध्यम से सत्ता करने का तरीका ढूंढ निकाला।

    शाह और बीएसएफ के डीजी का इस्तीफा मांगा बनर्जी ने कहा कि अमित शाह अपने भाषणों में हमेशा टाइपिया शब्द का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बताना चाहिए कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। बीएसबी की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी बीएसएफ की है और वह अमित शाह के मंत्रालय के तहत आती है। यदि इसके बाद भी स्थिरता हो रही है तो शाह और बीएसएफ के डीजी को इस्तीफा दे देना चाहिए।

    ममता की चिट्ठी के मुख्य बिंदु

    • जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां राज्यपाल भाजपा के कार्यकर्ताओं की तरह काम करते हैं।
    • उन राज्यों में नेताओं के खिलाफ ED सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों को लगाया जाता है।
    • गैर-भाजपा शासित राज्यों को केंद्र सरकार पैसा देने में आफतानी करती है।
    • मोदी सरकार सभी सरकारी संपत्तियों को बेचना चाहती है। इन लोगों के साथ धोखा है।

    हवड़ा में ममता की रैली, भीड़ के बीच फेंकी फुटबॉल

    टीएमसी सांसद के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची भाजपा

    भाजपा ने बुधवार को चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत की है। भाजपा का आरोप है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैल रही है। वे दोनों पर झूठा आरोप भी लगा रहे हैं। भाजपा ने उन पर कार्रवाई की मांग की है।

    बीर पृष्ठभूमि जिले के एसपी सहित 4 अधिकारियों को हटाने की मांग


    बीजेपी की बंगाल इकाई ने बीर पृष्ठभूमि जिले के एसपी सहित 4 अधिकारियों को हटा दिया था। मांग। पार्टी ने बुधवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर बीर पृष्ठभूमि के एसपी मिराज खालीद, बोलपुर के एसडीपीओ सहित पानरूई और बोलपुर के एक-एक अधिकारी पर टीएमसी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है। इससे पहले मंगलवार को ममता बनर्जी ने गोत्र कार्ड खेला था। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करते वक्त वह एक मंदिर गए थे। वहाँ पुजारी ने उनसे गोत्र पूछा। उन्होंने बताया कि मेरा गोत्र मां, माटी और मानुष है। इस घटना के बाद उन्हें त्रिपुरा के त्रिपुरेश्वरी मंदिर का वाकया याद आ गया। वहां भी पुजारी ने उनसे गोत्र पूछा था और उन्होंने जवाब दिया था। उन्होंने बताया कि मेरा मूल गोत्र शांडिल्य है।

    उधर, ममता के बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा कि मैं गोत्र लिखता हूं, मुझे कभी बताने की जरूरत नहीं है। ममता बनर्जी चुनाव हारने के डर से गोत्र बता रही हैं। उन्होंने ममता से सवाल किया था कि आप मुझे बताएं कि कहीं रोहिंग्या और त्वरितियों का गोत्र भी शांडिल्य तो नहीं है।

    नंदीग्राम में राष्ट्रगान के लिए खड़ी हुई ममता अंतिम दिन ममता बनर्जी जेट बांडे पैर के साथ लगभग 20 दिन बाद व्हीलचेयर से खड़ी हुईं। यहां के तेंजुआ में एक रैली के दौरान राष्ट्रगान की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान उनके सहयोगियों ने उन्हें खड़े होने का सुझाव दिया। पहले तो ममता ने खड़े होने में स्पष्टता दिखाई, लेकिन बाद में कुछ लोगों के सपोर्ट से वह ढेर हुईं और राष्ट्रगान चलाया।

    10 मार्च को नामांकन दाखिल करने के बाद उनके पैर में चोट लग गई थी । ममता ने भाजपा के लोगों पर इसका आरोप लगाया था। 3 दिन इलाज के बाद अस्पताल से निकलकर वे व्हीलचेयर पर ही प्रचार के लिए निकल पड़ी थे।

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