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पीएम मोदी विल नो मनी फॉर टेरर कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन:75 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल; पाक नहीं आया अफगानिस्तान के अधिकारी, चीन पर सस्पेंस

  • राष्ट्रीय
  • आतंकवादी सम्मेलन के लिए पैसे नहीं; 75 देशों के प्रतिनिधि; पीएम मोदी ताज होटल दिल्ली; चीन, पाकिस्तान अफगानिस्तान नई दिल्लीएक घंटा पहले
  • कॉपी लिंकगुरुवार को दिल्ली में सम्मेलन के बारे में जानकारी दी गई। NIA के डीजी ने बताया कि टेरर फंडिंग रोकने के लिए ये कॉन्फ्रेंस बहुत अहम है।

    टेरर फंडिंग रोकने के लिए दिल्ली में आज से पैसे नहीं आतंक (NMFT) कांफ्रेंस आयोजित किया जा रहा है। ताज होटल का उद्घाटन सुबह 11 बजे से होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्घाटन करेंगे। इसमें 75 देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। साथ ही 15 मल्टिनेशनल आ रहे हैं। 4 सेशन में ये कॉन्फ्रेंस होगी।

    इस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रतिनिधि का हिस्सा नहीं होगा। वहीं चीन के आगमन पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। यह सम्मेलन 18 से 19 नवंबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री शाह कांफ्रेंस का संदेश कर सकते हैं।

    गुरुवार को दिल्ली में कॉन्फ्रेंस के बारे में जानकारी दी गई। एनआईए के डीजी ने बताया कि टेरर फंडिंग रोकने के लिए ये कॉन्फ्रेंस बहुत अहम है।

    हमारे पास लाइन को मिलने वाले फंडिग के सबूत- दिनकर गुप्ता
    इस सम्मेलन की घटना NIA की ओर से की जा रही है। एनआईए के डीजी दिनकर गुप्ता ने गुरुवार को बताया कि टेरर फंडिंग रोकने के लिए ये कॉन्फ्रेंस बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि खालिस्तानी और कश्मीर के मामले में फंडिंग हो रही है। हमारे पास इसके सबूत हैं। एनआईए इस दिशा में काम कर रही है। इस सम्मेलन में इस बारे में भी चर्चा होगी। बता दें कि इस कांफ्रेंस को मीटिंग की कमर तोड़ने के लिए एक बड़ा प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय के सचिव संजय शर्मा ने कॉन्फ्रेंस के लिए बताया कि चीन को भी बुलाया गया था, लेकिन अब तक उद्र से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

    कॉन्फ़्रेंस के मुख्य रूप

    • टेरर फंडिंग लगाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लेंगे। सभी देशों की जांच एजेंसिया एलियन फंडिंग के रूट्स की भी जांच विदेश और इस मामले में आपसी सहयोग और विशेषाधिकार दिखाते हैं।
    • मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर संस्था ने अपना तरीका बदला है। इस पर सभी एकता को एक जानकारी हासिल करने की बात होगी, ताकि इसके रूट तक पहुंच सके। कैसे रोकें और क्राउडफंडिंग का उपयोग करें। भारत का दूसरा इस पर भी होगा कि सभी जांच सामने के बीच बनी सहमति, जिससे डार्कवेब के जरिए हो रही फंडिंग पर भी कड़ी निगरानी रखी जा सकती है।
  • कॉन्फ्रेन्स में इस पर भी र्चचा करेंगे कि वे कौन से लोग हैं जो सोशल मीडिया के माध्यम से फंड ग्रुप कर रहे हैं और समझौते की मदद कर रहे हैं, ताकि उस पर भी लागू किया जा सके।
  • इंटरनेशनल लेवल पर इंटरनेट सेवा प्रदाता एक समान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में हो सकता है ताकि नकली तरीके से होने वाली टेरर फंडिंग को रोका जा सके। साथ ही इंटरनेट सेवा प्रदाता की सही जानकारी देशों के पास रहे, जिससे कि वह इस तरह से फंडिंग करने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई कर सके।
  • भारत का फोकस देश में कट्टरवाद और जिहाद का प्रचार करने वाले संगठनों पर भी कार्रवाई हो। इसके लिए भारतीय जांच एजेंसी सभी देशों को इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एकता करें।
  • जान के मुताबिक सिख फॉर जस्टिस जैसे खालिस्तानी संगठन अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी में भारत के खिलाफ शिकायत नकली प्रचार फैलाते हैं, ऐसे अंग पर भी नंगे करने की तैयारी है।
  • टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए निजी भागीदारी की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है। इसे किस तरह से अनुक्रमित किया जाएगा, उस कदम पर बड़ी चर्चा होगी। सभी देश वित्तीय वित्तीय इकाई (FIU) को बेहतर तरीके से मजबूत करने को लेकर जा रहा है।
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