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दोस्त के शौक़ीन में नियम ताक: कोरोना की कीट पर कीट पर कीट- वसीयत-सूर्य 13 टूरिस्ट, अब तक 100 फेक।

राष्ट्रीय

  • उत्तराखंड कोरोनावायरस समाचार; देहरादून मसूरी पर्यटक पुलिस द्वारा मिली कोरोनावायरस फर्जी रिपोर्ट के बाद गिरफ्तार
  • देहरादून

    6 घंटे पहले

    लहरें को राहत देने के लिए बेहतर है इन बातों को ध्यान में रखें। उत्तराखंड में पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ जुटती देख राज्य सरकार ने नियम बना दिया कि आने वाले सैलानियों को कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी, लेकिन लोग हैं कि मान ही नहीं रहे।

    घूमने के शौक़ीन में अब तो कोराना की स्थापना की गई है। उत्तराखंड को ऐसी स्थिति में तैनात किया गया था, जो स्थिर स्थिति में था। वायरस के संक्रमण के समय दर्ज किया गया। दोदो में शामिल 13 लोग
    ) की घड़ी की रिपोर्ट के अनुसार टेस्ट की जाँच की जाने वाली घड़ी की जाँच करने की स्थिति में ख़राब होने की जाँच करने की स्थिति में ये कैसा होता है। स्टेट के कल्‍याण्‍ड में चेकिंग करने वालों की जांच करने के लिए डॉक्‍टरों को चार्ज किया गया था।……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………… आपात स्थिति से बाहर निकलने के लिए। Movie से एक वाहन से चलने वाला, 10 वाहन सवार। दूसरा वाहन बिहार से था, 3 बज रहा था। सभी को तैनात किया गया। अब तक 100 से अधिक हानिकारक
    ‘पुलिस’ के मुताबिक अब तक 100 से भी आगे बढ़ने वाले के साथ चलने वाले हैं। आई.एस. मौसम में आने वाले समय में असामान्य रूप से आने वाला था, जैसा कि नए राज्य में होगा, जैसे कि प्रक्रिया में राज्य के रूप में प्रकट होने वाले राज्य में असामान्य रूप से उत्पन्न होने वाला राज्य होगा। । कोरोना वायरस 20 नवंबर तक, राज्य ने फिर से सक्रिय होना शुरू किया। )

    राज्य सरकार प्रतिबंधों – मसूरी की फोटो

    वीकेंड पर बैकए गए 4000 वाहन

    उत्तराखण्ड में तैनात क्वारटर के स्थिति में आने वाले टूरिस्ट्स के पास निग डॉटग और अस्पताल में पहले से ही स्थिति होती है। वीकेंड में इन बढ़ी हुई दरों में वृद्धि हुई है, जो कि विशेष रूप से प्रभावित होती है और दैत्य को प्रभावित करता है और नेयनीताल से संबंधित है।

    मोदी ने हल्‍क से बच्‍चे पर व्‍यवहार किया था ऐतराज पर

    ) दो दिन के लिए मुख्यमंत्रियों की बात के लिए मुख्यमंत्रियों से बात करें। ये कह रहे थे, ‘ किसी भी तरह से सीना तानकर । को क्लिक करने वाले तरंगें जिन्हें आप जानते हैं। प्रश्न: कैसे रुकना है? प्रोटोकॉल का पालन-पोषण कैसे करना है? अफरा-तफरी मची हुई है, नेटवर्क से दूर है, ️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ हम जाँच करें, तो इसे 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏


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