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देशभर में खुलेंगे ट्रैफिक ई-कोर्ट: संयोजन जमा करने के लिए कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; 9 ई-कोर्ट में 41 लाख केस निपटाए गए

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नई दिल्ली 2 घंटे पहले लेखक: पवन कुमार

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अब लोगों को अदालतों के चक्कर में नहीं पड़ना पड़ेगा। घर बैठे ही वे कोड जमा कर देंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने 25 राज्यों में ट्रैफिक ई-कोर्ट के लिए 1,142 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है। (सिम्बॉलिक इमेज)

  • 7 राज्यों में 9 ई-कोर्ट की सफलता के बाद 25 राज्यों के लिए 1142 करोड़ रुपये का कोष जारी

यातयात के नियमों का उल्लंघन करने पर सामूहिक जमा करने के लिए अब लोगों को अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे ही वे कोड जमा कर देंगे। इसके लिए देशभर में ट्रैफिक ई-कोर्ट शुरू किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए 25 राज्यों में 1,142 करोड़ रुपये का फंड भी जारी किया है। ई-कोर्ट शुरू करने के लिए जुलाई 2021 तक की डेडलाइन तय की गई है।

केंद्र सरकार ने यह निर्णय छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में खोले गए नौ ई-कोर्ट की सफलता के बाद लिया है। कोरोना-काल में देशभर की ट्रैफिक कोर्ट में लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए मई 2020 में सबसे पहले देश की राजधानी दिल्ली में दो ई-कोर्ट की शुरूआत की गई थी।

इसके बाद देश के हरियाणा (फरीदाबाद), टीएम (चेन्नई), कर्नाटक (बेंगलुरू), केरल (कोच्चि), महाराष्ट्र (नागपुर, पुणे) असम (गुवाहाटी) में ट्रैफिक ई-कोर्ट खोले गए थे। केंद्रीय कानून मंत्रालय के अनुसार इन ई-कोर्ट के जरिए 20 जनवरी 2021 तक रिकॉर्ड 41 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है।

ई-कोर्ट के लिए राज्यों के हाईकोर्ट को फंड जारी। ट्रैफिक ई-कोर्ट: कहीं जाने की जरूरत नहीं, घर बैठे खाना भर सकते हैं यदि किसी का यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर विज्ञापन कटता है तो वह 24 घंटे के भीतर कभी भी ऑफ़लाइन भुगतान कर सकता है। रसीद भी ऑफलाइन मिल जाती है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी भी क्षेत्र में यातायात पुलिस खुद या पुलिस द्वारा लगाए गए किसी कैमरे से किसी वाहन का ओवर स्पीड, बिना शौचालय के वाहन चलाने इत्यादि का विज्ञापन कटता है।

इसकी सूचना ऑफ़लाइन पोर्टल में तुरंत दर्ज की जाएगी। इसके बाद वाहन मालिक के पास पोर्टल इसकी जानकारी मैसेज के माध्यम से है। यदि वाहन मालिक संयोजन भरना चाहता है तो मोबाइल में दिए गए नंबर के माध्यम से अपनी आवश्यकताओं को भर सकता है।

ई-कोर्ट के लिए राज्यों के हाईकोर्ट को फंड जारी।

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ई-कोर्ट के लिए राज्यों के हाईकोर्ट को फंड जारी किया गया है।

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