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दिल्ली पहुंचने के 48 घंटे में जाखड़ की ‘नाराजगी’ दूर:पंजाब में हुए बदलाव को बताया राहुल गांधी का बोल्ड फैसला, पंजाब की भाईचारक सांझ और मेलजोल को बचाकर रखने की जरूरत बताई

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लुधियाना7 घंटे पहले

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पहले पंजाब कांग्रेस की प्रधानगी छीनने और फिर CM पद नहीं मिल पाने से आहत सुनील जाखड़ ने एक बार कांग्रेस के नेताओं और पार्टी की मुखालफत करने वालों को सीख दी है। दिल्ली पहुंचने के 48 घंटे बाद, शुक्रवार सुबह जाखड़ ने ट्वीट के जरिये जिस तरह अपनी बात रखी, उससे ऐसा लग रहा है कि उनकी पार्टी हाईकमान से नाराजगी दूर हो चुकी है। जाखड़ ने इंग्लिश में लिखा एक पेज का पैराग्राफ ट्वीट कर बेहद नपे-तुले शब्दों में पंजाब के अंदर दलित मुख्यमंत्री बनाने को लेकर चल रही बयानबाजी पर न सिर्फ अपना स्टैंड रखा बल्कि वह एक हद तक पार्टी के फैसले को जस्टिफाई करते भी नजर आए।

जाखड़ के ट्वीट के अनुसार, चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का सीएम बनाए जाने को विरोधी एक व्यक्ति विशेष की मंशा के रूप में देख रहे हैं जबकि यह फैसला कांग्रेस पार्टी के हाईकमान ने लिया है। जाखड़ ने यहां नवजोत सिद्धू का नाम तो नहीं लिखा मगर ‘व्यक्ति विशेष की मंशा’ के रूप में उनका इशारा सिद्धू की ओर ही रहा।

सुनील जाखड़ की ओर से किया गया ट्वीट

सुनील जाखड़ की ओर से किया गया ट्वीट

सिर्फ राहुल गांधी के नाम का जिक्र

सुनील जाखड़ ने एक पेज के पैराग्राफ में कांग्रेस पार्टी के सिर्फ एक नेता के नाम का जिक्र किया और वह राहुल गांधी रहे। जाखड़ ने लिखा कि राहुल गांधी का यह फैसला काफी बोल्ड है और इसने पंजाब में चल रही कई भ्रांतियों को तोड़ा है।

इसके साथ ही जाखड़ ने ताजा बदलाव के बाद पंजाब की भाईचारक सांझ और मेलजोल को बचाकर रखने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें पहले से फूट डालने वाले काम करती रही हैं। ऐसे में पंजाबियों को एक बार फिर भाईचारक सांझ का परिचय देना होगा। अंत में उन्होंने लिखा कि नई कांग्रेस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

सीएम के रूप में नाम कटने से थे नाराज

कट्‌टर कांग्रेसी परिवार से होते हुए भी सुनील जाखड़ सिर्फ इसलिए पंजाब के CM नहीं बन पाए क्योंकि वह हिंदू परिवार से आते हैं। एक समय तक उनका मुख्यमंत्री बनना तय लग रहा था मगर ऐन मौके पर कांग्रेस की राज्यसभा सांसद अंबिका सोनी ने ‘सिख स्टेट-सिख सीएम’ का कार्ड चलकर जाखड़ का पत्ता साफ कर दिया। इसके बाद जाखड़ का गुस्सा लावे की तरह फूटा और उन्होंने बिना किसी का नाम लिए इस फैसले पर सवाल उठा दिए। उन्होंने बाकायदा अकाल तख्त के जत्थेदार का बयान भी ट्वीट किया जिसके अनुसार पंजाब का CM सिख बनता है या हिंदू, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

राहुल-प्रियंका से मीटिंग के 24 घंटे बाद बदला जाखड़ का स्टैंड

दो दिन की नाराजगी के बाद बुधवार को जाखड़ की चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर राहुल-प्रियंका से मुलाकात हुई और उसके बाद वह उन्हीं के साथ दिल्ली चले गए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वीरवार को नई दिल्ली में जाखड़ की कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं से मीटिंग हुई। वीरवार को मंत्रिमंडल विस्तार के सिलसिले में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी दिल्ली बुलाया गया। कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान सुनील जाखड़ को केंद्रीय राजनीति में एडजस्ट करना चाहता है जबकि जाखड़ पंजाब में ही रहना चाहते हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि वीरवार को राहुल-प्रियंका से मुलाकात के 24 घंटे बाद जिस तरह जाखड़ के स्टैंड में बदलाव है, उसे देखकर लग रहा है कि आने वाले दिनों में उन्हें कहीं न कहीं सम्मानजनक पद देने का फैसला हो सकता है।

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