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‘तेजी से बढ़ रहा कोरोना, लेकिन अस्पतालों में मरीज भर्ती होने की दर स्थिर’

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यहां कोरोना के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं!

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यहां कोरोना के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन पिछले चार दिनों से संक्रमण के कारण अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की दर स्थिर है। रोजाना आने वाले नए मामलों की तुलना में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की दर फिलहाल नियंत्रण में है और मरीजों की संख्या संतुलित है। हम आशा कर हैं कि यह इस लहर का चरम हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त है और हम गंभीर परिस्थितियों से भी हर हाल में निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं।

उन्होंने आइसीयू में भर्ती हो रहे मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अस्पतालों में आइसीयू बिस्तरों पर भर्ती मरीजों में बहुत कम ऐसे मामले हैं जो सिर्फ कोरोना के कारण आइसीयू में भर्ती हुए हैं। ज्यादातर मरीज़ ऐसे हैं जो किसी अन्य बीमारी का इलाज करवा रहे हैं और जांच कराए जाने पर कोरोना का भी पता चला है।

यानी अगर कोई व्यक्ति किसी बीमारी से पीड़ित है और अस्पताल में अपना इलाज करने के लिए आता है, तो इलाज के नवाचार के अनुसार उसका कोविड जांच किया जाता है और संक्रमित पाए जाने पर उसका आगे का इलाज़ कोरोना वार्ड में ही चलता है। इसका मतलब यह है कि अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज कोरोना से कम, लेकिन अन्य बीमारियों के कारण ज्यादा भर्ती हो रहे हैं। चूंकि उन्हें कोरोना भी है, तो उन्हें भी हम कोरोना के आइसीयू बिस्तरों में भर्ती मरीजों की गिनती में शामिल किया जाता है।

उन्होंने कहा कि मरीजों के भर्ती होने की स्थिर दर यह संकेत देती है कि कोरोना की यह लहर स्थिर हो गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की दर स्थिति का प्रमुख संकेतक है न कि संक्रमण की संख्या या संक्रमण दर। उन्होंने उम्मीद भी जताई कि मामलों में जल्द ही गिरावट आनी शुरू हो सकती है।

अस्पतालों में बिस्तरों का हाल

मंत्री ने कहा लोकनायक अस्पताल में हमारे पास 750 बिस्तर हंै और केवल 130 बिस्तरों पर मरीज भर्ती हैं। गुरु तेग बहादुर अस्पताल में 750 बिस्तरों में से करीब 30 पर ही मरीज हैं। हम इस दोनों अस्पतालों में 1000 बिस्तर और बढ़ा सकते हैं। दिल्ली के अन्य अस्पताल जैसे दीनदयाल अस्पताल, लोकनायक अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी तैयारियां की गई हैं। दिल्ली सरकार की ओर से अस्पतालों में कुल 37 हजार बिस्तरों का इंतजाम किया है। अभी फिलहाल 15 हजार बिस्तरों को चालू किया गया है। गुरुवार को दिल्ली में 28 हजार से अधिक मामले आए, जो महामारी के फैलने के बाद से एक दिन में आए सबसे अधिक मामले हैं और 31 लोगों की मौत हुई जबकि संक्रमण दर बढ़कर 29.21 हो गई।

कोविड अस्पताल के 41 डाक्टर एक दिन में संक्रमित

दिल्ली के सबसे बड़े कोविड केंद्र लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में एक ही दिन में 41 डाक्टर संक्रमित हुए हैं। इनमें मेडिकल छात्र सहित प्रशिक्षु डाक्टर, कनिष्ठ रेजिडेंट, वरिष्ठ रेजिडेंट और संकाय सदस्य भी शामिल हैं। इसी तरह दिल्ली के अन्य अस्पतालों में भी रोजाना डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के संक्रमण का मामला बढ़ता ही जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवा चरमराने की आशंका है। लोकनायक अस्पताल में 12 जनवरी को आई जांच रपट में करीब दो दर्जन डाक्टर इस संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। गुरुवार को संक्रमित होने वालों में एक संकाय सदस्य भी शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में नर्स व अन्य कर्मचारी भी संक्रमित पाए गए हैं। इसके पहले भी काफी डाक्टर संक्रमित हुए थे।

इस बार सरकार ने कोरोना ड्यूटी करने वाले डाक्टरों के लिए अलग से एकांतवास की सुविधा भी नहीं दी है। इससे परेशान डाक्टरों ने आवाज उठाई है। फेडरेशन आफ रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा), फाइमा डाक्टर एसोसिएशन व आरएमएल रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने इस बारे में सरकार को पत्र लिख कर कहा है कि कोरोना से उनको और उनके परिवार में संक्रमण बढ़ने का खतरा है। उनके एकांतवास की सुविधा पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि एक अनमान के मुताबिक दिल्ली में एक हजार से अधिक डाक्टर संक्रमित है। फेडरेशन आफ रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डा मनीष ने कहा है कि ड्यूटी के बाद पहले की तरह एकांतवास मिलना चाहिए।

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