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‘तू चोर मैं सिपाही फिल्म’ से प्रभावित हो कर नाबालिग ने कर दी दिव्यांग की हत्या, नई दिल्ली स्टेशन से गिरफ्तार

'तू चोर मैं सिपाही फिल्म' से प्रभावित हो कर नाबालिग ने कर दी दिव्यांग की हत्या, नई दिल्ली स्टेशन से गिरफ्तार

पूछताछ में नाबालिग आरोपी ने बताया कि वह दिव्यांग किशोर की सफाई का काम करते हुए अपमानित महसूस कर रहा था

नई दिल्ली:

दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव इलाके में दिव्यांग लड़के की हत्या और लूटपाट कर फरार नाबालिग नौकर 3 घण्टे के अंदर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उस समय पकड़ लिया, जब वो वैशाली एक्सप्रेस से अपने गांव बिहार भाग रहा था. पूछताछ में उसने बताया कि वह हिन्दी फिल्म ‘तू चोर और मैं सिपाही’ से प्रभावित था. दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी मनोज सी के मुताबिक 1 अगस्त की शाम को करीब पांच बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि सफदरजंग डिवेलपमेंट एरिया में एक नौकर ने एक दिव्यांग लड़के की हत्या कर दी है. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो एक दिव्यांग लड़का का शव बिस्तर पर पड़ा था.

मृतक की बहन ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता और दादी सहित उसके परिवार के सभी लोग अपने बेटे को अपनी बहन के साथ घर पर छोड़कर मंदिर गए थे. इसके बाद उसकी बहन भी कुछ  समय के लिए अपने भाई और नााबालिग नौकर को छोड़कर ग्रीन पार्क बाजार चली गई. जब उसकी बहन वापस आई तो देखा कि उसका भाई बिस्तर पर मृत पड़ा था और नौकर भी गायब था. बाद में पता चला कि घर से गहने और 40 हजार कैश गायब थे. मामले की गंभीरता को देखते हुये तुरंत छह टीमें बनाई गई, जिसमें 64 पुलिसकर्मी शामिल थे. जांच में पता चला कि करीब 6 महीने पहले दिव्यांग लड़के की देखभाल के लिए उसे नौकरी पर रखा गया था. पुलिस को आरोपी का बैंक अकाउंट, एक फोटो और  मोबाइल नंबर मिला जो बंद जा रहा था. 

जांच में पता चला कि वो बिहार के सीतामढ़ी का है. हौजखास में रहने वाले उसके रिश्तेदारों से पूछताछ की गई तो पता चला कि वो अपने गांव जा सकता है. उसके बाद नौकर का पता लगाने के लिए टीमों को तुरंत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और बस अड्डों में  भेजा गया. तलाशी के दौरान नाबालिग नौकर वैशाली एक्सप्रेस में बैठा हुआ दिखाई पड़ा. उसके बाद उसे पकड़ पूछताछ की गई और तलाशी ली गई तो उसके पास से गहने व कैश भी बरामद हो गया. 

पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह दिव्यांग किशोर की सफाई का काम करते हुए वह अपमानित महसूस कर रहा था और नौकरी छोडऩे की कोशिश में था लेकिन उसके पास घर जाने के लिए पैसा नहीं था. इसलिए उसने घर में लूटपाट करने की प्लानिंग की. वारदात वाले दिन वो गहने और कैश लूट वहां से जाने की तैयारी करने लगा. लेकिन घर में मौजूद दिव्यांग ने इसका विरोध किया. जिस पर उसने गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी. फिर उसने मौके पर ब्लैक रंग का दस्ताना भी छोड़ गया और शीशे पर किंग लिख कर फरार हो गया. जांच में पता चला कि नाबालिग नौकर 17 साल 11 महीने का है और तू चोर और मैं सिपाही फ़िल्म से प्रभावित है. 

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