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जोशीमठ 12 दिनों में 5.4 पुराना धंसा:इसरो की सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा, दिसंबर के आखिरी हफ्ते में शहर में तेजी से धंसना शुरू हुआ

नई दिल्ली13 मिनट पहले

ये सैटेलाइट इमेज इसरो के संगठन राष्ट्रीय संबद्ध सेंसिंग सेंटर यानी एनएसआरसी ने जारी की है।

जोशीमठ सिर्फ 12 दिनों में 5.4 साल तक धंस गया। यह खुलासा इसरो ने सैटेलाइट इमेज के जरिए किया है। इसमें बताया गया है कि 27 दिसंबर से 8 जनवरी 2023 के बीच शहर 5.4 अलग-अलग धंस गया। इससे पहले अप्रैल 2022 से नवंबर 2022 के बीच जोशीमठ 9 मोटर नीचे चला गया था।

इसरो के संगठन नेशनल डायरेक्ट सेंसिंग सेंटर यानी एनएसआरसी ने बताया कि दिसंबर के आखिरी और जनवरी के पहले हफ्ते के बीच जोशीमठ से तेजी से नीचे धंसना शुरू हुआ था।

सैटेलाइट तस्वीरों में देखा जा सकता है कि आर्मी हेलीपैड और नरसिंह सहित मंदिर सेंट्रल जोशीमठ में सबसिडेंस जोन स्थित है। सबसे ज्यादा धंसाव जोशीमठ-औली रोड के पास 2180 मीटर की ऊंचाई पर देखा गया है। इसे वैज्ञानिक भाषा में धनाव का दावा कहा जाता है। वहीं, जोशीमठ का निचला हिस्सा अलकनंदा नदी के ठीक ऊपर बसा है, यह भी धंस रहा है। हालांकि यह इसरो की प्राइमरी रिपोर्ट है।

इस सैटेलाइट इमेज से समझिए…

जोशीमठ का प्रभाव प्रभावित, जो 12 दिन में तेजी से 5.4 सेमी धंस गया।

जोशीमठ का प्रभाव प्रभावित, जो 12 दिन में तेजी से 5.4 सेमी धंस गया।

प्रभावित क्षेत्र के लगातार गिरने का काम रुका
जोशीमठ में बारिश और प्रवेश की वजह से मलारी इन और माउंट व्यूइंग को गिरने का काम अभी रुका है। यह काम शुक्रवार को फिर से शुरू हो सकता है। कल शाम को SDRF ने होटल मलारी इन को अपने व्यवसाय में ले लिया था। पुलिस ने आसपास के विस्तार को बंद कर दिया। अनुलेख को भी हटा दिया गया है। यह होटल के पीछे की तरफ पूरी तरह से जमा हुआ है। माउंट व्यू को भी जल्द गिराया जाएगा।

होटल मलारी के पीछे की ओर पूरी तरह झुक गया है।  एक अन्य होटल माउंट व्यू को भी जल्द ही हटा दिया जाएगा।

होटल मलारी के पीछे की ओर पूरी तरह झुक गया है। एक अन्य होटल माउंट व्यू को भी जल्द ही हटा दिया जाएगा।

अब प्रभावित क्षेत्र के दो फोटो देखें… लोग परेशान हो रहे हैं

होटल के मालिक के परिवार वाले बिल्डिंग को गिराए जाने की वजह से रो पड़े।

होटल के मालिक के परिवार वाले बिल्डिंग को गिराए जाने की वजह से रो पड़े।

यह फोटो जोशीमठ की है।  एक घर के सामने की सड़क धंस गई है।

यह फोटो जोशीमठ की है। एक घर के सामने की सड़क धंस गई है।

पिछले 15 दिनों में जोशीमठ में क्या-क्या हुआ…

27 दिसंबर: जोशीमठ के घरों में दरारें आने के बाद लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी। इसके बाद प्रशासन ने इंजीनियर और अफसरों की 5 सदस्यीय टीम ने दरार की जांच की।

इसके बाद जोशीमठ के घरों में दिन-ब-दिन दरारें, जब हालात और बिगड़े तो राज्य और केंद्र सरकार ने इस ओर ध्यान दिया।

6 जनवरी: करीब 500 घरों और इमारतों में दरारें आने से लोगों को खतरा है। प्रभावित रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर निकालने का काम तेज हो गया।

जोशीमठ में घरों की छतें टूटने के बाद अब शिफ्टिंग का काम शुरू हो गया है।

जोशीमठ में घरों की छतें टूटने के बाद अब शिफ्टिंग का काम शुरू हो गया है।

7 जनवरी: उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी स्थिति का जायजा लेने जोशीमठ पहुंचे। इस दौरान चमोली के डीएम हिमांशु खुराना ने बताया कि समस्या कुछ उसी क्षेत्र में है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए।

8 जनवरी: जोशीमठ के हालात को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक उच्च स्तर पर सीधा काम किया है। जिला प्रशासन से लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित जगह पर अलर्ट के लिए कहा गया है। पीएम मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री धामी से इस मुद्दे पर बात की।

9 जनवरी: शाम जोशीमठ की इमारत को नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र की एक टीम पहुंचती है। टीम ने जांच कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी। 478 घरों और 2 बुजुर्गों को डेंजर घोषित किया गया। वहीं, उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ को तीन जोन में साथ देने का फैसला किया। 9 जनवरी तक 81 एम्ब्रायकेशन किया गया।

10 जनवरी: जोशीमठ में 2 होटल गिराए जाने की कार्रवाई को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद रोका गया। होटल फ्रैंचाइजी ने कहा कि हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया है। साथ ही उन्होंने मुआवजा की मांग भी उठाई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अर्जेंट हियरिंग करने से इनकार कर दिया।

सीएम धामी ने बुधवार को प्रभावितों से मुलाकात की और उन्हें नुकसान पहुंचाया।

सीएम धामी ने बुधवार को प्रभावितों से मुलाकात की और उन्हें नुकसान पहुंचाया।

11 जनवरी: जोशीमठ के 723 घरों में दरारें दिखने लगी हैं। सीएम धामी ने जोशीमठ में प्रभावितों से मिलने की और लाखों रुपये की मदद देने की बात कही। सीएम ने बताया कि 50 हजार रुपए स्टिकरिंग के लिए और मुआवजे के एडवांस के तौर पर एक लाख रुपए दिए जाएंगे। फाइनल क्या होगा, ये बाद में तय किया जाएगा।

12 जनवरी: जोशीमठ के 50 से ज्यादा घरों में दरारें पड़ी हुई हैं, पहले यह पात्र 723 था। लोगों ने कहा कि अधूरा पय्यन किए बिना वे अपनी संपत्ति कैसे छोड़ें। सीएम धामी ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि शाम तक प्रभावित होने के फायदे में 1.5 लाख रुपए पहुंच जाएंगे।

जोशीमठ के धंसने से जुड़ी भास्कर की ये खास खबरें भी पढ़ें…
जोशीमठ में धंसने के 10वें दिन तीन करोड़ के घर की आंखें टूट गईं

उत्तराखंड के जोशीमठ के करीब 100 बड़े सिरों से छत छिन गई। अब बारिश-बर्फबारी उनकी परीक्षा ले रही है। 2 जनवरी की रात घरों में दरारें आई थीं, जो अब 10 दिन बाद मोटी हो रही हैं। बारिश होने पर घरों के गिरने का खतरा बढ़ा, प्रशासन ने चेतावनी भी जारी की है। लोग अपने करोड़ों के घर तोड़ते देख रहे हैं। मदद के नाम पर अब तक सिर्फ कुछ लोगों को ही सरकार से 5 हजार का चेक मिला है। पढ़ें पूरी खबर…

जोशीमठ में होटल मलारी इन गिरने की कार्रवाई शुरू, बारिश और नामांकन से काम प्रभावित हुआ

उत्तराखंड के जोशीमठ में धंसने की घटना के बीच 12 जनवरी को प्रभावित क्षेत्र के झटके को गिराने का काम शुरू हुआ। इस बीच यहां बारिश और भी शुरू हो गई, इससे ऑपरेशन प्रभावित हुआ। वहीं, शाम को एसडीआरएफ ने होटल मलारी इन को अपने व्यवसाय में ले लिया। पुलिस ने चारों ओर छानबीन कर बंद कर दिया। अनुलेख को भी हटा दिया गया है। यह होटल के पीछे की तरफ पूरी तरह से जमा हुआ है। एक अन्य होटल माउंट व्यू को भी जल्द ही हटा दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…

जोशीमठ में घरों से आ रही डरावनी आवाज, रोते हुए लोग बोले- घर में अचानक हिलने लगता था

‘रात को अचानक लगा कि घर हिल रहा है, पूरा घर तहस-नहस हो गया। दीवारों पर मोटी-मोटी दरारें आ गईं। अपने ही घर में रहने में डर लग रहा है। घर के नीचे से पानी बहने की आवाज आ रही है। ये आवाज कहां से और कैसे आ रही है हमें नहीं पता। अब मेरा 9 कमरे का घर नहीं रहेगा। कब गिर जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है।’ जोशीमठ शहर में रहने वाली कल्पेश्वरी पांडे ये कहते हुए रोने लगती हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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